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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसान संगठनों की हुंकार, ‘हम एक हैं’

दिल्ली के निरंकारी मैदान में कुछ संगठनों के किसान आ चुके हैं। किसान अभी भी हजारों की संख्या में बॉर्डर पर मौजूद हैं। केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीन कृषि कानून के खिलाफ ये पूरा विरोध प्रदर्शन चल रहा है।

किसान कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। (Pinterest)

दिल्ली के निरंकारी मैदान में कुछ संगठनों के किसान आ चुके हैं। किसान अभी भी हजारों की संख्या में बॉर्डर पर मौजूद हैं। केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीन कृषि कानून के खिलाफ ये पूरा विरोध प्रदर्शन चल रहा है। शुक्रवार को टिकरी बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर जमकर बवाल हुआ, किसानों ने जहां उग्र रूप धारण किया तो वहीं उनको रोकने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे गए। शनिवार सुबह बॉर्डर पर शांति बनी रही। शुक्रवार को किसानों का व्यवहार देख पुलिस ने भी शनिवार को पूरी व्यवस्था और योजना के तहत काम किया। फिलहाल अभी सिंघु बॉर्डर पर शांति बनी हुई है। वहीं किसानों द्वारा लगातार नारे बाजे भी हो रही है।

किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, वहीं किसान संगठनों ने नारे लगाते हुए कहा कि ‘हम एक हैं’।


हालांकि सिंघु बॉर्डर पर किसानों में आपसी मतभेद भी देखा जा रहा है। बुराड़ी मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पर 2 विचार देखे गए। जिसमें कुछ किसान का कहना था कि बुराड़ी मैदान चलना चाहिए, लेकिन कुछ संगठनों ने तय किया कि हम बुराड़ी मैदान नहीं जाएंगे।

दरअसल किसानों का मानना है कि बुराड़ी मैदान जाने से किसानों का आंदोलन कमजोर पड़ जायेगा, क्योंकि सरकार फिर हमारी बात नहीं सुनेगी। यदि बॉर्डर पर ही डेरा बनाये बैठे रहे तो हमारे साथ साथ आम लोग भी परेशान होंगे।

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हजारों की संख्या में किसान मौजूद

सिंघु बॉर्डर पर इस वक्त भी हजारों की संख्या में किसान मौजूद हैं और पूरे जोर शोर से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। दिल्ली के रास्ते सिंघु बॉर्डर होते हुए जो लोग अमृतसर या पानीपत जाना चाहते थे उन्हें काफी परेशानी भी हुई। जगह जगह सड़कें बंद होने के कारण उन्हें पैदल ही सफर करना पड़ा।

बुराड़ी के निरंकारी मैदान में लाखों की संख्या में लोग इकट्ठा हो सकते हैं। किसानों की संख्या को देखते हुए दिल्ली के निरंकारी मैदान में किसानों के लिए व्यवस्था की जा रही है। हालांकि जो संगठन बुराड़ी मैदान पहुंच चुके हैं, वह अपने साथ खुद ही अधिकतर व्यवस्था करके चले हैं।

सुबह से मैदान में कई एनजीओ मदद के हाथ बढ़ाने के लिए किसानों के पास पहुंचे और पानी और खाने की चीजें मुहैया कराई। हालांकि दुनिया भर में कोरोना महामारी को देखते हुऐ निरंकारी मैदान में किसानों को मास्क बाटें जा रहे हैं।

पुलिस ने दागे आसू गैस के गोले । (Twitter )

निरंकारी मैदान में सुबह से कोरोना महामारी को लेकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। टेम्पो, ई रिक्शा और लोग पैदल चलते हुए और हाथों में माइक लेकर कोरोना को लेकर जागरूकता फैलाते हुए दिखाई दिए।

कई राज्यों से किसानों ने समर्थन दिया

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे राज्यों से भी कई संगठन इस वक्त किसानों का समर्थन देने पहुंचे हुए हैं। गौतमबुद्धनगर जिले से किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने आईएएनएस को बताया, “हम किसानों से मिलने के लिए आए हैं वहीं बॉर्डर से पुलिस लेकर आई है। हम यहां बिल का विरोध तो कर ही रहे हैं, हम किसानों के साथ हुई बर्बरता का भी विरोध करने आए हुए हैं।” “कोरोना काल में किसान और जवान इन्ही दोनों ने देश भर की महामारी में मदद की। लेकिन किसानों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जैसे की पराए हों।”

हालांकि निरंकारी मैदान में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से भी कुछ छोटे छोटे संगठन आए हुए हैं। जो सीधे बुराड़ी मैदान पहुंचे हैं। उन्होंने सुबह नृत्य कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध भी जताया। इन संगठनों में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं जो कि अपनी आवाज बुलंद कर अपना विरोध दर्ज करा रही हैं।

ऑल इंडिया किसान यूनियन अमृतसर के बैनर तले आए बलजिंदर सिंह ने आईएएनएस को बताया, “कल सुबह हम दिल्ली आ गए थे और दिल्ली के मजनू के टीले के पास पहुंच गए थे। वहीं हमारे 35 बन्दों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, फिर हरिनगर स्टेडिम ले गए है और शाम को बुराड़ी मैदान में छोड़ दिया।”

ऑल इंडिया किसान सभा के जनरल सेक्रेटरी मेजर सिंह पुनवाल ने आईएएनएस को बताया, “पंजाब से आए, बॉर्डर पर पुलिस ने हमारे लिए बैरिकेड खोल दिए, हम कुछ लोग ही यहां आ सके हैं लेकिन हमारे अधिक्तर लोग बॉर्डर पर हैं।”

“हमारे सभी साथी बहादुरगढ़, टिकरी बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर मौजूद हैं। बॉर्डर पर मौजूद किसान गुस्से में हैं उनके साथ जो व्यवहार किया है। हमने ये तय किया था कि 26 नवंबर संविधान दिवस के दिन हम राम लीला मैदान जाएंगे, क्योंकि हमारी बात नहीं सुनी जा रही।”

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“हम चाहते हैं कि जो तीन कृषि कानून पास हुए हैं वो सरकार वापस लें, यदि ऐसा नहीं हुआ तो हमारा देश भुखमरी का शिकार हो जाएगा। डीजल खरिदने पर 50 फीसदी की सब्सिडी मिले क्योंकि किसान खेती में डीजल की सबसे ज्यादा खपत है।”

उन्होंने बताया, “ढाई बजे एक बैठक हुई है, जिसमें सभी किसानों के नेता शामिल थे। बैठक में इस बात पर फैसला लिया गया है कि रविवार तक जो किसान जहां है वो वहीं रहेंगे। यदि जो किसान बुराड़ी आ गए है वो धीरे धीरे बॉर्डर पहुंचें, वरना वहीं बैठे रहें।” पंजाब से आए किसानों के अनुसार 10 हजार से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉली पंजाब से आए हैं। जो की बॉर्डरों पर मौजूद है।

पंजाब से भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के बैनर तले आये किसानों को बहादुरगढ़ बॉर्डर पर पुलिस ने इन्हें बुराड़ी जाने के लिए कहा, जिसके बाद करीब दर्जन भर ट्रैक्टर ट्रॉली निरंकारी मैदान में आ गए।

किसानों ने हमारी मांगों पूरी करो

हालांकि अभी कह पाना मुश्किल होगा कि किसानों का आगे का रवैया क्या होने वाला है। बॉर्डर पर मौजूद किसान उठने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं निरंकारी मैदान में आए किसानों को भी फिलहाल कोई और रास्ता नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली पहुंचे किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में करीब 6 महीने का राशन ले कर आए हैं, किसानों का कहना है कि हम यहां से तभी उठेंगे जब हमारी मांगों को मान लिया जाएगा।

निरंकारी मैदान में दिल्ली सरकार के कार्यकर्ता और स्थानीय विधायक लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसानों से बार बार व्यवस्थाओं को लेकर पूछ रहे हैं। हालांकि किसानों को किसी राजनीतिक पार्टी के नेताओं से कोई मतलब नहीं दिखा।

निरंकारी मैदान में हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसमें सीआईएसएफ के जवान भी शामिल हैं। मैदान के चारों ओर जवानों को तैनात किया गया है। ताकि किसी भी हालातों से निपटा जा सके, लेकिन मैदान में ज्यादा किसानों की संख्या न होने के कारण जवान राहत की सांस ले रहे हैं।सुबह से कई दफा पुलिस के आला अधिकारी मैदान में आ कर मौके का जायजा ले चुके हैं। आला अधिकारियों की मैदान के चप्पे चप्पे पर पैनी नजर बनाए हुई है। इसके अलावा ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है।

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दिल्ली सरकार के अंतर्गत दिल्ली सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स भी निरंकारी मैदान में मौजूद हैं। जो लगातार लोगों को दो गज की दूरी बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। वहीं मैदान में एम्बुलेंस भी खड़ी की गई हैं, ताकि किसी को मेडिकल की जरूरत पड़े तो किसानों को तुरंत सुविधा मुहैया करा सकें।

किसानों से बातचीत करने के लिए मीडिया कर्मी भी मौजूद हैं, जो किसानों से उनकी परेशनियों और उनकी मांगों को लेकर पूछ रहे हैं। (आईएएनएस)

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