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मनोरंजन

ट्विटर पर कंगना, उर्मिला में तेज हुई जुबानी जंग

उर्मिला मातोंडकर और कंगना रनौत के बीच सोशल मीडिया पर लड़ाई उस समय और तेज हो गई जब कंगना ने उर्मिला से पूछा कि उनके नए ऑफिस के लिए 3 करोड़ रुपए कहां से आए। एक वीडियो क्लिप में उर्मिला ने कहा कि वह साबित कर सकती है कि उन्होंने वैध रूप से संपत्ति खरीदी

उर्मिला मातोंडकर और कंगना रनौत के बीच सोशल मीडिया पर लड़ाई उस समय और तेज हो गई जब कंगना ने उर्मिला से पूछा कि उनके नए ऑफिस के लिए 3 करोड़ रुपए कहां से आए। एक वीडियो क्लिप में उर्मिला ने कहा कि वह साबित कर सकती है कि उन्होंने वैध रूप से संपत्ति खरीदी है।

उर्मिला ने कहा: नमस्कार कंगना जी। मुझे मेरे बारे में आपकी राय का पता चला। वास्तव में, पूरे देश ने इसे सुना है। मैं आज पूरे देश के सामने आपको सूचित करना चाहूंगी कि मैं किसी भी समय और अपके पसंद के स्थान पर दस्तावेज मुहैया कराने के लिए तैयार हूं। इन दस्तावेजों में 2011 में अंधेरी में खरीदे गए फ्लैट के कागजात शामिल हैं, जो मैंने 25 से 30 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद हासिल की थी। मैंने मार्च के पहले सप्ताह में फ्लैट बेच दिया और यह साबित करने के लिए मेरे पास पर्याप्त दस्तावेज हैं। उसी पैसे से मैंने नया ऑफिस खरीदा है और उसके दस्तावेज भी मेरे पास हैं।


आपकी सरकार ने आपको वाई-प्लस सुरक्षा दी है क्योंकि आपने उन्हें बताया था कि आपके पास एनसीबी के नामों की एक सूची है। राष्ट्र आपकी सूची की प्रतीक्षा कर रहा है। राष्ट्र कठिन दौर से गुजर रहा है और ड्रग के खिलाफ हमें लड़ाई लड़नी होगी। इसलिए, मैं चाहती हूं कि जब आप आएं तो आप उस सूची को साथ में लाएं।

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उर्मिला ने अपने वीडियो संदेश को समाप्त करते हुए कहा, मुझे आपके जवाब का इंतजार है। तब तक जय हिंद, जय महाराष्ट्र और गणपति बप्पा मोरया।

उर्मिला का वीडियो कंगना के पहले दिन के ट्वीट के जवाब में था, जिसमें उन्होंने कहा था, प्रिय उर्मिला जी, मैंने जो खुद की मेहनत से घर बनाया, वो भी कांग्रेस तोड़ रही है। सच में भाजपा को खुश करके मेरे हाथ सिर्फ 25-30 केसेज ही लगे हैं। काश मैं भी आपकी तरह समझदार होती तो कांग्रेस को खुश करती। कितनी बेवकूफ हूं मैं।

अभिनेत्री कंगना द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीन-शॉट।(Twitter )

उर्मिला, जो पहले कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुकी हैं, पिछले साल दिसंबर में शिवसेना में शामिल हुई थीं। कंगना के साथ उनके शब्दों की लड़ाई पिछले कुछ महीनों में बढ़ी है।(आईएएनएस)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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