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संस्कृति

विहिप ने धर्मांतरण के लिए आने वाले विदेशी चंदे पर रोक की मांग की

जो भी हिंदुओं का धर्मातरण कराने में लगें हैं, उनके आर्थिक स्रोत पर चोट जरूरी है। विदेशी ताकतों के इशारे पर हिंदुओं का धर्मातरण कराने की कोशिशें चल रही हैं- परांडे

केन्द्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे प्रेस को सम्बोधित करते हुए। (VHP, Twitter)

 विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने देश में हिंदुओं के धर्मातरण की साजिश में लगे संगठनों पर केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि विदेश से चंदा लाने वाले ऐसे संगठनों पर सरकार को प्रतिबंध लगाना चाहिए। हाल में कुछ एनजीओ के खिलाफ गृह मंत्रालय से हुई कार्रवाई पर संगठन ने खुशी जताई है। विहिप की भोपाल में हुई केंद्रीय बैठक खत्म होने के बाद महामंत्री मिलिंद परांडे ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जो भी संस्थाएं हिंदुओं का धर्मातरण कराने में लगी हैं, उनके आर्थिक स्रोत पर चोट जरूरी है। विदेशी ताकतों के इशारे पर हिंदुओं का धर्मातरण कराने की कोशिशें चल रही हैं।

उन्होंने आदिवासियों के बीच बढ़ते चर्च के प्रभाव को खत्म करने पर भी जोर दिया और कहा कि इस मामले को सरकार तक भी पहुंचाया जाएगा। विहिप के महामंत्री ने सुर्खियों में आए जकात फाउंडेशन की आय के सोर्स की भी जांच करने पर जोर दिया।


यह भी पढ़ें: संघ प्रमुख भागवत के निर्देशन में विहिप ने तैयार किया आगे का प्लान

देश के कई हिस्सों में लव जेहाद की बढ़ती घटनाओं पर मिलिंद परांडे ने कहा कि दुर्गा वाहिनी और बजरंग दल के प्रयासों के कारण इन घटनाओं को काफी हद तक रोकने में मदद मिली है। लव जिहाद की शिकार युवतियों के पुनर्वास और आगे के जीवन को बेहतर करने के बारे में भी संगठन काम कर रहा है। हालांकि, लव जेहाद की बढ़ती बीमारी को शासन और प्रशासन के स्तर से भी रोकने की कोशिशें तेज होनी चाहिए।

इस दौरान उन्होंने कोरोना काल में विहिप के कार्यो की भी जानकारी दी और बताया कि जरूरतमंदों में दो करोड़ भोजन के पैकेट बांटे गए। चार लाख गौवंश की भी देखरेख हुई।

बता दें कि भोपाल में गुरुवार और शुक्रवार को दो दिनों तक विहिप की केंद्रीय बैठक हुई, जिसमें में संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी हिस्सा लिया।(आईएएनएस)

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