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संस्कृति

जानिए, धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं झाड़ू, बर्तन

धनतेरस पर सोना, चांदी जैसी महंगी धातुओं के साथ-साथ पीतल के बर्तन और झाड़ू खरीदने की परंपरा है।

धनतेरस पर लोग कलश के प्रतीक के रूप में पीतल के बर्तन खरीदते हैं। (Unsplash)

दरअसल, धनतेरस सुख, समृद्धि और आरोग्य का पर्व है। इसी दिन आरोग्य के देवता धन्वन्तरि अवतरित हुए थे। सेहतमंद रहने के लिए सफाई जरूरी है और कहा जाता है कि जहां सफाई होती है वहीं लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए यह मान्यता है कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से घर में लक्ष्मी आती है। देशभर में आज (शुक्रवार) को धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है। धनतेरस के शुभ मुहूर्त में सोने और चांदी की खरीददारी के लिए देशभर के सर्राफा बाजार में पहले से ही तैयारी की गई है और आभूषण विक्रेता इस अवसर पर ग्राहकों को आकर्षक उपहार भी दे रहे हैं।

साहित्याचार्य पंडित दिनेश कुमार मिश्र बताते हैं कि समुद्र मंथन के दौरान आरोग्य के देवता धन्वंतरि इसी कार्तिक कृष्ण के त्रयोदशी को अमृत कलश लेकर अवतरित हुए थे।


पंडित दिनेश कुमार मिश्र कहते हैं कि भगवान धन्वंतरि अमृत-कलश लेकर अवतरित हुए थे, इसलिए कलश के प्रतीक के रूप में लोग पीतल के बर्तन खरीदते हैं और अमृत में ऐसी औषधियां हैं जो आरोग्य प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि धनतेरस पर धनिया के बीज खरीदने की भी परंपरा है क्योंकि इसमें औषधीय गुण होते हैं।

यह भी पढ़ें – धनतेरस के अवसर पर चमके सोने और चांदी के भाव

इस दिन लक्ष्मी की पूजा अर्चना भी की जाती है।

पंडित मिश्र कहते हैं कि धनतेरस का त्योहार दिवाली से पहले आता है और आमतौर पर दिवाली से पहले लोग घरों की सफाई करते हैं जिसके लिए झाड़ू की आवश्यकता होती है इसलिए इस दिन झाड़ू खरीदने की परंपरा है। वहीं, दिवाली के दिन कलश स्थापित होता है और नये बर्तन की जरूरत होती है, इसलिए लोग धनतेरस के दिन बर्तन खरीदते हैं।

भारत में 2016 से धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाता है। (आईएएनएस)

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स्मृति ईरानी, महिला एवं बाल विकास मंत्री (Wikimedia Commons)

कोविड-19 में अपने परिवार को खोने वाले अनाथ बच्चों के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (WCD) ने पोर्टल बनाया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (WCD) के अनुसार जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है, उनके लिए यह योजना शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए सहायता प्रदान करती है और प्रत्येक बच्चे के 18 वर्ष की आयु तक पहुंचने पर उसके लिए 10 लाख रुपये का कोष बनाएगी।

हालांकि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कोविड महामारी के कारण कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो चुके बच्चों का समर्थन करने के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन (PM Cares For Children) योजना की घोषणा की थी। फिलहाल पोर्टल (Portal) के सम्बंध में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने जानकारी दी है कि अब तक 5491 आवेदन आ चुके हैं, जिनमें से 3049 आवेदनों को उचित प्रक्रिया के बाद जिलाधिकारियों द्वारा अनुमोदित किया गया है और 483 आवेदन अनुमोदन के लिए लंबित हैं।

Donations For Orphanage, WCD, PM Cares For Children कोविड महामारी में अनाथ हुए बच्चे के लिए 10 लाख रुपये का कोष बनाएगी डब्ल्यूसीडी । [Wikimedia Commons]

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जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री [Wikimedia Commons]

केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी (G.Kishan Reddy) ने शनिवार को कहा कि भले ही गोवा (Goa) में कोविड (Covid-19) की तीसरी लहर आए या ना आए, लोगों को पर्यटन स्थलों (Tourist places) की यात्रा करनी चाहिए और आवश्यक कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बैठकों और समारोहों में भाग लेना चाहिए। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेड्डी ने यह भी कहा कि कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट का प्रसार, भारत में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही के लिए एक बाधा साबित हो सकता है।

रेड्डी ने मीडियाकर्मियों से कहा, "न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में पर्यटन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। घरेलू पर्यटन अब बढ़ रहा है और लोग बड़ी संख्या में गंतव्यों की यात्रा कर रहे हैं। लेकिन आज, तीसरी लहर के बारे में बहस चल रही है।"

उन्होंने (G.Kishan Reddy) कहा, "लेकिन मैं लोगों से आग्रह करता हूं, चाहे तीसरी लहर आए या न आए, सभी को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए और पर्यटन स्थलों की यात्रा करनी चाहिए। राज्य सरकारों ने भी प्रोटोकॉल का पालन करने के संबंध में अपने निर्णय लिए हैं।"

गोवा के लिए चार्टर पर्यटन उड़ानों के तत्काल भविष्य पर टिप्पणी करते हुए, (जिसे हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति दी गई थी) रेड्डी ने कहा कि विश्व स्तर पर ओमिक्रॉन का बढ़ता प्रसार एक निराशाजनक साबित हो सकता है।

उन्होंने (G.Kishan Reddy) यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय क्रूज पर्यटन को एक मिशन मोड पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए और कहा कि उनका मंत्रालय प्रधानमंत्री के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय के साथ काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, "क्रूज पर्यटन सागरमाला पहल का एक हिस्सा है। हमारा जहाजरानी मंत्रालय इसे प्रोत्साहित कर रहा है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अनुसार क्रूज पर्यटन विकास को एक मिशन मोड पर लिया जाएगा।"

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ओमिक्रॉन को देखते हुए हुआ लॉकडाउन तो पड़ेगा महंगा! (Image: Pixabay)

कोविड-19(Covid 19) का नया सुपर म्यूटेंट ओमिक्रॉन वैरिएंट(Omicron Variants) काफी खतरनाक बताया जा रहा है, जिसमें स्पाइक प्रोटीन पर 30 से अधिक म्यूटेंट बताए जा रहे हैं, जो मानव कोशिकाओं को बुरी तरह से संक्रमित करने में सक्षम हैं। यह वैरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था और इसके बाद यह तेजी से फैल रहा है और इसकी चपेट में भारत, श्रीलंका, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, नीदरलैंड और ब्रिटेन सहित 24 से अधिक देश आ चुके हैं।

निश्चित ही सभी देश इस वैरीअंट(Omicron Variants) को रोकने के लिए लॉकडाउन(Lockdown) जैसे बड़े फैसले पर विचार कर रहे हैं। लेकिन डब्ल्यूएचओ ने लॉकडाउन को सही फैसला नहीं बताया है, जबकि अंतिम उपाय के रुप मे लॉकडाउन(Lockdown) को बताया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को कम करने के लिए लॉकडाउन लागू करना बहुत महंगा साबित हो सकता है और इसे अंतिम उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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