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टेक्नोलॉजी

विज्ञान के क्षेत्र से सिर्फ पुरुषों को जोड़ना गलत

विज्ञान, इंजीनियरिंग, गणित के क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान दिलाना ज़रूरी हो गया है। इसी ओर धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने बड़ा कदम उठाया है।

विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान सराहनीय रहा है। (Unsplash)

विज्ञान एक ऐसा विषय है, जिसे अकसर पुरूषों से जोड़कर देखा जाता रहा है, जबकि महिलाएं भी इस क्षेत्र में गजब का प्रदर्शन कर चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके योगदान को कमतर आंका जाता रहा है। विज्ञान, इंजीनियरिंग, गणित के क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान दिलाने की ही खातिर शहर के दो स्कूली विद्यार्थियों ने एक मंच का गठन किया है।

धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थी बरखा सेठ और क्षितिज सेठ अपने इस मंच के माध्यम से छात्राओं को विज्ञान की दिशा में कदम आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।


डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट द साइंटिफिकवुमेन डॉट कॉम वेबसाइट में न केवल उन महिलाओं का जिक्र होगा, जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में नाम कमाया है बल्कि एक कार्यक्रम भी शामिल होगा, जिसके तहत विशेषज्ञों से विज्ञान के क्षेत्र से संबंधित तमाम दिशा-निर्देश मिल सकेंगे।

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अपने इस स्वतंत्र और गैर-लाभकारी परियोजना के बारे में बरखा कहती हैं, “स्कूल में फिजिक्स की क्लास में मुझे लड़कियों की कमी खलती है। लड़कियां विज्ञान में पढ़ाई करने का सोचती भी हैं, तो इंजीनियरिंग या फीजिक्स के मुकाबले अधिकतर बायोलॉजी या मेडिसिन ही चुनती हैं।”

भाई-बहन की इस जोड़ी ने एक सर्वे किया, जिसमें उन्होंने पाया कि केवल 25 फीसदी लड़कियां ही ऐसी हैं, जो इंजीनियरिंग में जाने का सोच रही हैं, जबकि 75 फीसदियों का मन मेडिसिन या इससे संबंधित शाखा में जाने का है।

क्षितिज इस पर कहते हैं, “हम इस भ्रांति को तोड़ना चाहते हैं और विज्ञान से जुड़ने की दिशा में अधिक से अधिक लड़कियों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं।” (आईएएनएस)

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हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

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By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

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