यूपी सरकार ऑनलाइन व स्मार्टक्लास के लिए प्रभावी विषय वस्तु करेगी तैयार

इस अभियान में जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ विद्यालयों के पूर्व छात्रों का भी सहयोग स्कूलों के कायाकल्प अभियान में शामिल किया जाएगा।
यूपी सरकार ऑनलाइन व स्मार्टक्लास के लिए प्रभावी विषय वस्तु करेगी तैयार
प्राथमिक विद्यालय।IANS

यूपी सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प में तेजी से जुटी है। जल्द ही ऑपरेशन कायाकल्य के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में निर्धारित समय-सीमा से पहले लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। इस अभियान में जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ विद्यालयों के पूर्व छात्रों का भी सहयोग स्कूलों के कायाकल्प अभियान में शामिल किया जाएगा।

जिससे यूपी के स्कूल देश के दूसरों प्रदेशों के समक्ष नजीर बने। मुख्यमंत्री योगी ने ऑनलाइन व स्मार्टक्लास के लिए प्रभावी विषय वस्तु तैयार करने के साथ ही शिक्षा प्रदान करने के साथ ही बच्चों की पाठ्येत्तर गतिविधियों को बढ़ाने के आदेश दिए हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों द्वारा वृक्षारोपण कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2018 में ऑपरेशन कायाकल्प की शुरूआत की जिसके तहत विद्यालयों में पीने का शुद्ध पानी, डेस्क बेंच हो, दिव्यांग मैत्रिक शौचालय, बिजली जैसे 19 मानकों के माध्यम से कायाकल्प अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। साल 2018-2019 में जहां सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल का 67 प्रतिशत काम पूरा किया गया थ वहीं मई 2022 तक यूपी में 96 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है।

सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मई 2022 तक कक्षा-कक्ष में बलैक बोर्ड ग्रीन बोर्ड का 100 प्रतिशत, हैंडवाशिंग यूनिट का 89 प्रतिशत, विद्यालयों की रंगाई पुताई का 96 प्रतिशत, विद्युत संयोजन व विद्युत आपूर्ति का 84 प्रतिशत और बाउंड्रीवॉल व गेट का 76 प्रतिशत काम प्रदेश में पूरा किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिजली की सुविधा नहीं है उन्हें सोलर पैनेल से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही 30 जून तक सभी विद्यालयों में पीने के पानी की व्यवस्था की सुनिश्चित की जाएगी।

प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कायाकल्प अभियान के लिए 19 मानकों पर तेजी से काम किया जा रहा है। जिसमें सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल, बालकों के लिए क्रियाशील शौचालय, बालिकाओं के लिए क्रियाशील शौचालय, दिव्यांग मैत्रिक शौचालय, बालकों के लिए क्रियाशील मूत्रालय, बालिकाओं के लिए क्रियाशील मूत्रालय, सभी शौचालयों एवं मूत्रालयों में निरंतर नल जल, शौचालयों व मूत्रालयों में टाइल्स, हैंडवाशिंग यूनिट, कक्षा एवं कक्ष की फर्श मार्बल कोटा स्टोन टाइल्सयुक्त, कक्षा कक्ष में बलैक बोर्ड ग्रीन बोर्ड 100 प्रतिशत, रसोईघर पक्के फर्श छत एवं दीवारों की रंगाई पुताई, स्कूलों की रंगाई पुताई, विद्युत सुरक्षित वायरिंग के साथ लाइट पंखे, विद्युत संयोजन व विद्युत आपूर्ति, डैस्क व बैंच, पाइप वाटर रनिंग वाटर, रैंप व रेलिंग और बाउंड्रीवॉल व गेट शामिल हैं।

(आईएएनएस/JS)

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