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By : अर्चना शर्मा

 राजस्थान की तीन विधानसभा सीटों पर 17 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव को दो साल बाद 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। इनके परिणाम सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड माना जा रहा है।


परिणाम के बाद साबित होगा कि तमाम फूट के बावजूद खुद को ‘एकजुट’ दिखाने की कोशिश कर रही कांग्रेस का असली चेहरा सामने आएगा तो दूसरी ओर इसके रिजल्ट बंटे हुए विपक्ष की वास्तविकता की जाँच भी होगी। जिन तीन सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें शहादा, सुजानगढ़ और राजसमंद शामिल हैं।

कांग्रेस में गहलोत खेमा और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट दोनों एक साथ संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार और चुनावी रैलियों में हिस्सा ले रहे हैं। इसके जरिये कांग्रेस अपनी ओर से् ‘एकजुट चेहरा’ दिखाने में सफल रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी खेमे की ओर से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ना तो चुनावी अभियानों में नजर आ रही हैं और ना ही नामांकन रैलियों में ।

कांग्रेस के सूत्रों ने इन खबरों की पुष्टि की है कि सचिन पायलट को गहलोत कैम्प में समायोजित किया गया है। इसका लाभ उपचुनाव में मिलने की संभावना है क्योंकि इन तीन सीटों में से दो सीटों पर गुर्जर समुदाय का प्रभाव है। बीजेपी के सूत्रों ने पुष्टि की कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे जानबूझकर चुनावी अभियानों से दूरी बनाए हुए हैं।

हालांकि, बीजेपी की ओर से राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने सभी वरिष्ठ नेताओं से पूछा है कि वे पार्टी में कैसे योगदान दे रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से एकजुट रहने की हकीकत का खुलासा उस वक्त हुआ जब मंगलवार को सुजानगढ़ में आखिरी मौके पर मंच पर सचिन पायलट की तस्वीर लगाई गई।
 

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ।( Wikimedia Commons) 

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हालांकि, अभी भी कई सवाल ऐसे हैं जिनका समाधान नहीं हुआ है। मसलन राजस्थान में पिछले साल जुलाई में जो राजनीतिक संकट की स्थिति उप्पन्न हुई थी उसके बाद हाईकमान की ओर से पायलट खेमे के जितने भी मंत्रियों के विभाग छीने गए थे, उनको अपना पुराना विभाग गहलौत सरकार में हासिल नहीं हुआ है।

हालांकि पिछले साल जुलाई में पायलट खेमे के विधायकों को मंत्रालय में वापस करने के बायदे किए गए थे। इसके बावजूद पायलट कैम्प चुप्पी साधे हुए है।

दूसरी ओर वसुंधरा राजे के समर्थक मुखर हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर टीम वसुंधरा राजे 2023 नाम का एक ग्रुप सक्रिय है। इसकी ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि इन चुनावों में तमाम पोस्टरों से वसुंधरा राजे की तस्वीरें गायब क्यों हैं। हालांकि, बीजेपी नेताओं का दावा है कि पोस्टर के लिए एक प्रोटोकॉल है।

उनका कहना है कि पीएम और पार्टी अध्यक्ष की तस्वीरें हर जगह लगाई जाती हैं, उसके बाद सीएम / राज्य अध्यक्ष / नेता प्रतिपक्ष के पोस्टर लगाए जाते हैं। ऐसे में इस मसले पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। ( AK आईएएनएस )
 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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