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वर्कवियर का भविष्य!

जिस तरह लॉकडाउन ने लोगों को वर्क फ्रॉम होम की आदत से मिलाया है, उसी तरह अब लोग साल भर चलने वाले आरामदायक वर्कवियर की ओर बढ़ रहे हैं।

लॉक डाउन में सभी आराम दायक वर्कवियर की और रुख कर रहे हैं।(Pixabay)

By: पूजा गुप्ता

महिलाओं के वर्कवियर में भारी बदलाव आया है। आज काम के लिए फॉर्मल और डेली वियर अधिक जीवंत और वाइब्रेंट हो गए हैं।


हालांकि, महामारी से इस सेगमेंट में एक बड़ा बदलाव आया है जो ‘वर्क यूनिफॉर्म’ के मानक से पेशेवर कंफर्ट वियर के लिए स्थानांतरित हो गया।

क्वा के संस्थापक रूपांशी कहती हैं, “मौजूदा स्थिति को देखते हुए, उपभोक्ताओं के निकट भविष्य के लिए घर से काम करने की संभावना है। काम-अवकाश जैसी प्रमुख श्रेणियां जो ट्रांस-सीजनल हैं, सबसे आगे आएंगी। लॉकडाउन के दौरान, हमने देखा हमारी बिक्री में जबरदस्त वृद्धि हुई है क्योंकि उपभोक्ता अब स्लो फैशन ब्रांड्स द्वारा साल भर चलने वाले आरामदायक वर्कवियर की ओर बढ़ रहे हैं।”

क्लासिक शर्ट, पैंटसूट और ट्राउजर के अलावा फ्लोई ड्रेसेस, स्टेटमेंट स्लीव्स वाली शर्ट और कम्फर्ट को-ऑर्डस को शामिल करके क्वा महिलाओं की वर्कवियर की जरूरतों को पूरा कर रहा है।

महिलाऐं आरामदायक वर्कवियर की ओर बढ़ रही हैं।(Pexels)

तो आने वाले महीनों में क्या पूर्वानुमान है?

कई महीनों के लॉकडाउन के बाद, उपभोक्ताओं ने आराम-पहनने और काम और अवकाश में अधिक निवेश किया है, और उन्हें इस तरह से स्टाइल करने की उम्मीद है जो पेशेवर और निजी वातावरण के बीच अनुकूल हो सके। आने वाले महीनों में आराम से संचालित दृष्टिकोण की वापसी होगी और यह ट्रेंड पर आराम का वर्ष होने जा रहा है।

रूपांशी के मुताबिक, “महामारी की अराजकता के बीच, सूती, विस्कोस और लिनन जैसे नरम कपड़ों से ज्यादा उपयुक्त और आरामदायक कुछ भी नहीं लगता है। जीवनशैली में बदलाव के साथ, वर्कवियर में कार्यक्षमता और बहुमुखी प्रतिभा की मांग प्राथमिकता लेगी। कमर- अप ड्रेसिंग जारी रहेगी जो स्टेटमेंट स्लीव्स, नेकलाइन्स और एक्सक्लूसिव ज्वैलरी जैसे डिटेलिंग पर सुर्खियों में रहेगी।”

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पफ स्लीव्स, पावर शोल्डर, रुचि और नॉट डिटेल्स, समकालीन कॉलर, वाइड-लेग्ड और कॉटन-लाइनेड पैंट, जीवंत रंगों में पैंटसूट, ओवरसाइज्ड शर्ट और मिनिमलिस्टिक ज्वेलरी वर्कवियर को फिर से शुरू करेंगे और घर से काम करते हुए महिलाओं को सशक्त बनाएंगे।(आईएएनएस-SHM)

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प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

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महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

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By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

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