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संस्कृति

प्रयागराज कुम्भ का फार्मूला उत्तराखंड कुम्भ में भी इस्तेमाल किया जाएगा

अधिकारियों ने कोविड प्रोटोकॉल पर, विशेष भीड़ प्रबंधन पर भी चर्चा की, ताकि इस बड़े कार्यक्रम के दौरान दो भक्तों के बीच 1.6 मीटर की दूरी बनी रहे।

प्रयागराज अर्ध कुम्भ के सफलता के बाद अब उत्तराखंड प्रशासन भी उसी फॉर्मूले को आजमाएगी। (सांकेतिक चित्र, Wikimedia Commons)

 उत्तराखंड पुलिस ने साल 2021 में होने वाले अगले कुंभ मेले के लिए भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण को लेकर उत्तर प्रदेश के अपने समकक्षों की मदद मांगी है। प्रयागराज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के.पी. सिंह, जिन्होंने महाकुंभ-2019 के दौरान डीआईजी/एसएसपी के रूप में कार्य किया था, उनको यातायात और भीड़ प्रबंधन पर रणनीति और योजना बनाने और उनके अनुभव से लाभ पाने के लिए उत्तराखंड में आमंत्रित किया गया।

आईजी ने कहा, “मैंने 2019 महाकुंभ में यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए अपनाए गए उपायों, रणनीति को और अपने अनुभव को आईजी (मेला) संजय गुंज्याल के साथ साझा किया। मैंने उन्हें हरिद्वार में वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लगाने की सलाह दी, जैसे हमने महाकुंभ के दौरान किया था।”


उत्तराखंड पुलिस को सलाह दी गई कि वे मेला स्थल पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति न दें, चिह्नें का सीमांकन करें और वहां से तीर्थयात्रियों को मेला परिसर तक पहुंचाएं।

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भक्तों और तीर्थयात्रियों को घाटों, आश्रमों, मठों और अखाड़ों तक चलकर जाना होगा।

उन्होंने कहा, “हमने उन्हें तीर्थयात्रियों को ट्रैफिक जाम और दुर्घटना से बचाने के लिए शटल बस सेवा शुरू करने की सलाह दी। प्रयागराज पुलिस ने 400 से अधिक शटल बसों को श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को पाकिर्ंग स्लॉट से लेकर मेला स्थल तक पहुंचाने के लिए सड़कों पर उतारा था।”

सिंह ने उत्तराखंड पुलिस को हरिद्वार में भीड़ और यातायात का प्रबंधन करने और अराजकता से बचने के लिए उन्हें विभिन्न घाटों की ओर मोड़ने की सलाह दी।

साल 2019 के महाकुंभ के दौरान प्रयागराज पुलिस ने संगम पर भीड़भाड़ को रोकने के लिए फाफामऊ, अरैल और झांसी घाटों की ओर भीड़ को मोड़ दिया था।

प्रायराज कुम्भ में प्रशासन के इंतजामों की हुई थी प्रशंसा। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

सिंह ने आगे कहा, “हमने मेला स्थल पर कई प्रवेश और निकासी द्वार बनाने का भी सुझाव दिया।”

प्रयागराज की तुलना में हरिद्वार मेला स्थल में होल्डिंग एरिया (घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थान) कम है, इसलिए आईजी ने इस क्षेत्र को सेक्टरों में विभाजित करने और बेहतर भीड़ प्रबंधन के लिए समान मात्रा में श्रद्धालुओं को डायवर्ट करने का सुझाव दिया, इसके अलावा यातायात और भक्तों के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया को मेला स्थल के बाहर बनाने का सुझाव भी दिया।

उन्होंने कहा, “हरिद्वार मेला पुलिस को सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों की तैनाती के लिए पड़ोसी जिला पुलिस के साथ समन्वय करने के लिए भी कहा गया है, इसके अलावा रणनीतिक स्थानों पर क्रेन और अन्य यातायात उपकरणों की व्यवस्था भी की गई है।”

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सिंह ने आईजी हरिद्वार कुंभ मेला संजय गुंज्याल के साथ सुरक्षा ब्लूप्रिंट प्लान और ‘शाही स्नान’ के लिए सुरक्षा उपाय भी साझा किए।

अधिकारियों ने कोविड प्रोटोकॉल पर, विशेष भीड़ प्रबंधन पर भी चर्चा की, ताकि इस बड़े कार्यक्रम के दौरान दो भक्तों के बीच 1.6 मीटर की दूरी बनी रहे। उन्होंने यह भी चर्चा की कि कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होने देने के लिए भीड़ की मात्रा को एक निश्चित समय पर मेला स्थल में प्रवेश की अनुमति दी जाए।(आईएएनएस)

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