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यूपी बनेगा हेल्थ टूरिज्म का नया डेस्टिनेशन : योगी आदित्यनाथ

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां सोमवार को कहा कि आज के दौर में दुनिया आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। कोविड काल के अनुभवों ने पूरी दुनिया को प्राचीन भारतीय ऋषि परंपरा की देन इन चिकित्सा विधियों को वैश्विक स्वीकार्यता दी है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां सोमवार को कहा कि आज के दौर में दुनिया आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। कोविड काल के अनुभवों ने पूरी दुनिया को प्राचीन भारतीय ऋषि परंपरा की देन इन चिकित्सा विधियों को वैश्विक स्वीकार्यता दी है। इस लिहाज से उत्तर प्रदेश को दुनिया के लिए नए हेल्थ टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नवचयनित 1065 आयुर्वेद/होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण तथा 142 हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटरों का शुभारंभ कर रहे थे।

नवचयनित चिकित्सकों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे ऋषियों ने ‘नास्ति मूलं अनौषधं’ का सूत्र दिया है। इसका आशय है कि कोई भी मूल कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं जिसमें औषधीय गुण न हो। हमें अपनी जिज्ञासु प्रवृत्ति को विस्तार देते हुए वनस्पतियों के औषधीय गुणों के संबंध में नए शोध करने चहिए। उन्होंने कहा कि जिन ‘दादी के नुस्खों’ को पुरातन मान कर उपेक्षा की जाती थी, आज कोविड काल में वही काढ़ा, हींग, हल्दी, अदरक, कालीमिर्च, तुलसी और गिलोय आदि हमारे लिए जीवनदायिनी सिद्ध हुए। हमें इसका महत्व समझना होगा और इसी के अनुसार भविष्य की राह बनानी होगी।


प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित 142 योग और वेलनेस सेंटरों का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेंटर हेल्थ टूरिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अभी भले ही यह योग प्रशिक्षण दे रहे हों किन्तु निकट भविष्य में यहां षट्कर्म जैसी विधियों का प्रशिक्षण भी दिया जाना चहिए। योगी के ‘मिशन रोजगार’ के क्रम में सोमवार को प्रदेश में 1065 नए आयुष/होम्योपैथिक चिकित्सकों की तैनाती हुई।

वर्चुअल माध्यम से संवाद करते हुए सीएम योगी ने सभी को बधाई दी। नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी नेचुरोपैथी चिकित्सा विधियों में अभी बहुत संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाना महज सरकारी डॉक्टर के पद पर चयनित होने तक सीमित नहीं है, इसे मिशन रूप में लेना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि शुचिता और पारदर्शिता पूर्ण प्रक्रिया के जरिये अपनी मेरिट के बल पर चयनित हुए यह चिकित्सक निश्चित ही चिकित्सक के मूल धर्म का पालन करेंगे। बता दें कि बीते ढाई दशक में यह पहला अवसर है कि जब आयुष विभाग में एक साथ इतनी संख्या में चिकित्सकों की नियुक्ति हुई है।


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मुख्यमंत्री आवास पर हुए कार्यक्रम में जनपद रायबरेली में तैनाती पाने वाली डॉ. श्रेया पांडेय व डॉ. वसीम, कुशीनगर के डॉ. ऋषभ कुमार, बाराबंकी की डॉ. पारुल वर्मा, सीतापुर के डॉ. रत्नेश कुमार, उन्नाव की डॉ. निहारिका गुप्ता, गोंडा की डॉ. तान्या वाष्र्णेय, सुल्तानपुर के डॉ. आशीष गोयल और लखनऊ में तैनाती पाने वाली डॉ. बबिता कैन व डॉ. अदिति सोनकर को नियुक्ति पत्र प्रदान किया, जबकि वर्चुअली इस कार्यक्रम से जुड़े शेष नव चयनित चिकित्सकों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ । (Social media )

आयुष टेलीमेडिसिन सेवा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयुष टेलीमेडिसिन सेवा की शुरूआत भी की। इस नई सेवा से प्रदेशवासियों को अब घर बैठे आयुष विशेषज्ञों से परामर्श लेने की सुविधा मिल सकेगी। आयुष टेलीमेडिसिन की राज्यव्यापी सेवा शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। प्रथम चरण में गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ सहित प्रदेश के 16 जनपदों की 384 डिस्पेंसरियां इस व्यवस्था से जुड़ी हैं। कोई भी जरूरतमंद आयूषयूपीडैशटेलिमेडिसिन डॉट इन पर इस बारे में जानकारी ले सकता है। वेबसाइट के अलावा आयुष कवच-कोविड ऐप के माध्यम से रोगी को अपना पंजीकरण कर इस आयुष टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ ले सकता है।

कार्यक्रम में प्रदेश के आयुष विभाग के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्म सिंह सैनी ने कहा कि कोरोना काल में आयुष काढा और आयुष कवच-कोविड के अभिनव प्रयासों ने करोड़ों लोगों के जीवन की रक्षा की। उन्हें आवश्यक विशेषज्ञों का परामर्श मिला। अब 1065 चिकित्सकों की नियुक्ति, आयुष टेलीमेडिसिन सेवा और योग एन्ड वेलनेस सेंटर उत्तर प्रदेश के लोगों को समय पर, सहजता से गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा देने में सहायक होंगे।(आईएएनएस)

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यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कांग्रेस(Congress) को अरसा हो गया है सत्ता में आए हुए। लगभग 3 दशक हो गए हैं और अब तक कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके कई कारण है पर सबसे बड़ा कारण है राज्य में कांग्रेस का गठबंधनों पर निर्भर रहना।

कांग्रेस का गठबंधन(Alliance) का खेल साल 1989 ने शुरू हुआ जब राज्य में वो महज़ 94 सीटें जीत पाई और उसने तुरंत मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार को समर्थन दे दिया था।

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मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

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