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रक्षाबंधन पर महिला पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री का तोहफा, ‘बीट पुलिस अधिकारी’ के रूप में हो सकेगी तैनाती

रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महिला पुलिसकर्मियों को पुरुष सहकर्मियों की तरह ही बीट पुलिस अधिकारी के रूप में तैनाती का उपहार देंगे।

बीट पुलिस अधिकारी’ के रूप में हो सकेगी तैनाती।(Pixabay)

यूपी की बेटियों के लिए इस बार का रक्षाबंधन पर्व बेहद खास होने वाला है। पर्व से एक दिन पूर्व 21 अगस्त को मिशन शक्ति तीन के शुभारंभ के साथ योगी सरकार महिलाओं-बेटियों को कई बड़े तोहफे देने की तैयारी में है। सबसे ज्यादा तोहफे महिला पुलिसकर्मियों के लिए होंगे। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महिला पुलिसकर्मियों को पुरुष सहकर्मियों की तरह ही बीट पुलिस अधिकारी के रूप में तैनाती का उपहार देंगे, तो महिला पुलिसकर्मियों के नन्हें-मुन्ने बच्चों के लिए सभी 78 पुलिस जनपदों में बालवाड़ी का उपहार भी मिलेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी ने 21 अगस्त से शुरू होने जा रहे ‘मिशन शक्ति’ के तीसरे चरण के तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य समारोह की तर्ज पर शेष जिलों में भी विशेष आयोजन किए जाएं।

सीएम के निर्देशानुसार, सभी कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों में ख्यातिनाम महिलाएं ही बतौर अतिथि मंचासीन होंगी। मुख्य समारोह में ओलम्पिक प्रतिभागी बेटियों की खास मौजूदगी हो सकती हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से वंचित 1.5 लाख बेटियों को और निराश्रित महिला पेंशन योजना की पात्र 1.73 लाख नई लाभार्थी महिलाओं को योजना से जोड़ा जाएगा। मुख्य समारोह और जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में कोविड काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला स्वयंसेवी संगठनों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसके अलावा, करीब 1300 थानों में पिंक टॉयलेट निर्माण, नवनिर्मित ग्राम सचिवालयों में ‘मिशन शक्ति हेल्पडेस्क’, महिला पुलिसकर्मियों के खाली पदों पर भर्ती जैसी उपहार मिलने की भी संभावना है। कार्यक्रम में करीब एक करोड़ महिलाओं-बेटियों की सहभागिता कराने की तैयारी है। योगी सरकार की ओर से सभी को एक-एक मास्क और राखी का सुरक्षा कवर भी प्रदान किया जाएगा। समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने इन विषयों पर विस्तृत तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। जिलों में अयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्रीगणों/स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति होगी।


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21 अगस्त से शुरू हो रहा मिशन शक्ति का तीसरा चरण कई मायनों में खास होगा। शुक्रवार को लोकभवन में समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक के दो चरण में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से उपयोगी सिद्ध हुए हैं। अब नए चरण में इन दो विषयों के साथ स्वावलंबन पर फोकस करना होगा। महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सीएम ने सोनभद्र, चंदौली, मीरजापुर, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और रामपुर जिलों में भी झांसी की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की तर्ज पर उत्पादक इकाइयों के गठन के निर्देश दिए हैं। यही नहीं, दिसंबर तक 01 लाख नई स्वयं सहायता समूहों के गठन का भी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अभियान के तहत ग्रामीण अंचलों में खेतिहर श्रमिक, पशुपालक, ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली महिलाओं, स्कूल ड्रॉपआउट बेटियों पर ध्यान केन्द्रित करके शक्ति मोबाइल द्वारा जागरूकता व प्रवर्तन का अभियान चलाने की जरूरत भी बताई।

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास, माध्यमिक, बेसिक व उच्च शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, नगर विकास, युवा कल्याण सहित सभी संबंधित विभागों को मिशन शक्ति के नए चरण के दौरान महिला हित से जुड़ीं सरकार की योजनाओं से महिलाओं को लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला से जुड़े अपराध हो अथवा उनकी कोई अन्य समस्या, सभी कार्यालय इनका समाधान शीर्ष प्राथमिकता के साथ करना सुनिश्चित करें। ग्राम विकास विभाग की कार्ययोजना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निमार्णाधीन ग्राम सचिवालय को ग्राम पंचायतों को एक व्यवस्थित स्वरूप देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि गांवों में सामुदायिक शौचालय, बीसी सखी जैसे प्रयास महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। सीएम ने अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की जांच के विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए तो शिक्षा विभाग को लैंगिक संवेदनशीलता, अभिभावकों में जागरूकता, किशोरी बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने जैसे प्रयास करने पर बल दिया।(आईएएनएस-SHM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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