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व्हाट्सएप : अपने बिजनेस प्लेटफॉर्म पर खरीदारी को बनाया आसान

व्हाट्सएप ने ई-कॉमर्स के लिए दो नए फीचर्स की घोषणा की, जिससे लोगों को आसानी से पता चल सके कि उनके लिए क्या उपलब्ध है|

व्हाट्सएप (Whatsapp) ने बुधवार को ई-कॉमर्स (E-commerce) के लिए दो नए फीचर्स की घोषणा की, जिससे लोगों को आसानी से पता चल सके कि उनके लिए क्या उपलब्ध है और उद्यमियों को व्हाट्सएप फॉर बिजनेस (Whatsapp for business) पर अपने उत्पादों को जल्दी बेचने में मदद मिल सके। कंपनी ने कहा कि वह अब व्यवसायों को केवल मोबाइल फोन के बजाय व्हाट्सएप वेब/डेस्कटॉप से भी अपनी कैटलॉग बनाने और इसे प्रबंधित करने की क्षमता प्रदान कर रही है।


व्हाट्सएप ने एक बयान में कहा, “चूंकि कई कंपनियां (Companies) कंप्यूटर से अपनी इंवेंट्री का प्रबंधन करती हैं, इसलिए यह नया विकल्प नई वस्तुओं या सेवाओं को जोड़ना आसान और तेज बना देगा, ताकि उनके ग्राहकों को पता चले कि क्या उपलब्ध है।”

यह एक रेस्तरां या कपड़े की दुकान जैसे बड़े आविष्कारों वाली कंपनियों के लिए उपयोगी होगा, ताकि वे एक बड़ी स्क्रीन से अपनी सूची का प्रबंधन कर सकें।

कंपनी का कहना है कि वर्तमान में दुनिया भर में इसकी 80 लाख से अधिक व्यावसायिक कैटलॉग हैं, जिसमें भारत में 10 लाख शामिल हैं।

कंपनी ने पिछले साल छुट्टियों की खरीदारी के मौसम में व्हाट्सएप (Whatsapp) पर कार्ट्स पेश कीं, ताकि लोग एक कैटलॉग ब्राउज कर सकें, कई उत्पादों का चयन कर सकें और कंपनी को एक संदेश के रूप में ऑर्डर भेज सकें।

अब यह उन्हें अपने कैटलॉक से कुछ वस्तुओं को छिपाने (हाइड) का विकल्प देता है। इसके अलावा जब वस्तुएं स्टॉक में फिर से आ जाती हैं या ग्राहकों के लिए उपलब्ध हो जाती हैं, तो इसे फिर से आसानी से दिखाया जा सकता है|

यह भी पढ़ें :- 5जी नेटवर्क के लिए नया सिस्टम-ऑन-ए-चिप विकसित कर रहे सैमसंग और मार्वल

कंपनी ने कहा, “यह फीचर आज से दुनिया भर के व्यवसायों के लिए शुरू हो रहा है।”

हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत (India) में 76 प्रतिशत वयस्कों ने कहा है, “मैं किसी ऐसी कंपनी से व्यापार करने या खरीदारी करने की अधिक संभावना को देखता/देखती हूं, जिसे मैं एक संदेश के माध्यम से संपर्क कर सकता/सकती हूं।” (आईएएनएस-SM)

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आईपीएल में रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) का एक मैच (wikimedia commons)

भारत के क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक के बाद टीम से अपनी कप्तानी छोड़ने का जैसे ऐलान किया वैसे हि , उनके चाहने वाले , प्रशंसकों और साथी खिलाडियों ने अपनीं प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी । इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का कहना है कि आईपीएल की टीम का नेतृत्व करने का दबाव और युवा परिवार का होना रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली के इस आईपीएल के बाद टीम की कप्तानी छोड़ने के फैसले का कारण हो सकता है। आरसीबी की टीम की और से रविवार की देर रात यह घोषणा की गई , कि विराट कोहली आईपीएल 2021 सीजन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ देंगे । इस के पहले कोहली ने कुछ दिन पहले ही टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला किया था।


डेल स्टेन ने आगे कहा कि, " विराट कोहली आरसीबी टीम के साथ शुरू से जुड़े हैं। मुझे नहीं पता, जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है आप चीजों को प्राथमिकता देने लगते हैं। कोहली का नया यूवा परिवार है । उन्हें अपनी पर्शनल लाइफ भी देखना है ।
डेल ने यह भी कहा कि , "हो सकता है, उस जिम्मेदारी (कप्तानी) से थोड़ा सा त्याग करना और सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना उनके करियर के लिए इस समय एक अच्छा निर्णय है।"

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दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन (wikimedia commons)

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में शुमार अमेजन को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है । द मॉर्निग कॉन्टेक्स्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन ने भारत में अपने कानूनी प्रतिनिधियों के आचरण की जांच शुरू कर दी है। एक व्हिसलब्लोअर शिकायत के आधार पर यह जांच हुई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेजन द्वारा कानूनी शुल्क में भुगतान किए गए कुछ पैसे को उसके एक या अधिक कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा घूस में बदल दिया गया है।

काम करने वाले दो लोगों ने जो कि अमेजन की इन-हाउस कानूनी टीम के साथ है , उन्होंने मिलकर पुष्टि की कि अमेजन के वरिष्ठ कॉर्पोरेट वकील राहुल सुंदरम को छुट्टी पर भेजा गया है। एक संदेश में उन्होंने कहा, "क्षमा करें, मैं प्रेस से बात नहीं कर सकता।" हम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं लगा सके कि आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है।

कई सवालों के एक विस्तृत सेट के जवाब में, अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार के लिए हमारे पास शून्य सहनशीलता है। हम अनुचित कार्यो के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं, उनकी पूरी जांच करते हैं, और उचित कार्रवाई करते हैं। हम विशिष्ट आरोपों या किसी की स्थिति पर इस समय जांच या टिप्पणी नहीं कर रहे हैं इस समय जांच।"

\u0911\u0928\u0932\u093e\u0907\u0928 \u0930\u093f\u091f\u0947\u0932\u0930 \u0905\u092e\u0947\u091c\u0928 दुनिया की सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन कंपनी का लोगो (wikimedia commons)

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भारतीय जनता पार्टी भाजपा का चुनावी चिन्ह (wikimedia commons)

अभी-अभी भारत के पंजाब राज्य में एक बड़ी राजनेतिक घटना घटी जब वंहा का मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और सत्ता दल पार्टी ने राज्य ने नया मुख्यमंत्री बनाया । पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने एक बड़ी सियासी चाल खेल दी है। अब कांग्रेस इसका फायदा अगले साल होने जा रहे राज्यों के विधानसभा चुनाव में उठाने की रणनीति पर भी काम करने जा रही है । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सियासी पारे को गरम कर दिया है कांग्रेस की इस मंशा ने।

कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कि पंजाब में दलित सीएम के नाम का ऐलान करने वाले वो उत्तराखंड से ही आते हैं, अतीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आगे भविष्य में भी सीएम पद के दावेदार हैं, इसलिए बात पहले इस पहाड़ी राज्य के सियासी तापमान की करते हैं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा राज्य में अपने दो मुख्यमंत्री को हटा चुकी है और अब तीसरे मुख्यमंत्री के सहारे राज्य में चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाना चाहती है। इसलिए भाजपा इस बात को बखूबी समझती है कि हरीश रावत उत्तराखंड में तो इस मुद्दें को भुनाएंगे ही।

बात करे उत्तराखंड राज्य कि तो यहा पर आमतौर पर ठाकुर और ब्राह्मण जाति ही सत्ता के केंद्र में रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है राजनीतिक दल भी दलितों को लुभाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है , जिसमें 13 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मसला सिर्फ 13 आरक्षित सीट भर का ही नहीं है। उत्तराखंड राज्य के 17 प्रतिशत से अधिक दलित मतदाता 22 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके साथ ही कुल 36 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बना लेती है।

brahmin in uttrakhand उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है (wikimedia commons)

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