Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×

भारतीय कप्तान विराट कोहली ( Virat Kohli ) वनडे में अच्छा स्कोर करने में सफल रहे हैं लेकिन हाल के दिनों में वह इन पारियों को शतक में तब्दील नहीं कर पा रहे हैं। 32 वर्षीय कोहली पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के वनडे में 49 शतकों से छह शतक दूर हैं। कोहली ने अबतक 43 शतक जड़े हैं। उन्होंने आखिरी बार 14 अगस्त 2019 को त्रिनिदाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 114 रन बनाए थे। इसके बाद से अबतक उनके बल्ले से वनडे में शतक नहीं निकला है।

हालांकि उनका औसत 45.85 का रहा है और उन्होंने इस दौरा 14 पारियों में आठ अर्धशतक जड़े हैं। वह कई बार शतक के करीब पहुंचे लेकिन शतक बनाने से चूक गए।


इंग्लैंड (England ) के खिलाफ दूसरे मुकाबले में कोहली ने 66 रन बनाए और वनडे में लगातार चार अर्धशतक पूरे किए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 56 रन बनाए थे। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने 89 और 63 रन बनाए थे।

एक जनवरी 2019 से 12 अगस्त 2019 तक कोहली ने 22 पारियों में पांच शतक जड़े थे और उस वक्त ऐसा लग रहा था कि वह वनडे में सचिन के सर्वाधिक शतकों के रिकॉर्ड को जल्द पीछे छोड़ देंगे।
 

यह भी पढ़ें :- रोहित और धवन पहले ODI में ओपनिंग करने उतरेंगे : कोहली

इससे पहले 2018 के कलेंडर वर्ष में कोहली ने 14 मैचों में छह शतक ठोके थे। 2017 में 26 वनडे में उन्होंने छह और 2016 में 10 पारियों में तीन शतक जड़े थे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोहली नवबंर 2019 के बाद एक भी शतक बनाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद से खेले गए मुकाबले में शतक जड़ा था।

शुक्रवार को कोहली नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए 10,000 से ज्यादा रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलिया (Australia )  के पूर्व बल्लेबाज रिकी पोंटिंग के बाद दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
( AK आईएएनएस )

Popular

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्लीपर सेल्स के ज़रिये दिल्ली में लगवाई आईईडी- रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

एक सूत्र ने कहा कि आरडीएक्स-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), जो 14 जनवरी को पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर फूल बाजार में पाया गया था और उसमें "एबीसीडी स्विच" और एक प्रोग्राम करने योग्य टाइमर डिवाइस होने का संदेह था।

कश्मीर और अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादी आतंकवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन स्विच का पाकिस्तान(Pakistan) सबसे बड़ा निर्माता है। सूत्र ने कहा कि इन फोर-वे स्विच और टाइमर का उपयोग करके विस्फोट का समय कुछ मिनटों से लेकर छह महीने तक के लिए सेट किया जा सकता है।

Keep Reading Show less

राष्ट्रपति भवन (Wikimedia Commons)

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम(South Delhi Municipal Corporation) में भाजपा के मुनिरका वार्ड से पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द(Ramnath Kovind) को एक पत्र लिखकर राष्ट्रपति भवन(Rashtrapati Bhavan) में स्थित मुगल गार्डन का नाम बदल कर पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डाक्टर अब्दुल कलाम वाटिका(Abdul Kalam Vatika) के नाम पर रखने की मांग की है। निगम पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में लिखा है, मुगल काल में मुगलों द्वारा पूरे भारत में जिस प्रकार से आक्रमण किए गए और देश को लूटा था। वहीं देशभर में मुगल आक्रांताओं के नाम से लोगों में रोष हैं। जिन्होंने भारत की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया उनको प्रचारित न किया जाए।

rastrapati bhavan, mughal garden राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन (Wikimedia Commons)

Keep Reading Show less

शोधकर्ताओं ने कोविड के खिलाफ लड़ने में कारगर हिमालयी पौधे की खोज। ( Pixabay )

कोविड के खिलाफ नियमित टीकाकरण के अलावा दुनिया भर में अन्य प्रकार की दवाईयों पर अनेक संस्थायें रिसर्च कर रही हैं जो मानव शरीर पर इस विषाणु के आक्रमण को रोक सकती है। इसी क्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं को एक बड़ी सफलता मिली है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं ने एक हिमालयी पौधे की पंखुड़ियों में फाइटोकेमिकल्स की खोज की है जो कोविड संक्रमण के इलाज में करगर साबित हो सकती है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी में स्कूल ऑफ बेसिक साइंस के बायोएक्स सेंटर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्याम कुमार मसाकापल्ली के तर्ज पर एक वक्तव्य में कहा की, अलग अलग तरह के चिकित्सीय एजेंटों में पौधों से प्राप्त रसायनों फाइटोकेमिकल्स को उनकी क्रियात्मक गतिविधि और कम विषाक्तता के कारण विशेष रूप से आशाजनक माना जाता है। टीम ने हिमालयी बुरांश पौधे की पंखुड़ियों में इन रसायनों का पता लगया है। पौधे का वैज्ञानिक नाम रोडोडेंड्रोन अर्बोरियम है जिसे वहाँ के स्थानीय लोग अलग अलग तरह की बीमारियों में इसका इस्तेमाल करते हैं।

Keep reading... Show less