Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

जब गडकरी के फाइल रिजेक्ट करने से देश को हुई थी 5 हज़ार करोड़ की बचत

मैं इससे सहमत नहीं हूं। मैं रिजेक्ट कर रहा हूं। पहले एक्सपर्ट के साथ बैठकर चर्चा करें। फिर प्रभावी लागत पर टनल निर्माण की योजना बनाकर लाएं। तभी टेंडर करें: गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो, PIB)

By: नवनीत मिश्र

 एशिया की सबसे लंबी जोजिला सुरंग के निर्माण के लिए अफसरों ने 11 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम बजट की फाइल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने पेश की थी। मगर, नितिन गडकरी ने फाइल रिजेक्ट करते हुए संबंधित अफसरों से दो टूक कह दिया कि इतनी भारी लागत में टनल नहीं बनेगी।


उन्होंने तकनीकी एक्सपर्ट से राय लेकर नए सिरे से फाइल तैयार करने का निर्देश दिया। नतीजा रहा कि जोजिला टनल के सिर्फ एक प्रोजेक्ट में ही करीब पांच हजार करोड़ रुपये की सरकार को बचत हुई है। लेह और श्रीनगर को 12 महीने जोड़े रखने के लिए सामरिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण बीते 15 अक्टूबर से चल रहा है।

दरअसल, जोजिला सुरंग का निर्माण एनएचएआई डीसीएल को करना था। चार बार टेंडर होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हो पाया। देरी का कारण डिपार्टमेंट ने लागत बढ़ने का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पास 11 हजार रुपये का बजट स्वीकृत करने की फाइल भेज दी थी। इस पर नितिन गडकरी ने नोट में लिखा, “मैं इससे सहमत नहीं हूं। मैं रिजेक्ट कर रहा हूं। पहले एक्सपर्ट के साथ बैठकर चर्चा करें। फिर प्रभावी लागत पर टनल निर्माण की योजना बनाकर लाएं। तभी टेंडर करें। आखिरकार संशोधित दर के हिसाब से जब प्लान तैयार हुआ तो पांच हजार करोड़ रुपये की कमी आई।”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टेक्निकल एक्सपर्ट, कंट्रैक्टर और कंसल्टेंट के साथ शनिवार को एक वर्चुअल कार्यक्रम में कहा, “मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि पहली बार जोजिला टनल को लेकर अच्छे टेंडर आए। एक्सपर्ट के सहयोग से प्रोजेक्ट पर हमने पांच हजार करोड़ रुपये बचाए। यह देश के लिए बड़ी बचत है।”

नितिन गडकरी के मुताबिक, जोजिला टनल के निर्माण की जिम्मेदारी बेहतर ट्रैक रिकार्ड वाली मेघा इंजीनियरिंग को मिली है। ऐसे में निर्धारित से डेढ़ से वर्ष पहले कार्य पूरा होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें: भारत की खादी आज मैक्सिको में कैसे बनी ब्रांड, पढ़िए पूरी कहानी

जोजिला टनल का निर्माण पूरा होने के बाद लद्दाख की राजधानी लेह और जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बीच 12 महीने आवागमन जारी रहेगा। वहीं लेह और श्रीनगर के बीच यात्रा में 3 घंटे का समय कम लगेगा। दरअसल, 11,578 फुट की ऊंचाई पर स्थित जोजिला र्दे के कारण नवंबर से अप्रैल तक छह महीने बर्फबारी के कारण श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहता है। ऐसे में जोजिला टनल के निर्माण से बर्फबारी के समय भी लेह से श्रीनगर की यात्रा आसान रहेगी। इससे सेना को भी सहूलियतें होंगी। बीते 15 अक्टूबर को नितिन गडकरी ने इस टनल के निर्माण का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया था। करीब छह वर्ष के अंदर टनल का निर्माण होना है।(आईएएनएस)

Popular

इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

Keep Reading Show less
Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

Keep Reading Show less

वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

Keep reading... Show less