Saturday, June 12, 2021
Home देश कोविड वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर ने साझा किए अनुभव

कोविड वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर ने साझा किए अनुभव

By : महुआ वेंकटेश जब 29 साल के अफजल आलम जब कुछ दोस्तों के साथ 30 दिसंबर, 2020 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) डॉट्स सेंटर में बतौर वॉलेंटियर पहुंचे, तो इस बारे में बिहार के मोतिहारी में रहने वाले उनके माता-पिता को भी इसकी जानकारी नहीं थी। आलम ने भारत में बने भारत-बायोटेक कोवैक्सिन

By : महुआ वेंकटेश

जब 29 साल के अफजल आलम जब कुछ दोस्तों के साथ 30 दिसंबर, 2020 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) डॉट्स सेंटर में बतौर वॉलेंटियर पहुंचे, तो इस बारे में बिहार के मोतिहारी में रहने वाले उनके माता-पिता को भी इसकी जानकारी नहीं थी। आलम ने भारत में बने भारत-बायोटेक कोवैक्सिन का डोज लिया। आलम ने बताया, “चूंकि मैं एम्स में कई साल से रक्तदान कर रहा हूं, इसलिए मैं कुछ डॉक्टरों को जानता हूं और जब उन्होंने ट्रायल की बात कही, तो मैं इसका हिस्सा बन गया।”

उन्होंने इंडिया नैरेटिव डॉट कॉम को बताया, “कोविड-19 के कारण कई लोगों की मौत हुई, लिहाजा मैंने ट्रायल में हिस्सा लेने का फैसला किया ताकि इस बड़े काम में योगदान दे सकूं। ट्रायल के लिए जब हम एम्स डॉट्स सेंटर पहुंचे तो डॉक्टरों ने हमारी वजन और ऊंचाई मापी। धैर्य के साथ हमारे सारे सवालों के जबाव दिए। हमें ट्रायल कराने के लिए मजबूर नहीं किया। इतना ही नहीं वापस जाने का विकल्प भी दिया।”

यह भी पढ़ें : शोध के क्षेत्र में यूपी के विश्वविद्यालयों ने रचा इतिहास

आलम ने कहा, “हमें यह भी बताया गया कि किसी भी तरह की विक्लांगता या मृत्यु होने की स्थिति में ट्रायल लेने वाले लोगों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। वैसे भी मैं तो डोज लेने के लिए दृढ़ था। मुझे कोई तनाव या डर नहीं था और ऐसा शायद एम्स के साथ मेरे जुड़ाव को लेकर था।”

डॉक्टरों ने आलम का आरटीपीसी परीक्षण किया और फिर कोवैक्सीन का डोज दिया। आलम समेत अन्य वॉलेंटियर्स को 30 मिनट तक ऑब्जर्व करने के बाद छुट्टी दे दी गई। आलम को डोज लिये हुए 9 दिन बीत चुके हैं और उन्हें अब तक कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ है। आलम ने कहा, “मुझे बुखार या कोई अन्य असहजता नहीं हुई। पहले 48 घंटे तक डॉक्टर लगातार संपर्क में रहे। उसके बाद भी उन्होंने हर 2 दिन में जांच की।”

डोज लेने के बाद भी वॉलेंटियर्स के लिए सभी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। आलम को अगला डोज 27 जनवरी को मिलने वाला है और उन्हें 3 महीने तक रक्तदान नहीं करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा अन्य वॉलेंटियर्स को 6 महीने तक परिवार नियोजन करने के लिए भी कहा गया है। (आईएएनएस)

POST AUTHOR

न्यूज़ग्राम डेस्क
संवाददाता, न्यूज़ग्राम हिन्दी

जुड़े रहें

7,623FansLike
0FollowersFollow
177FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

भारत का इमरान को करारा जवाब, दिखाया आईना

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

दिल्ली की कोशिश पूरे 40 ओवर शानदार खेल खेलने की : कैरी

 दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने कहा है कि टीम के लिए यह समय है टूर्नामेंट में दोबारा शुरुआत करने का।...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

हाल की टिप्पणी