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दुनिया

WHO: तंबाकू पर उच्च “कर” लगा, जिंदगी और पैसे दोनों को बचाया जा सकता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि, अनुमान के मुताबिक आठ मिलियन से भी अधिक लोग हर साल समय से पहले ही तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण मर जाते हैं।

धूम्रपान की लागत वैश्विक अर्थव्यवस्था में $1.4 ट्रिलियन से भी अधिक है। (VOA)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने हाल ही में बढ़ते सिगरेट और तंबाकू सेवन पर अपनी चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि, सिगरेट (Cigarette) और तंबाकू (Tobacco) जैसे अन्य जानलेवा उत्पादों का सेवन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि, इन जहरीले उत्पादों के सेवन को रोकने के लिए सिगरेट और तंबाकू जैसे उत्पादों पर कर बढ़ाकर करोड़ों लोगों की जान को बचाया जा सकता है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि, अनुमान के मुताबिक आठ मिलियन से भी अधिक लोग हर साल समय से पहले ही तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण मर जाते हैं। कई लोग फेफड़ों के कैंसर (Cancer) के शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि, धूम्रपान की लागत वैश्विक अर्थव्यवस्था में $1.4 ट्रिलियन से भी अधिक है। 


WHO ने अपने नीति निर्माताओं और अन्य लोगों को अपने प्रमुख देशों के लिए तंबाकू पर सबसे मजबूत कराधान नीतियों के बारे में, सूचित करने के लिए एक नया मैनुअल जारी किया है। 

जेरेमीस एन पॉल जूनियर डब्ल्यूएचओ के लिए राजकोषीय नीतियों और स्वास्थ्य संवर्धन के प्रमुख हैं| वह कहते हैं कि, तंबाकू उद्योगों द्वारा जो लोगों को डराने के लिए रणनीति बनाई गई है। वह तंबाकू पर करों को बढ़ाने में, एक सबसे बड़ी बाधा साबित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि, “यदि आप तंबाकू करों में वृद्धि करते हैं, तो आप तस्करों और अवैध व्यापार को भी बढ़ाते हैं। पॉल ने यह भी कहा कि, यदि आप तंबाकू करों को बढ़ाते हैं, तो राजस्व में भी कमी हो सकती है। जिसका रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन पॉल का यह भी कहना है कि, नए WHO मैनुअल दस्तावेज़ वाले देशों ने इस नीतियों को अपनाया भी है और इसका प्रभाव सकारात्मक देखने को मिला है। देश अच्छे “कर” प्रशासन के माध्यम से संसाधनों को जुटाने में सफल रहे हैं। उदाहरण के लिए उन्होंने कहा कि, फिलीपींस (Philippines) ने अपने राजस्व में वृद्धि की है और तंबाकू पर कर लगाकर अपने स्वास्थ्य बजट को तीन गुणा बढ़ा दिया है। 

तंबाकू या सिगरेट जैसे जानलेवा उत्पादों पर उच्च कर लगाकर इनके सेवन को रोका जा सकता है। (Pexel)

WHO के अनुसार, 2018 में केवल 38 देशों में वैश्विक आबादी का 14 प्रतिशत कवर करने पर पाया गया कि, इन देशों में तंबाकू करों में काफी वृद्धि की गई है। यानी एजेंसी सिगरेट के एक पैकेट के खुदरा मूल्य को 75 प्रतिशत के रूप में परिभाषित करता है। 

पॉल ने कहा कि, यदि आप तंबाकू पर करों को बढ़ाते हैं, तो यह समय से पहले होने वाली मृत्यु को रोकने में सहायक हो सकता है। जब तंबाकू या अन्य सिगरेट जैसे जानलेवा उत्पादों पर करों को बढ़ाने की बात आती है, तो पॉल कहते हैं की, यह नियम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि, लोग तंबाकू या सिगरेट जैसे उत्पादों को कम खरीदें और यह ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को इसका सेवन करने से रोक सके। 

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तंबाकू या सिगरेट जैसे जानलेवा उत्पादों पर उच्च कर लगाकर इनके सेवन को रोका जा सकता है। कई देशों ने ऐसा किया भी है। लेकिन वैश्विक स्तर पर यह कदम उठाना बहुत जरूरी है। इससे बड़े स्तर पर लोगों की जिंदगियों को बचाया जा सकता है। (VOA) (हिन्दी अनुवाद: स्वाती मिश्रा)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
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