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थोड़ा हट के

वेलेंटाइन सप्ताह में पत्नी ने कराया पति पर हमला, पति ने गाए, ‘दिल के अरमां’

एक पति ने अपनी ही पत्नी पर जान से मारने की नीयत से हमला किये जाने का आरोप लगाया है। पूरा मामला भगलपुर जिले के जीरो माइल थाना क्षेत्र का है।

By : मनोज पाठक

एक ओर जहां देश और दुनिया में वेलेंटाइन सप्ताह मनाया जा रहा है और प्रेम में एक साथ जीने और मरने की कसमें खाई जा रही हैं, वहीं मंगलवार को जिस दिन दुनिया ‘प्रपोज डे’ मना रही थी, उसी दिन एक पति ने अपनी ही पत्नी पर जान से मारने की नीयत से हमला किये जाने का आरोप लगाया है। पूरा मामला भगलपुर जिले के जीरो माइल थाना क्षेत्र का है। पति अब पुलिस के सामने निकाह फिल्म के गीत ‘दिल के अरमां आंसूओं में बह गए’ गाकर मन बहला रहे हैं।


जीरो माइल के रानी तालाब क्षेत्र निवासी सुजीत कुमार की पहली पत्नी ने तलाक लेकर दूसरे के साथ विवाह कर लिया था। सुजीत का आरोप है, “मेरी पहली पत्नी अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। दूसरी पत्नी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मुझे मारने की कोशिश की। इसलिए अब तो सभी अरमान समाप्त हो गए।”

सुजीत मंडल ने जीरो माइल थाना में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी पुष्पा ने अपने साथियों के साथ मंगलवार की रात जब वह सो चुका था तब उसपर हमला किया। उस दौरान उन पर चाकुओं और सरिया से वार किया गया। उसे मरा समझकर सभी हमलावर भाग निकले। सुजीत हमला के बाद बेहोश हो गए थे, जब उन्हें होश आया तब उन्होंने मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया। लोगों ने बाद में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। सुजीत ने दो शादियां की है। वर्ष 2000 में उसकी पहली शादी सोनी देवी से हुई थी। उससे एक भी बच्चा नहीं हुआ था। सोनी ने सुजीत से तलाक ले लिया और दूसरे से विवाह कर लिया। इसके बाद 2017 में सुजीत ने दूसरी शादी पुष्पा देवी से की थी। पुष्पा पहले से शादीशुदा थी। पहले वाले पति से उसे एक लड़की भी थी।

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सुजीत का आरोप है कि पुष्पा उससे बराबर झगड़ा करने लगी थी। उसकी दोस्ती दूसरे लोगों से थी। उनलोगों के साथ ही आवाजाही करने लगी थी। मना करने पर वह मंगलवार की देर रात जब खाना खाने के बाद सो गया तब उसकी हत्या का प्रयास किया गया। इधर, पुष्पा इन आरोपों से इनकार कर रही है। उन्होंने कहा कि सुजीत ही उनकी दुनिया है, आखिर उसे मारकर मुझे क्या मिलेगा। उन्होंने कहा कि सुजीत से प्रेम के कारण ही पहला घर छोड़कर इनके साथ चली आई।

उधर, जीरो माइल के थाना प्रभारी राजरतन ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। दोनों पक्षों का बयान ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि इनके आसपास के लोगों से भी पता लगाया जा रहा है। जांच के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा। (आईएएनएस )
 

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आईपीएल में रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) का एक मैच (wikimedia commons)

भारत के क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक के बाद टीम से अपनी कप्तानी छोड़ने का जैसे ऐलान किया वैसे हि , उनके चाहने वाले , प्रशंसकों और साथी खिलाडियों ने अपनीं प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी । इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का कहना है कि आईपीएल की टीम का नेतृत्व करने का दबाव और युवा परिवार का होना रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली के इस आईपीएल के बाद टीम की कप्तानी छोड़ने के फैसले का कारण हो सकता है। आरसीबी की टीम की और से रविवार की देर रात यह घोषणा की गई , कि विराट कोहली आईपीएल 2021 सीजन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ देंगे । इस के पहले कोहली ने कुछ दिन पहले ही टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला किया था।


डेल स्टेन ने आगे कहा कि, " विराट कोहली आरसीबी टीम के साथ शुरू से जुड़े हैं। मुझे नहीं पता, जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है आप चीजों को प्राथमिकता देने लगते हैं। कोहली का नया यूवा परिवार है । उन्हें अपनी पर्शनल लाइफ भी देखना है ।
डेल ने यह भी कहा कि , "हो सकता है, उस जिम्मेदारी (कप्तानी) से थोड़ा सा त्याग करना और सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना उनके करियर के लिए इस समय एक अच्छा निर्णय है।"

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दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन (wikimedia commons)

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में शुमार अमेजन को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है । द मॉर्निग कॉन्टेक्स्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन ने भारत में अपने कानूनी प्रतिनिधियों के आचरण की जांच शुरू कर दी है। एक व्हिसलब्लोअर शिकायत के आधार पर यह जांच हुई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेजन द्वारा कानूनी शुल्क में भुगतान किए गए कुछ पैसे को उसके एक या अधिक कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा घूस में बदल दिया गया है।

काम करने वाले दो लोगों ने जो कि अमेजन की इन-हाउस कानूनी टीम के साथ है , उन्होंने मिलकर पुष्टि की कि अमेजन के वरिष्ठ कॉर्पोरेट वकील राहुल सुंदरम को छुट्टी पर भेजा गया है। एक संदेश में उन्होंने कहा, "क्षमा करें, मैं प्रेस से बात नहीं कर सकता।" हम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं लगा सके कि आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है।

कई सवालों के एक विस्तृत सेट के जवाब में, अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार के लिए हमारे पास शून्य सहनशीलता है। हम अनुचित कार्यो के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं, उनकी पूरी जांच करते हैं, और उचित कार्रवाई करते हैं। हम विशिष्ट आरोपों या किसी की स्थिति पर इस समय जांच या टिप्पणी नहीं कर रहे हैं इस समय जांच।"

\u0911\u0928\u0932\u093e\u0907\u0928 \u0930\u093f\u091f\u0947\u0932\u0930 \u0905\u092e\u0947\u091c\u0928 दुनिया की सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन कंपनी का लोगो (wikimedia commons)

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भारतीय जनता पार्टी भाजपा का चुनावी चिन्ह (wikimedia commons)

अभी-अभी भारत के पंजाब राज्य में एक बड़ी राजनेतिक घटना घटी जब वंहा का मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और सत्ता दल पार्टी ने राज्य ने नया मुख्यमंत्री बनाया । पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने एक बड़ी सियासी चाल खेल दी है। अब कांग्रेस इसका फायदा अगले साल होने जा रहे राज्यों के विधानसभा चुनाव में उठाने की रणनीति पर भी काम करने जा रही है । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सियासी पारे को गरम कर दिया है कांग्रेस की इस मंशा ने।

कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कि पंजाब में दलित सीएम के नाम का ऐलान करने वाले वो उत्तराखंड से ही आते हैं, अतीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आगे भविष्य में भी सीएम पद के दावेदार हैं, इसलिए बात पहले इस पहाड़ी राज्य के सियासी तापमान की करते हैं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा राज्य में अपने दो मुख्यमंत्री को हटा चुकी है और अब तीसरे मुख्यमंत्री के सहारे राज्य में चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाना चाहती है। इसलिए भाजपा इस बात को बखूबी समझती है कि हरीश रावत उत्तराखंड में तो इस मुद्दें को भुनाएंगे ही।

बात करे उत्तराखंड राज्य कि तो यहा पर आमतौर पर ठाकुर और ब्राह्मण जाति ही सत्ता के केंद्र में रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है राजनीतिक दल भी दलितों को लुभाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है , जिसमें 13 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मसला सिर्फ 13 आरक्षित सीट भर का ही नहीं है। उत्तराखंड राज्य के 17 प्रतिशत से अधिक दलित मतदाता 22 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके साथ ही कुल 36 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बना लेती है।

brahmin in uttrakhand उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है (wikimedia commons)

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