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West Bengal Violence: सत्ता में आते ही फिर शुरू हुआ हिन्दुओं के मौत का घिनौना खेल?

केवल 36 घंटे के भीतर 14 कार्यकर्ताओं ने इस हिंसा में जान गवाई है। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के साथ बलात्कार का आरोप भी लगा है।

(NewsGram Hindi)

आज तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने चुनाव हारकर भी मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ लिया है। दो मई को आए बंगाल चुनाव के नतीजों के उपरांत बंगाल की जनता ने तृणमूल कांग्रेस को फिर एक बार सत्ता की चाभी को थमा दिया है। किन्तु सत्ता में वापस आने पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बदले का खेल, खेल रहे हैं। चुनाव नतीजों के घोषणा के बाद मानों तृणमूल के कार्यकर्ताओं पर भाजपा और लेफ्ट के कार्यकर्ताओं को मारने का सनक सवार हो चुका है।

केवल 36 घंटे के भीतर 14 कार्यकर्ताओं ने इस हिंसा में जान गवाई है। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के साथ बलात्कार का आरोप भी लगा है। एक वीडियो में जो सोशल मीडिया पर वायरल है उसमें एक आदमी महिलाओं के साथ अभद्र व्यव्हार करता दिख रहा है। एक और वीडियो में यह देखा जा सकता है कि कैसे भाजपा कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा जा रहा है। (नीचे साझा किया गया ट्वीट आपको विचिलित कर सकता है!)


कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उनके घरों और परिवार के सदस्यों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इन घटनाओं के तेज होने के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता अपना घर-खलिहान छोड़ असम में शरण लेने के लिए मजबूर है। यह जानकारी स्वयं भाजपा के मंत्री हेमंत बिस्वा ने ट्वीट के जरिए दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि “एक दुखद घटनाक्रम में 300-400 बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के सदस्यों ने अत्याचार और हिंसा का सामना करने के बाद असम में धुबरी पार किया है। हम उन्हें आश्रय और भोजन दे रहे हैं।” उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि “दीदी को लोकतंत्र के इस कुरूप नृत्य को रोकना होगा! बंगाल बेहतर का हकदार है।”

यह पलायन ठीक वैसा ही है जैसे 1990 कश्मीरी पंडितों को अपने घर-खलिहान छोड़ दूसरे राज्यों में शरण लेना पड़ा था।

बंगाल में हिन्दुओं पर हिंसक हमले को देखते हुए विश्व हिन्दू परिषद् ने राज्य सरकार से तत्काल करवाई की मांग करते हुए एक बयान जारी किया है। उन्होंने टीएमसी के कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा है कि राजनीतिक मतभेदों के बहाने राज्य में हिंसा, आगजनी और बर्बरता की घटनाओं ने न केवल देश को शर्मसार किया है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।

यह भी पढ़ें: Bengal Election Result: बंगाल की जीत का श्रेय किसके सर, जनता या ममता?

बयान में आगे कहा गया है कि “राज्य के लगभग हर हिस्से से लगातार यही खबरें आ रही हैं कि हिन्दू घरों, मंदिरों, बस्तियों, बहिन-बेटियों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को टीएमसी के कार्यकर्ता व जिहादी तत्व सरेआम हिंसा, आगजनी व लूटपाट का शिकार बना रहे हैं। अनेक हिंदुओं को राजनैतिक प्रतिद्वंदियों द्वारा लगातार धमकियाँ भी दी जा रही हैं तथा इन सब मामलों में स्थानीय पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक बन तमाशा देख रहा है। ये हिंसा अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की जान ले चुकी तथा अनेक घर, दुकानें, मंदिर, बस्तियाँ व व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वाहा हो चुके हैं। हिंसा की शिकार हुतात्माओं के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए विहिप महामंत्री ने माँग की कि राज्य शासन हिंसा के तांडव को अबिलंब रोक कर दंगाइयों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें।”

बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले को ध्यान में रखकर कल यानि 4 अप्रेल को भजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बंगाल का दौरा किया जिसमें उन्होंने कहा कि “हम इस विचाराधारा की लड़ाई और टीएमसी की गतिविधियाँ जो असहिष्णुता से भरी है, उसके खिलाफ लड़ने को प्रतिबद्ध हैं। हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने को तैयार हैं। मैं अब साउथ 24 परगना जाऊँगा और चुनाव परिणाम आने के कुछ ही घंटों बाद मारे गए पार्टी कार्यकर्ताओं के घरों का दौरा करूँगा।”

पश्चिम बंगाल के चुनाव के नतीजों के बाद जो घटनाएं देखने और सुनने को मिली हैं वो हमें हैरान करती हैं। ऐसी घटनाएं भारत के विभाजन के समय मैंने सुनी थीं लेकिन आजाद भारत में चुनाव के नतीजों के बाद इतनी असहिष्णुता हमने आज तक नहीं देखी: जे पी नड्डा

साथ ही बंगाल हिंसा का साथ दे रहे हैं प्रोपेगैंडाधारी ‘न्यूज चेकर्स’ जो यह कहने से भी पीछे नहीं हट रहे कि बंगाल में कोई हिंसा नहीं हो रही है। जिसका करारा जवाब भी दिया जा रहा है। इन फैक्ट चेकर्स में शामिल हैं Alt News और बूम लाइव। इन दोनो लिबराधारी फैक्ट चेकर्स हिंसा पर जारी किए गए वीडियो को पुराना बता, भाजपा पर ही राज्य को बदनाम करने का आरोप लगा रहे हैं। इस पर टिप्पणी करते हुए एक ट्विटर यूजर और पत्रकार ने लिखा कि “अगर बंगाल में जारी हिंसा के लिए ‘fault news’ इस “फैक्ट-चेक” के साथ आता है कि “बांग्लादेश से दो साल पुराना वीडियो बंगाल में हिंसा के रूप में पारित हुआ”, तो आश्चर्य नहीं होगा”

बंगाल में हो रही हिंसा की घटनाओं के बीच अब राष्ट्रपति शासन की मांग भी उठ रही है। इस हिंसा के बीच ही तृणमूल कांग्रेस की हारी हुई प्रमुख नेता ममता बनर्जी ने आज मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण किया। देश के प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री ने भी हिंसा की पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार से मांगी है।

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