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मरने के बाद भी अब तक जिंदा है ये शख्स! जानिए कैसे हो रही है मरकर लौटे आदमी की दोबारा शादी

लाल बिहारी आजमगढ़ जिले के अमिलो गांव के रहने वाले हैं और उन्हें आधिकारिक तौर पर 1975 में मृत घोषित कर दिया गया था।

लाल बिहारी मृतक फिर रचाना चाहते हैं अपनी पत्नी संग ब्याह।(सांकेतिक चित्र, Unsplash)

सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ घोषित होने के बाद लाल बिहारी ‘मृतक’ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने खुद को जिंदा’ साबित करने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी। ‘मृतक’ लाल बिहारी अब अपनी 56 वर्षीय पत्नी कर्मी देवी से दोबारा शादी करने की योजना बना रहे हैं क्योंकि उसे दोबारा जिंदा हुए 27 साल हो चुके हैं। 30 जून 1994 को उन्हें जीवित घोषित कर दिया गया था।

लाल बिहारी ने संवाददाताओं से कहा, “27 साल पहले सरकारी रिकॉर्ड में मेरा पुनर्जन्म हुआ था। शादी समारोह 2022 में होगा, जब मैं सरकारी रिकॉर्ड में अपने पुनर्जन्म के बाद 28 साल का हो जाऊंगा।”


मृतक के तीन बच्चे हैं-दो बेटियां और एक बेटा। सभी की अब शादी हो चुकी है।

लाल बिहारी मृतक अपनी पत्नी के संग।(आईएएनएस)

अब 66 वर्षीय लाल बिहारी ने कहा कि वह अपनी पत्नी से पुनर्विवाह करना चाहते हैं और लोगों का ध्यान ‘जीवित मृतकों’ की दुर्दशा की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।

लाल बिहारी ने कहा, “हालांकि मैंने अपना केस लड़ा और जीता, लेकिन वास्तव में व्यवस्था में बहुत कुछ नहीं बदला है। मैं 18 साल तक सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ रहा। अभी भी ऐसे लोग हैं जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया है और उनकी जमीन को रिश्तेदारों द्वारा सरकारी अधिकारी की मिलीभगत से हड़प लिया गया है। मैं पिछले दशकों में ऐसे पीड़ितों की मदद कर रहा हूं, लेकिन अभियान जारी रहना चाहिए।”

यह भी पढ़ें: 7 साल की दोस्ती के बाद गुरुग्राम में दो लड़कियों ने एक-दूसरे से की शादी

लाल बिहारी आजमगढ़ जिले के अमिलो गांव के रहने वाले हैं और उन्हें आधिकारिक तौर पर 1975 में मृत घोषित कर दिया गया था अपनी पहचान वापस पाने के लिए अपनी कानूनी लड़ाई के दौरान, उन्होंने अपने नाम में ‘मृतक’ (मृतक) जोड़ा। उन्होंने अपने जैसे मामलों को उजागर करने के लिए एक मृतक संघ भी बनाया। फिल्म निर्माता सतीश कौशिक ने उनके जीवन पर एक फिल्म ‘कागज’ बनाई है और अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने मृतक की भूमिका निभाई है। (आईएएनएस-PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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