Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

हुनर को पेशे से जोड़ती है विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना

इस योजना से उत्तरप्रदेश के सबसे कमजोर तबके जैसे कुम्हार, लोहार, राजमिस्त्री, दर्जी, बढ़ई, नाई जैसे लोगों के हुनर को नई पहचान दी जाती है।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ उ.प्र. के मुख्यमंत्री यदि आदित्यनाथ। (Wikimedia Commons)

By: विवके त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्थानीय दस्तकारों और कारीगरों के विकास के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना चालू की है। गांव, कस्बे और शहरों में बड़ी संख्या में रहने वाले परंम्परा पेशे से जुड़े हुनरमंदों के लिए यह योजना संजीवनी बन गई है। इससे समाज के सबसे कमजोर लेकिन महत्वपूर्ण तबके मसलन कुम्हार, लोहार, राजमिस्त्री, दर्जी, बढ़ई, नाई, धोबी, भड़भूजा, मोची व सुनार लोगों के हुनर को नई पहचान मिली है।


मालूम हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस तबके के व्यापक हित के मद्देनजर दिसंबर 2018 में इस योजना की शुरुआत की थी। मकसद था प्रशिक्षण, उन्नत टूलकिट और वित्तीय मदद के जरिए इनकी दक्षता, उत्पादन क्षमता और उत्पाद की गुणवत्ता को बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना।

कमजोर तबके के लिए लाभकारी है विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना। (सांकेतिक चित्र, Wikimedia Commons)

इस क्रम में चयनित लोगों को विशेषज्ञों द्वारा हफ्ते भर का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस दौरान प्रतिदिन की दर से 250 रुपए डीबीटी के जरिए उनके खाते में डाल दिया जाता है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को उनके पेशे से जुड़ा नि:शुल्क उन्नत किट भी दिया जाता है। अगर वह अपने काम को विस्तार देने के इच्छुक हैं तो उनको प्रधानमंत्री मुद्रा या मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उदार शतोर्ं पर बैंकों से ऋण दिलाने में भी सरकार मदद करती है।

यह भी पढ़ें: आगरा का मुगल म्यूजियम छत्रपति शिवाजी के नाम से जाना जाएगा : योगी

अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) नवनीत सहगल ने बताया कि साल 2018-19 और 2019-20 में इस योजना से लाभान्वित होने वालों की संख्या क्रमश: 7,474 और 19,938 रही। मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक 1,12,889 आवेदन आ चुके हैं। इनमे से करीब 20 हजार लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इनमें बड़ी संख्या में वह भी हैं जो लॉकडाउन के नाते दूसरे प्रदेशों से अपने घर लौटे हैं। पहले चरण में 4,500 लोगों ने ऋण के लिए भी आवेदन किया है। राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में पात्रता के अनुसार, सबको ऋण मुहैया कराने का भरोसा भी दिया गया है। जिले स्तर के विभागीय अधिकारी भी जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।(आईएएनएस)

Popular

मिशन शक्ति (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) सरकार "मिशन शक्ति"(Mission Shakti) के तीसरे चरण में राज्य के हर राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, सरकारी कॉलेज, गैर सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज और स्वयं वित्त पोषित कॉलेज में लड़कियों के लिए स्वास्थ्य क्लबों का आयोजन करने जा रही है।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार राज्य का शिक्षा विभाग स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके छात्राओं और शिक्षकों के लिए भी सरकारी शिविर लगाएगा।

Keep Reading Show less

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया कानपुर टेस्ट मैच ड्रा हो गया।(Twitter)

भारत और न्यूजीलैंड(india vs newzealand) के बीच खेला गया कानपुर(kanpur) टेस्ट मैच(Test match) बेनतीजा रहा। भारत ने दूसरी पारी में कीवियों को 284 रनों का लक्ष्य दिया था। जवाब में कीवी टीम पांचवें दिन के खत्म होने तक मैच को ड्रा(draw) कराने में सफल रही। भारत की ओर से दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा ने चार सफलताएं अपने नाम कीं। वहीं, आर अश्विन ने तीन विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल और उमेश यादव को एक-एक विकेट मिला।

इससे पहले, पांचवें दिन न्यूजीलैंड(Newzealand) की टीम 4/1 से आगे खेलने उतरी और पहले सत्र में जबरदस्त प्रदर्शन किया। टॉम लैथम और विलियम सोमरविल ने मिलकर 76 रनों की शानदार साझेदारी की, लेकिन मजबूत होती इस जोड़ी को भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव ने तोड़ते हुए सोमरविल को पवेलियन भेज दिया।

Keep Reading Show less

असम की मिट्टी काले चावल के लिए बिलकुल अनुकूल है। (Pixabay)

काला चावल(Black Rice) असम(Assam) की मिट्टी और मौसम की स्थिति के लिए अच्छी तरह से अनुकूल है, इसके व्यावसायिक उत्पादन(Production) के लिए एक बड़ा अवसर है। विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित असम कृषि व्यवसाय और ग्रामीण परिवर्तन परियोजना (APART) ने भारत के विभिन्न राज्यों से काले चावल की नई किस्मों का उत्पादन शुरू कर दिया है।

IRRI ने एक विज्ञप्ति में कहा कि परियोजना से अगले सप्ताह के भीतर फसल की कटाई होने की उम्मीद है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) ने APART के तहत असम सरकार के साथ इस महत्वाकांक्षी सहयोग की शुरुआत की है।उपलब्ध कई किस्मों में से, काले चावल ने अपने उच्च पोषण मूल्य के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में बाजार में मांग में वृद्धि देखी है। भारत मुख्य रूप से चावल का उत्पादन करने वाला देश है, इसकी कई किस्में हैं, जिनमें से प्रत्येक में अलग-अलग पोषण गुण, विशेषताएं और जलवायु प्राथमिकताएं हैं।

Keep reading... Show less