Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध : दिल्ली में रेडलाइट ऑन, गाड़ी ऑफ

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवालों के लिए अपील जारी करते हुए कहा है कि, दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक सिग्नल रेड होते ही वाहन चालक अपने-अपने वाहनों को ऑफ कर दें।

प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध की पहल में एक और ठोस कदम उठाया गया है। (Pixabay)

दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक सिग्नल रेड होते ही वाहन चालक अपने-अपने वाहनों को ऑफ कर दें। ऐसा करने से दिल्ली का प्रदूषण तेजी से नीचे जा सकता है। लालबत्ती पर गाड़ी बंद कर देने से दिल्ली की हवा में मौजूद हानिकारक पीएम10 के कण (पार्टिकल्स) डेढ़ लाख टन तक काम हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवालों के लिए अपील जारी करते हुए यह बात कही। केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। इन दिनों हर साल की तरह आस-पड़ोस के राज्यों में पराली जलाने से धुआं आने लगा है। पराली के धुएं से होने वाले प्रदूषण को लेकर हम कुछ भी नहीं कर सकते। हां, पर दिल्ली का प्रदूषण कम करने की कोशिश जरूर कर रहे हैं। इसके लिए हमने गुरुवार से एक नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम है ‘रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ’।”


विशेषज्ञों ने दिल्ली सरकार को बताया कि यदि केवल 10 लाख वाहन भी लालबत्ती पर अपने वाहनों को बंद कर दें तो ऐसा करने से 1.5 लाख टन, पीएम 10 प्रदूषण कम हो जाएगा। वहीं पीएम 2.5 की बात करें तो इसमें भी 0.4 टन की कमी आएगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, लालबत्ती पर यदि 1 मिनट गाड़ी खड़ी रहती है तो इस अवस्था में गाड़ी चलने के मुकाबले ज्यादा पेट्रोल जलता है। एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में प्रतिदिन प्रत्येक वाहन चालक को लगभग 15 से 20 मिनट अलग-अलग लालबत्तियों पर रुकना पड़ता है। सर्दियों में रेडलाइट पर आइडलिंग के दौरान गाड़ी से निकलने वाला धुआं नीचे बैठ जाता है, जो प्रदूषण को बढ़ावा देता है।

यह भी पढ़ें – जिंदा रखने होंगे कम से कम 80 फीसदी पौधे

अगर वाहन चालक हर लालबत्ती पर अपनी गाड़ी बंद कर दें तो वह रोजना 200 मिलीलीटर तेल की बचत कर सकते हैं। इससे उन्हें साल में 7000 रुपये की बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली में लगभग एक करोड़ वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से अगर 30-40 लाख वाहन भी प्रतिदिन सड़कों पर निकलते हैं तो रेडलाइट पर उनके खड़े रहने से कितना धुआं निकलता होगा। इसलिए आज से सिग्नल पर रेडलाइट होते ही गाड़ी बंद कर दीजिए। हम सभी यह संकल्प लें कि रेडलाइट पर हम गाड़ी ऑफ रखेंगे।”

लालबत्ती पर वाहनों से होने वाला प्रदूषण खासकर सर्दियों में ज्यादा नुकसान है। गर्मियों में धुआं ऊपर चला जाता है, यानी प्रदूषित हवा ऊपर चली जाती है, लेकिन सर्दियों में धुआं ज्यादा ऊपर नहीं जा पाता। इसी तरह धूल व धुआं मिली हुई प्रदूषित हवा जमीन की सहत से थोड़ा ही ऊपर, यानी हमारे इर्दगिर्द रहती है। यह हवा हमारे के लिए काफी खतरनाक होती है।

केजरीवाल ने कहा, “हम सब दिल्ली के लोगों ने मिलकर पिछले 5 साल में 25 प्रतिशत प्रदूषण कम किया है। मुझे उम्मीद है कि आप सब लोग पूरे दिल से इस मुहिम में शामिल होंगे और मैं बस ड्राइवर, ऑटो ड्राइवर, टैक्सी ड्राइवर, वाहन मालिक, स्कूटर व मोटरसाइकिल चालक समेत सभी से निवेदन करता हूं कि सभी लोग इस अभियान में शामिल हों।” (आईएएनएस)

Popular

महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Wikimedia Commons)

जैसा कि राष्ट्र ने 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस(National Girl Child Day) मनाया, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री(Union Minister of Women and Child Development) श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी(Smriti Zubin Irani) ने देशवासियों से देश की बेटियों की सराहना करने और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाकर उन्हें प्रोत्साहित करने और एक समावेशी निर्माण के लिए लिंग विभाजन को पाटने और समान समाज का संकल्प लेने का आह्वान किया।

"शिक्षित करें, प्रोत्साहित करें, सशक्त करें! आज का दिन हमारी लड़कियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का दिन है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर, जैसा कि हम अपनी बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं, हम एक समावेशी और समान समाज के निर्माण के लिए लिंग भेद को पाटने का संकल्प लेते हैं”, ईरानी ने अपने ट्वीट संदेश में कहा।

Keep Reading Show less

नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

गणतंत्र दिवस समारोह(Republic Day Celebration) हमेशा संस्कृति का पर्याय होते हैं, क्योंकि इस दिन विभिन्न राज्यों की झांकियों को नई दिल्ली में राजपथ पर परेड के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। दर्शकों का स्वागत रंग-बिरंगे छींटों और देश की विविधता के प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व के साथ किया जाता है।

इस वर्ष, भारतीय गणराज्य के 73वें वर्ष के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) को दो अलग-अलग कपड़ों में देखा गया - जो देश के दो अलग-अलग राज्यों से संबंधित हैं - जिनका पारंपरिक महत्व है।

Keep Reading Show less

डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है।

पंजाब(Punjab) में जहां एक तरफ आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी(Aam Aadmi Party) एक बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर इसी पार्टी के एक पूर्व सदस्य ने एक वेब सीरीज के ज़रिये इस पार्टी के भीतर छिपे काले सच को बाहर लाने की कोशिश की है। वेब सीरीज का नाम है ट्रांसपेरेंसी : पारदर्शिता(Transparency : Paardarshita) है, जोकि डॉ मुनीष रायजादा(Dr Munish Raizada द्वारा निर्देशित और निर्मित है। डॉ रायजादा शिकागो में एक डॉक्टर के तौर पर कार्यरत हैं और कुछ समय पहले तक आम आदमी पार्टी के लिए काम भी करते थे, पर जैसे ही उन्होंने यह देखा की आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतो से भटक रही है तो उन्होंने इसके खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।

मीडिया एजेंसी IANS से फ़ोन पर बातचीत करते हुए डॉ रायजादा ने बताया, "पारदर्शिता एक राजनीतिक वेब सीरीज है, इसलिए हमने पहले इसके ज़्यादा प्रचार और प्रसार के बारे में नहीं सोचा, परंतु जब बात आई इसे समाज के हर तबके तक पहुंचाने की तो फिर हमें यूट्यूब का ख्याल आया।" पारदर्शिता वेब सीरीज का पहला एपिसोड 17 जनवरी को यूट्यूब पर रिलीज़ किया गया था।

Keep reading... Show less