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By : Aaditya Kanchan

बॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म और जीवन में हमें कई सीख देने वाली मूवी 3 इडियट तो सभी ने देख ली होगी लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है कि  3 idiots में आमिर खान के कैरेक्टर फुनसुक वागडू वास्तव में एक टीचर ,  वैज्ञानिक हैं जो बच्चों को लद्दाख में पढ़ाते  हैं , जिनका नाम सोनम वांगचुक हैं । पेशे से सोनम एक इंजीनियर और नवाचारी है ।
 


कहां रहते हैं और क्या करते हैं ? 

सोनम की उम्र 54 साल है और उन्होंने NIT श्रीनगर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की है ,  वंगचुक लेह लद्दाख के निवासी हैं ।  उन्होंने 1988 में  स्टूडेंट एजुकेशन  एंड कल्चर मूवमेंट ऑफ लद्दाख की संस्थान शुरुआत भी की थी । जो छात्र फेल हो जाते हैं वह उन्हें वापस ट्रेन करते हैं जो आगे चलकर वैज्ञानिक बन जाते हैं । वांगचुक कहते हैं

इंजीनियरिंग मेरा शौक है और अब हम वैकल्पिक विश्वविद्यालय पर काम कर रहे हैं। इसमें बच्चे हाथ से काम करके सीख रहे हैं। इसके प्लानिंग वर्कशॉप काम कर रहे हैं। यहां कोई फीस नहीं होगी, शिक्षा मुफ्त होगी।”

सोलर  टेंट का अविष्कार 

हाली ही  में  वांगचुक ने भारतीय जवानों के लिए हीटिंग टेंट भी बनाया है। जिसे देश के उन जवानों को मिलेगा जो लद्दाख सियाचिन सीमा पर हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के बीच हर पल तैनात रहते हैं। वांगचुक ने कैंप की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की है। यूजर्स भी उनकी काफी तारीफ और उन्हें सच्चा देशभक्त कह रहे हैं। सोनम वांगचुक ने  बताया, ‘रात के 10 बजे जहां बाहर का तापमान -14°C था, टेंट के अंदर का तापमान +15°C था। यानी टेंट के बाहर के तापमान से टेंट के भीतर का तापमान 29°C ज्यादा था।’ इस टेंट के अंदर भारतीय सेना के जवानों को लद्दाख की सर्द रातें गुजारने में काफी आसानी होगी। इस सोलर हीटेड मिलिट्री टेंट की खासियत यह है कि यह सौर ऊर्जा की मदद से काम करता है।

आमिर खान से मुलाकात और उनके किरदार की कहानी 

सोनम वांगचुक बताते हैं कि उनकी मुलाकात 2008 में आमिर से एक अवार्ड फंक्शन के दौरान हुई जब  3 idiots की शूटिंग शुरू होने वाली थी । 
सोनम वांगचुक  ” कहते हैं कि आमिर खान का किरदार मुझसे प्रेरित नहीं था, लेकिन मेरे जीवन से उनका किरदार पूरी तरह से प्रभावित जरूर लगता ” है। 

 यह भी पढ़ें : कौन थे वो भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने टूटे पांव के साथ ऑस्ट्रेलिया को घर में हराया
 

बॉयकॉट चीन की करी शुरुआत

जब चीन ने भारतीय जवानों पर हमला किया और सीमा में घुसने की दखलंदाजी की थी तब वांगचुक ने इसके खिलाफ एक अभियान शुरू किया, जिसमें सबसे ज्यादा जोर था चीन की चीजों का बहिष्कार करना।  यहां तक की चीन के सरकारी मीडिया ने भारत के खिलाफ कई अभद्र टिप्पणी और लेख लिखें जिसमें सोनम वांगचुक का भी जिक्र था। जिसके बाद सोनम वांगचुक ने एक वीडियो के जरिए चीनी सामान का विरोध करने की अपील भी की।
 

देश के लिए महत्वपूर्ण है सोनम वांगचुक 

भारतीय इंजीनियर सोनम वांगचुक ने कई ऐसे काम भी किए हैं जो शायद देश के आने वाले भविष्य को भी बदल सकते हैं । उन्होंने ही लद्दाख में पहले कोचिंग सेंटर खोलने की पहल की थी । 
खेती और पीने के पानी के लिए भी उन्होंने अपने स्टूडेंट के साथ ही बर्फ का स्तूप भी बनाया जो 40 मीटर ऊंचा है और 10 हेक्टेयर तक की जमीन को आसानी से सिंचाई करने में मदद करता है। कुल मिलाकर यह भी कहा जा सकता है कि लद्दाख के विकास में उनका भी बहुत बड़ा योगदान है ।
 

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