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गाबा में विकेट के पीछे ‘स्पाइडरमैन-स्पाइडरमैन’ गाते पंत का वीडियो वायरल

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन के गाबा मैदान में जारी चौथे और निर्णायक टेस्ट मैच के चौथे दिन के दौरान सोमवार को विकेट के पीछे हॉलीवुड का ‘स्पाइडरमैन-स्पाइडरमैन’ गाना गाते हुए देखे गए। पंत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वाक्य दरअसल तब का है जब

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन के गाबा मैदान में जारी चौथे और निर्णायक टेस्ट मैच के चौथे दिन के दौरान सोमवार को विकेट के पीछे हॉलीवुड का ‘स्पाइडरमैन-स्पाइडरमैन’ गाना गाते हुए देखे गए। पंत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वाक्य दरअसल तब का है जब ऑस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन और निचले क्रम के बल्लेबाज कैमरून ग्रीन क्रीज पर मौजूद थे। ट्वीटर पर एक यूजर ने पंत का ‘स्पाइडरमैन-स्पाइडरमैन’ गाना गाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया जिसके बाद उनका यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पंत की इसी वीडियो को लेकर एक यूजर ने ट्वीट कर कहा, “स्पाइडरमैन भूल जाओ। तूने चुराया मेरे दिल का चैन। सिर्फ पंत ही ऐसा कर सकते हैं।” वही एक अन्य यूजर ने लिखा, “स्लेज गेम में टिम पेन कहते है कि कम से कम मेरे टीम के खिलाड़ी मुझे पसंद करते है और वहीं ऋषभ पंत कहते है कि ‘स्पाइडरमैन-स्पाइडरमैन’ तूने चुराया मेरे दिल का चेन।”

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एक और यूजर ने लिखा, “ऋषभ पंत का विकेट के पीछे बड़े आराम से स्पाइडरमैन-स्पाइडरमैन गाना गाना इस सीजन के दर्शनीय पलों में से एक है। गोल्ड।” भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी दूसरी पारी में 294 रन पर ऑलआउट कर दिया और बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीतने के लिए मेहमान टीम को अब 328 रन का लक्ष्य मिला है।

ऑस्ट्रेलिया के मजबूत लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने बारिश बाधित चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक बिना कोई विकेट खोए चार रन बना लिए है। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा चार ने चार और युवा बल्लेबाजी शुभमन गिल शून्य रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।

इससे पहले आस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 369 रन बनाया, जिसके जवाब में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 336 रन के स्कोर पर आउट हो गई थी जिससे ऑस्ट्रेलिया को इस निर्णायक मुकाबले में 33 रनों की ही बढ़त मिल पाई। (आईएएनएस)

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्लीपर सेल्स के ज़रिये दिल्ली में लगवाई आईईडी- रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

एक सूत्र ने कहा कि आरडीएक्स-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), जो 14 जनवरी को पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर फूल बाजार में पाया गया था और उसमें "एबीसीडी स्विच" और एक प्रोग्राम करने योग्य टाइमर डिवाइस होने का संदेह था।

कश्मीर और अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादी आतंकवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन स्विच का पाकिस्तान(Pakistan) सबसे बड़ा निर्माता है। सूत्र ने कहा कि इन फोर-वे स्विच और टाइमर का उपयोग करके विस्फोट का समय कुछ मिनटों से लेकर छह महीने तक के लिए सेट किया जा सकता है।

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8 जनवरी को चुनाव आयोग(Election Commission of India) द्वारा जारी के गए 5 राज्यों के विधान सभा चुनावों(Vidhan Sabha Election 2022) के तारिखों के ऐलान से चुनावी गहमा-गहमी चरम पर है। आपको बता दें कि वर्ष 2022 में 5 अहम राज्यों में विधान सभा चुनाव आयोजित होने जा रहे हैं। यह राज्य हैं उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, गोवा एवं मणिपुर। साथ ही उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में होने जा रहे चुनाव को 7 चरणों में बांटा गया है, मणिपुर 2 चरणों में और गोवा, उत्तराखण्ड, पंजाब(Punjab) में चुनाव 1 चरण में आयोजित किया जाएगा। चुनाव तारीखों के घोषित होने बाद सभी राजनीतिक दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं और हर वह हथकंडा अपना रहे हैं जिससे मतदाता आकर्षित हों। साथ ही अब यह भी संभावना अधिक है कि इस बीच चुनावी जमाखोरी बढ़ जाएगी।

पिछले चुनाव में पार्टियों ने कितना खर्च किया था?

आपको जानकारी के लिए बता दें कि 2017 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करीब 5,500 करोड़ रूपये बड़ी पार्टियों द्वारा चुनाव अभियान में खर्च किए गए थे। साथ ही एक मीडिया रेपोर्ट के अनुसार 1000 करोड़ से अधिक पैसा मतदाताओं को पैसे से या शराब से लुभाने में खर्च किए गए थे। आपको यह भी बता दें कि 2017 में ही हुए 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव में 1.89 अरब रूपये खर्च किए गए थे, जिसमें बाहरी खर्च कितना था इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है।

इसके साथ विधानसभा में चुनाव आयोग ने निर्धारित की खर्च सीमा प्रति उम्मीदवार 30 लाख तय किया है, किन्तु यह सभी जानते हैं कि इसका पालन नहीं होता है। बल्कि बाहरी खर्च और वोट के लिए नोट का इस्तेमाल कर बेहिसाब पैसा बहाया जाता है। सभी पार्टियां, पार्टी चंदे को भी चुनाव में होने वाले खर्च के लिए इस्तेमाल करती हैं। साथ ही टिकट बिक्री को भी चुनावी जमाखोरी में गिना जा सकता है। हालही में आम आदमी पार्टी के खुदके विधायक ने अरविन्द केजरीवाल पर करोड़ों रुपयों के बदले टिकट बेचने का आरोप लगाया है।
जैसा की आपको पता है कि इस साल होने वाले 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव सभी पार्टियों की नाक की बात बन गई है, जिस वजह से हर कोई अपने-अपने तरीके से लोगों को जुटाने में और चीजों को भुनाने में जुटा हुआ है। चाहे वह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा हो या 'मैं लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ', किन्तु आज भी हम यह कह सकते हैं कि किसी भी प्रदेश ने महिलाओं की सुरक्षा का ठोस आश्वासन नहीं दिया है। इसी तरह भ्रष्टाचार और पैसों की जमाखोरी पर किसी भी सरकार को निर्दोष करार दे देना समझदारी का काम नहीं होगा। आपको बता दें कि एक समय ऐसा भी था जब समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने यह स्वीकारा था कि समाजवादी पार्टी के सरकार में भ्रष्टाचार होता था।

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राष्ट्रपति भवन (Wikimedia Commons)

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rastrapati bhavan, mughal garden राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन (Wikimedia Commons)

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