Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
संस्कृति

इस दशहरा मोबाइल से होगा रावण दहन

युवा वैज्ञानिक श्याम चैरासिया के निर्देशन में बच्चों ने स्मार्ट रावण बनाया है। जो कि सोशल मीडिया के माध्यम से जय श्री राम का कमांड डालने से जलेगा।

इस साल कोरोना की वजह से सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है तब रावण दहन कैसे इससे अछूता रहे। (सांकेतिक चित्र, Wikimedia Commons)

By: विवेक त्रिपाठी

कोरोना संकट की वजह से इस बार रावण दहन भी सिर्फ रस्म आदयगी भर रह जाएगी। दशहरा में इस बार वाराणसी के बच्चों ने समाजिक दूरी को बनाए रखते हुए मोबाइल से रावण दहन करने का नयाब तरीका ढूढा है। इसमें भीड़ तो नहीं होगी लेकिन पुतले दहन का आनंद और उल्लास पहले की तरह होगा। यहां के कुछ बच्चों ने एक डिवाइस विकसित की है। जो कि जय श्री राम के टाइप करते ही कमांड देगी और काम करने लगेगी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रहने वाले युवा वैज्ञानिक श्याम चैरासिया के निर्देशन में बच्चों ने स्मार्ट रावण बनाया है। जो कि सोशल मीडिया के माध्यम से जय श्री राम का कमांड डालने से जलेगा।

श्याम ने आईएएनएस को बताया कि कोरोना के संकट को देखते हुए छोटे बच्चों के साथ मिलकर एक स्मार्ट रावण बनाया है। सोशल मीडिया के थ्रू एक सक्रिट रावण के पुतले में लगा है। यह हमारे मोबाइल से जुड़ा होगा। जब मोबाइल में जय श्री राम का कमांड डालेंगे तो रावण में लगा सक्रिट काम करने लगता है वहां पर लगी तिली के माध्यम से पुतला जलने लगेगा। कमांड रावण के पास भेजे मैसेज रिसीव होते ही यह काम करने लगेगा।

यह भी पढ़ें: रामलीला मंचन :विभिन्न व्यवसायी निभा रहे अनन्य किरदार

उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से हम लोग बधाई संदेश भेजते हैं। ठीक उसी प्रकार से यह काम करेगा और सोशल डिस्टेंसिंग का अच्छे से पालन भी करेगा। यह अभी छोटे बच्चों के लिए 2-3 फिट के पुतले में बनाया गया है। अगर चाहें तो इसके माध्यम से बड़े पुतले में भी प्रयोग किया जा सकता है।

रावण बनाने वाले शौर्य यादव ने बताया कि स्मार्ट रावण को बनाने में 1 सप्ताह लगा है। इसे व्हाटसऐप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम के माध्यम से जलाया जा सकता है। स्मार्ट रावण को बनाने के लिए एक पुराने एंड्रायड फोन 9 वोल्ट की बैट्री, एलइडी लाइट, हीटिंग प्लेट का इस्तेमाल किया गया है। इसे बनाने में करीब 2200 रुपए का खर्च आया है।

स्मार्ट रावण के बनाने में सहयोगी रहे अभय शर्मा ने बताया कि कोरोना संकट को देखते हुए यह एक क्रान्तिकारी कदम है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों की यह एक नई प्रकार की कला है। इससे कोरोना के सारे प्रोटोकाल का बड़े आराम से पालन भी हो जाएगा।(आईएएनएस)

Popular

यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।

Keep Reading Show less

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कांग्रेस(Congress) को अरसा हो गया है सत्ता में आए हुए। लगभग 3 दशक हो गए हैं और अब तक कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके कई कारण है पर सबसे बड़ा कारण है राज्य में कांग्रेस का गठबंधनों पर निर्भर रहना।

कांग्रेस का गठबंधन(Alliance) का खेल साल 1989 ने शुरू हुआ जब राज्य में वो महज़ 94 सीटें जीत पाई और उसने तुरंत मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार को समर्थन दे दिया था।

Keep Reading Show less

मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

Keep reading... Show less