Thursday, May 13, 2021
Home व्यवसाय झाड़ू से आत्मनिर्भर बनती मध्य प्रदेश की महिलाएं

झाड़ू से आत्मनिर्भर बनती मध्य प्रदेश की महिलाएं

रोजगार बड़ी समस्या है, मगर इसके निदान के भी रास्ते हैं, बशर्ते इच्छाशक्ति और लगन हो। ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के मुरैना जिले के अंबाह के गोठ गांव की महिलाओं ने कर दिखाया है। उन्होंने झाड़ू के जरिए आत्मनिर्भर(Atmanirbhar) बनने का अभियान छेड़ा है। अब इन महिलाओं की हर माह तीन हजार रुपए तक की आमदनी होने लगी है। बात अम्बाह विकासखंड के ग्राम गोठ की है। यहां महिलाओं ने पहले पैसा जोड़ा और फिर मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से सहायता मिली। उसके बाद उन्होंने झाड़ू बनाने का काम शुरु किया। अब उनकी जिंदगी ही बदलने लगी है।

माया आजीविका स्व-सहायता समूह गोठ की अध्यक्ष अल्पना तोमर(Alpna Tomar) ने बताया कि वर्ष 2019 में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से समूह का गठन किया गया था। समूह में प्रति सप्ताह सभी महिलाओं से 10-10 रुपए एकत्रित कर बैंक में 10 हजार 200 रुपए की राशि एक मुश्त जमा कर दी। इसके बाद मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा रिवॉलबिंग फंड के रूप में प्रति महिला के 10 हजार के मान से एक लाख रुपए समूह को मिले। इसके अलावा ग्राम संगठन में 50 हजार रुपए की सहायता समूह को और मिली।

झाड़ू बनाना Broom making
इससे महिलाओं की जिंदगी बदलने लगी है।(आईएएनएस)

वो बताती हैं कि इस प्रकार समूह पर एक लाख 50 हजार रुपए की शुद्ध आय एकत्रित हुई। समूह को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिलाये गये। जिसमें माया आजीविका स्व-सहायता समूह ने झाड़ू बनाने का उद्योग अपने लिये चयन किया। समूह की सभी महिलाओं ने इंदौर(Indore) से झाड़ू बनाने का सामान कच्चा क्रय किया और धीरे-धीरे झाड़ू उद्योग प्रारंभ कर दिया। झाड़ू की बिक्री स्थानीय स्तर से बाजार में भी होने लगी।

यह भी पढ़ें: अब स्ट्रॉबेरी की खेती में किसान आजमा रहे हाथ, बढ़ रही है आमदनी!

स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने झाड़ू बनाई और उसकी बिक्री पर उन्हें प्रति झाड़ू चार रुपए के हिसाब से शुद्ध आय समूह को मिलने लगी। धीरे-धीरे समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने लगा और प्रति महिला को तीन हजार रुपए मासिक आय प्रारंभ होने लगी। महिलायें घर-गृहस्थी का कार्य करने के बाद झाड़ू बनाने का कार्य करती हैं। जो बचत होती है, उसे वे अपने गृहस्थ जीवन में उपयोग करती हैं। इससे महिलाओं का आर्थिक उत्थान के साथ-साथ सामाजिक स्तर ऊंचा हो रहा है।(आईएएनएस-SHM)

POST AUTHOR

न्यूज़ग्राम डेस्क
संवाददाता, न्यूज़ग्राम हिन्दी

जुड़े रहें

7,638FansLike
0FollowersFollow
177FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

भारत का इमरान को करारा जवाब, दिखाया आईना

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

दिल्ली की कोशिश पूरे 40 ओवर शानदार खेल खेलने की : कैरी

 दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने कहा है कि टीम के लिए यह समय है टूर्नामेंट में दोबारा शुरुआत करने का।...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

हाल की टिप्पणी