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अब कोरोना से दो चार करने को तैयार ऋषिकेश का पहलवान

अखाड़े में लोगों को धूल चटाने वाले ऋषिकेश के पहलवान लाभांशु शर्मा ने अब कोविड को मात देने का बीड़ा उठाया है।

कोरोना से मुकाबले के लिए इस मशहूर पहलवान की बड़ी पहल.(Pexel)

अखाड़े में लोगों को धूल चटाने वाले ऋषिकेश के पहलवान लाभांशु शर्मा ने अब कोविड को मात देने का बीड़ा उठाया है। मशहूर कुश्ती खिलाड़ी लाभांशु शर्मा एशियाई अंतर्राष्ट्रीय खेलों में दो स्वर्ण पदक और इंडो नेपाल अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती टूनार्मेंट के विजेता रह चुके हैं। लाभांशु ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को पत्र लिखकर अपने घर को कोरोना सेंटर बनाने की पहल की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि ‘देश जिस महामारी से गुजर रहा है उस समय मैं इस जंग में सहयोग करना चाहता हूं। ‘

अखाड़े में लोगों को धूल चटाने वाले ऋषिकेश के पहलवान लाभांशु शर्मा ने अब कोविड को मात देने का बीड़ा उठाया है।[Wikimedia Commons]


एशियाई अंतर्राष्ट्रीय खेलों में दो स्वर्ण पदक पाने वाले लभांशु का घर तीन मंजिल का बना हुआ है। जिसमें करीब 30 लोगों के रहने की व्यवस्था है। इसमें एक ओपेन गार्डन और जिम भी है। पहलावन कोरोना से जूझ रहे व्यक्तियों की अपेन कोविड सेंटर में खुद सेवा करेंगें। कोरोना गाइड लाइन के तहत डाक्टरों की मदद से यह मरीजों की पूरी देखभाल करेंगे।

पहलवान का कहना है कि ‘ देष में जब चारो तरफ ऑक्सीजन, बेड और दवाओं के किल्लत से जूझते लोग दिखें तो उन्होंने अपने घर को कोविड केयर सेंटर के रूप में तब्दील करने का फैसला लिया। इस दौरान वह मरीजों को व्यायाम, योग, खाने-पीने की सारी व्यवस्था भी करेंगे। वह मरीजों को स्वास्थ्य कराने में अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।’

लभांशु ने बताया कि ‘इस समय देश और प्रदेश को कोविड केयर और आइसोलेशन सेंटर्स की बहुत आवश्यकता है, इसलिए मैं अपने घर को आइसोलेशन सेंटर में बनाने की आपसे गुजारिश करता हूं। लभांशु ने बताया कि वह अपनी तरफ से 30 मरीजों के रहने की व्यवस्था भी करेंगे। और सभी मरीजों के खाने की व्यवस्था भी खुद ही करेंगे। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब लभांशु ने समाज सेवा के लिए कदम बढ़ाया हो। लभांशु एंटी ड्रग कैंपेन भी चलाते हैं और युवाओं को नशे की लत से दूर रखने की सीख देते हैं।’

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लभांशु को हाल ही में नेपाल के गांधी पीस फाउंडेशन की ओर से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती को लेकर चर्चा में रहने वाले लाभांशु को यह उपाधि समाज में बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए दी गई। दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद समाज के दो समुदायों में बढ़े तनाव को कम करने में लाभांशु ने काफी अहम कदम उठाए थे जिसकी खूब चर्चा हुई थी।

लाभांशु शर्मा उत्तराखंड के ऋषिकेश के रहने वाले हैं। लाभांशु भारतीय पहलवान व विश्व शांति कार्यकर्ता हैं। उन्होंने विश्व शांति के लिए आयोजित किए गए कई अभियानों की अगुवाई की है। इन्हें 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। उन्हें उत्तराखंड रत्न, एपीजे अब्दुल कलाम अवॉर्ड, यंग अचीवर अवॉर्ड, नेशनल यूथ अवॉर्ड भी मिल चुका है।(आईएएनएस-PK)

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देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

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कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। (wikimedia commons)

हिंदू संगठनों की ओर से आलोचना झेल रही कर्नाटक की भाजपा सरकार नें कर्नाटक में मंदिर विध्वंस के मुद्दे पर फिलहाल राज्य विधानसभा में एक कानून पारित कर पुरे कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस इन दोनों के बीच मंगलवार को तीखी बहस के बीच प्रस्तावित कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक 2021 को पारित कर दिया गया।

यह प्रस्तावित अधिनियम जिसका नाम 'कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक-2021' है, इसका मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस को रोकना है।

यह अधिनियम में कहा गया है कि 'कर्नाटक धार्मिक संरचना संरक्षण अधिनियम -2021' के लागू होने की तारीख से, कानूनों के कानूनी प्रावधान और अदालतों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों के आदेशों या दिशानिदेशरें के बावजूद, सरकार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों पर बने धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने और विधान परिषद में पारित होने के बाद से ही ।

इसी बीच विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि हिंदू जागरण वेदिक और हिंदू महासभा की आलोचना का सामना करने के बाद भाजपा यह कानून लाई है। मैसूर में मंदिर तोड़े जाने के बाद बीजेपी पुनर्निर्माण के लिए नया कानून ला रही है, यह भी आरोप लगायें हैं उन्होंने भाजपा पार्टी के खिलाफ । इसके बाद कांग्रेस के एक और विधायक और पूर्व मंत्री औरयू.टी. खादर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने जा रहे हैं कि भाजपा ने भारत में आक्रमणकारियों की तरह मंदिरों को ध्वस्त कर दिया।

\u0915\u0930\u094d\u0928\u093e\u091f\u0915 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f कर्नाटक राज्य का नक्शा सांकेतिक इमेज (wikimedia commons)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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