Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

क्यों दिल्ली सरकार के लिये शराब का वितरण अधिक महत्वपूर्ण?

कैट ने, दिल्ली सरकार द्वारा शराब की होम डिलीवरी की अनुमति देने की अधिसूचना के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कड़ी आलोचना की है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दुकानों के बजाय शराब को अपना प्रिय विषय चुना। (Pexels)

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) (CAIT) ने दिल्ली सरकार द्वारा शराब की होम डिलीवरी की अनुमति देने की अधिसूचना के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की कड़ी आलोचना की है। कैट ने कहा, दिल्ली में कोरोनावायरस के मामलों में काफी गिरावट को देखते हुए, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं दी, लेकिन दूसरी ओर, दिल्ली आबकारी अधिनियम में संशोधन करके उन्होंने शराब (Liquor) की होम डिलीवरी की अनुमति दी है। यह दर्शाता है कि न केवल व्यापारियों द्वारा, बल्कि उनके कर्मचारियों द्वारा अर्जित की जाने वाली आजीविका के बजाय शराब का वितरण उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है।

कैट के अनुसार, शराब की होम डिलीवरी की अनुमति तो बाद में भी दी जा सकती थी जबकि वर्तमान समय में दुकानें और मार्केट खोलना ही सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दुकानों के बजाय शराब को अपना प्रिय विषय चुना।


क्या सीएम केजरीवाल इस बात का खुलासा करेंगे कि उन्होंने इस मामले में किस-किस से रायशुमारी की है: कैट| (Twitter)

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवालने बताया, आदेश का समय संदिग्ध है, क्योंकि वर्तमान लॉकडाउन अवधि के दौरान सीएम केजरीवाल ने बार बार दावा किया कि इस दौरान दिल्ली सरकार द्वारा उठाये जाने वाले सभी कदमों की घोषणा से पहले सरकार ने उसके सभी पक्षों पर पूरा विचार ही नहीं किया, बल्कि जनता से रायशुमारी भी की है। क्या सीएम केजरीवाल इस बात का खुलासा करेंगे कि उन्होंने इस मामले में किस-किस से रायशुमारी की है।

यह भी पढ़ें :- ‘भारत महान नहीं, बदनाम’ पर छिड़ा संग्राम|

उन्होंने आगे कहा कि, दिल्ली सरकार (Delhi Government) के इस कदम को राजस्व अर्जित करने की दृष्टि से लिया जाना बताया जा रहा है, जबकि यदि 31 मई से दुकानों और बाजारों को खोलने की अनुमति दी जाती तो उससे होने वाली बिक्री पर सरकार को राजस्व भी मिलता और वित्तीय संकट से परेशान लोगों को आजीविका कमाने का मौका भी मिलता, लेकिन यह दिल्ली का दुर्भाग्य है की शराब दुकानें खोलने पर हावी हो गई|(आईएएनएस-SM)

Popular

अल फैज़ान मुस्लिम फंड के मालिक मोहम्मद फैज़ी ने की खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी (wikimedia commons)

बिजनौर के नगीना शहर में मोहल्ला लुहारी सराय में स्थित 'अल फैजान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का मालिक मोहम्मद फैज़ी खाताधारकों के साथ ठगी(Fraud) कर करोड़ो रुपए की नगदी के साथ सोने-चांदी जेवरात लेकर फरार हो गया है। पुलिस ने कई लोगों के शिकायत के बाद प्रबंधक मोहम्मद फ़ैज़ी और एक अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तमाम लोगों के शिकायत के आधार पर पुलिस ने 'अल फैजान म्युचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड' मोहल्ला लाल सराय नगीना के का संचालन के रहे मोहम्मद फैजी पुत्र अहमदुल्ला निवासी शाहजीर नगीना 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जाँच शुरू कर दी है। नगीना के मोहल्ला लाल सराय में स्थित 'अल फैज़ान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का संचालन मोहम्मद फैज़ी बीते पांच साल से कर रहा था। खाताधारकों को बिना कोई सूचना दिए आरोपी मोहम्मद फैज़ी शाखा बन्द कर फरार हो गया।

Bijnor, bijnor police, Bank fraud अल फैज़ान मुस्लिम फंड लिमिटेड तले मोहम्मद फैज़ी ने खाताधारकों को लगाया चूना। करोड़ो ले कर फरार। ( Pixabay )

बता दें कि 'अल फैज़ान मुस्लिम फंड' की शाखा में लोग प्रतिदिन लाखों रुपये का लेनदेन करते थे। ख़बर है की अल फैजान की शाखा में नगीना व आसपास के लोग के करोड़ों रुपए की नकदी के साथ साथ सोने चांदी के जेवरात भी जमा करते थे। रोज की तरह जब लोग अल फैज़ान फंड लिमिटेड की शाखा में लेन देन के लिए पहुंचे तो उन्हें निर्धारित समय सीमा के बाद भी शाखा बंद मिली। इसके बाद खाताधारकों को शक हुआ तो पता चला कि अल फैजान मुस्लिम फंड शाखा का संचालक मोहम्मद फैज़ी करोड़ों रुपए की नकदी के साथ साथ खाताधारकों के शाखा में जमा सोने-चांदी के जेवरात भी लेकर फरार हो गया। पुलिस की माने तो अब तक 170 से भी अधिक तहरीर दर्ज की जा चुकी हैं और पुलिस खाताधारकों के हुए नुकसान की खोज बीन में जुट गई है ।

Keep Reading Show less

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) के राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस(National Startup Day) की पहल की सराहना करते हुए कई भारतीय स्टार्टअप(Indian Startup) ने रविवार को कहा कि यह न केवल देश के नवाचारकर्ताओं और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि आर्थिक क्षेत्र में वैश्विक निवेशकों के विश्वास को भी बढ़ावा देगा।

मोदी ने शनिवार को 160 से अधिक प्रमुख स्टार्टअप्स के साथ वर्चुअल बैठक में कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने छोटे व्यवसायों की तरह, स्टार्टअप्स भी एक अहम भूमिका अदा करने जा रहे हैं।

फिनटेक प्लेटफॉर्म रिफाइन के सीईओ और सह-संस्थापक चित्रेश शर्मा ने एक मीडिया एजेंसी को बताया हमने नए जमाने के संस्थापकों को मौजूदा श्रेणियों से परे सोचने और वास्तविक सामाजिक समस्याओं को हल करने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करने में एक छोटी भूमिका निभाई है। जरूरत पड़ने पर इसके लिए पूरी तरह से एक नई श्रेणी बनाने की आवश्यकता हो सकती है। 'किसी खास कारण के लिए व्यापार भारतीय भारतीय स्टार्टअप की बेहतरीन कहानी लिखने के लिए बहुत ही अहम है।

उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप विकास की राह पर हैं और हम दुनिया भर में निवेशकों का विश्वास हासिल करना जारी रखेंगे। यह बात हाल ही निवेश की संख्या में बढ़ोत्तरी होने से साबित होती है। भारत में 2021 में 1 अरब डॉलर से अधिक कीमत वाली 46 कंपनियां अस्तित्व में आई हैं

Keep Reading Show less

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी SI ने चुनावों में गड़बड़ी के लिए अपनी आतंकी शाखाएं सक्रिय कर दी हैं।

पंजाब(Punjab) में चुनावी प्रक्रिया को पटरी से उतारने और पंजाब में खालिस्तानी पदचिन्हों को बढ़ाने के उद्देश्य से, पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) ने राज्य में और उत्तर के कुछ हिस्सों में और अधिक आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने आतंकी संगठनों को सक्रिय कर दिया है। प्रदेश, खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है।

खुफिया जानकारी के हवाले से सुरक्षा व्यवस्था के सूत्रों ने कहा कि आईएसआई प्रायोजित सिख आतंकी संगठन चुनावी रैलियों(Election Rallies) को निशाना बना सकते हैं और पंजाब, यूपी(Uttar Pradesh) और उत्तराखंड(Uttarakhand) के कुछ हिस्सों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान कुछ महत्वपूर्ण नेताओं या वीवीआईपी को मारने का प्रयास कर सकते हैं।

Keep reading... Show less