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थोड़ा हट के

आसमान में दिखने वाली हर चीज को एलियंस समझ लेना गलत।

एलियंस और UFO अलग हैं। हम अक्सर आसमान में दिखाई देने वाली किसी भी चीज को एलियन बना देते हैं। लेकिन सब कुछ एलियन नहीं होता है।

UFO यानी Unidentified flying object आसमान में दिखने वाली ऐसी कोई भी चीज जिसे इंसानों ने नहीं बनाया हो। (Pixabay)

अभी हाल ही में ट्विटर पर एक वीडियो वायरल हो रही है और यह वीडियो अमेरिका (America) की है| हालांकि इस वीडियो को 2019 में शूट किया गया था लेकिन यह वीडियो अब दोबारा चर्चा में आ गई है। इसको जेरेमी कोरबेल नाम के एक यूजर्स द्वारा दोबारा से शेयर किया गया है और लिखा है कि “अमेरिकी नौसेना ने एक गोलाकार शेप के UFO or एडवांस ट्रांस मीडिया व्हीकल की तस्वीरें ली है और उसकी वीडियो भी बनाई है। इसमें से कुछ फुटेज आप यहां देख सकते हैं।”  इस वीडियो को शेयर करने के साथ ही इसे करीब 1 करोड़ से भी अधिक लोगों द्वारा देखा गया है।

अब बात करते हैं वीडियो की, की आखिर वीडियो में ऐसा क्या है? 

इस वीडियो में एक गोल आकार का कुछ आसमान में दिखाई देता है। बाद में वह अचानक समुद्र में चला जाता है। यह वीडियो रिकॉर्डिंग यूएसएस ओमाह में लगे कैमरे से की गई थी और सैन डिएगो के कॉम्बेट इंफॉर्मेशन सेंटर के पास बनाया गया था।

इस वीडियो को लेकर जांचकर्ता अमेरिकी एस्ट्रोफिजिसिस्ट और साइंस कमेंटेटर नील टायसन ने कहा कि, इस तरह की घटनाओं से इंसानों की साइकोलॉजी को लेकर कई तरह की चीजों का पता चलता है। हम अक्सर आसमान में उड़ती या दिखाई देने वाली किसी भी चीज को एलियन बना देते हैं। लेकिन सब कुछ एलियंस नहीं होता है। उन्होंने यह भी कहा कि, जब तक कन्फर्म नहीं होता आखिर वह चीज क्या थी, तब तक हमें इसे सनसनी खबर बनाने से बचना चाहिए और एलियंस पर ध्यान देने की बजाय हमें कुछ और सोचना चाहिए जैसे “ये कुछ भी और अलग हो सकता है।” 

यह भी पढ़ें :- उड़ान का रहस्य: एक प्लेन जिसने उड़ान तो भरी मगर 30 साल बाद लैंड किया!

UFO क्या होता है?

UFO यानी Unidentified flying object आसमान में दिखने वाली ऐसी कोई भी चीज जिसे इंसानों ने नहीं बनाया हो। ऐसी रहस्यमयी चीज जिसकी अभी कोई पुष्टि न हुई हो। उसे आमतौर पर UFO कहा जाता है।

हर साल अलग – अलग प्रकार की कुछ चीजें आसमान में देखी जाती हैं और कई रिसर्च के बाद भी अब तक इसके कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। लेकिन यह तो स्पष्ट है कि, एलियंस और UFO अलग हैं। हमें हर आसमान में कुछ अलग सी दिखाई देने वाली वस्तुओं को हमेशा एलियंस (Aliens) नहीं मान लेना चाहिए।  

अभी हाल ही में 28 मई 2021 को जेरेमी कोरबेल ने UFO से संबंधित एक और वीडियो को साझा किया है। इस वीडियो में यूएस नेवी की रडार में करीब एक साथ 14 UFO को देखा गया है। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट मिस्ट्री के मुताबिक यूएस नेवी वॉरशिप को 14 UFO ने एक गोले की तरह चारों तरफ से घेर हुआ था। नेवी के अधिकारियों ने अलग – अलग रडार सिस्टम से UFO की स्पीड को चेक किया। जिसमें रडार में एक UFO की स्पीड लगभग 158 मील प्रति घंटे की मापी गई। 

USA नेवी के एक लेफ्टिनेंट रॉयन ग्रेव्स ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि, उन्होंने अपने साथियों के साथ कई बार इन UFO को देखा है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि, वह जब उन UFO की तस्वीर ले रहे थे, उस समय हवा काफी तेज चल रही थी, लेकिन फिर भी वह UFO हवा में बिल्कुल स्थिर थे। 

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भारत, अमेरिका के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की ( Pixabay )

भारत(india) और अमेरिका(America) के विशेषज्ञों ने शनिवार को कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) के माध्यम से जलवायु परिवर्तन (Environment change) से निपटने के लिए विभिन्न तकनीकों पर चर्चा करते हुए कहा कि वे 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से पांच - जलवायु कार्रवाई, स्वच्छ ताकत, उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, खपत और उत्पादन जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए साझेदारी की है। विज्ञान विभाग के सचिव एस.चंद्रशेखर ने कहा, "सख्त जलवायु व्यवस्था के तहत हम उत्सर्जन कटौती प्रौद्योगिकियों के पोर्टफोलियो के सही संतुलन की पहचान और अपनाने का एहसास कर सकते हैं। ग्लासगो में हाल ही में संपन्न सीओपी-26 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ-साथ महत्वाकांक्षाओं को सामने लाया। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के बावजूद हम जलवायु लक्ष्यों को पूरा करेंगे।"

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्बन कैप्चर पर पहली कार्यशाला में अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, "पीएम ने हम सभी को 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन राष्ट्र बनने को कहा है।" उन्होंने सीसीयूएस के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाले आरडी एंड डी की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की हालिया पहलों के बारे में भी जानकारी दी।

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वेल्लोर के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला ( Pixabay)

कोरोना के इस दौर में ऐप टेक्नॉलॉजी (App Technology) की पढ़ाई कई समस्याओं का समाधान कर रही है। ऐसा ही एक समाधान 10 वर्षीय छात्र कनिष्कर आर ने कर दिखाया है। कनिष्कर ने पेशे से वकील अपने पिता की मदद एक ऐप (App) बनाकर की। दस्तावेज संभालने में मददगार यह ऐप वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करता है। 10 वर्षीय कनिष्कर का यह ऐप अब उसके पिता ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य वकील भी इस्तेमाल कर रहे हैं और यह एक उद्यम की शक्ल ले रहा है।

कनिष्कर अपने पिता को फाईलें संभालते देखता था, जो दिन पर दिन बढ़ती चली जा रही थीं। जल्द ही वह समझ गया कि उसके पिता की तरह ही अन्य वकील भी थे, जो इसी समस्या से पीड़ित थे। इसलिए जब कनिष्कर को पाठ्यक्रम अपने कोडिंग के प्रोजेक्ट के लिए विषय चुनने का समय आया, तो उसने कुछ ऐसा बनाने का निर्णय लिया, जो उसके पिता की मदद कर सके। वेल्लोर (Vellore) के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट के एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करना है। इस ऐप द्वारा यूजर्स साईन इन करके अपने काम को नियोजित कर सकते हैं और क्लाईंट से संबंधित दस्तावेज एवं केस की अन्य जानकारी स्टोर करके रख सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से यूजर्स सीधे क्लाईंट्स से संपर्क भी कर सकते हैं। जिन क्लाईंट्स को उनके वकील द्वारा इस ऐप की एक्सेस दी जाती है, वो भी ऐप में स्टोर किए गए अपने केस के दस्तावेज देख सकते हैं।

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