Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
खेल

ऑलराउंडर यूसुफ पठान ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया

टीम इंडिया के ऑलराउंडर यूसुफ पठान ने शुक्रवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी।

टीम इंडिया के ऑलराउंडर यूसुफ पठान ने शुक्रवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। पठान भारत के लिए दो विश्व कप जीतने वाली टीमों का हिस्सा रहे थे। युसूफ ने 24 सितंबर 2007 को पाकिस्तान के खिलाफ टी20 में पदार्पण किया था। इसके अलावा वनडे में उन्होंने 10 जून 2008 को पाकिस्तान के खिलाफ पदार्पण किया। टीम इंडिया के लिए युसूफ ने अपना आखिरी वनडे पाकिस्तान के खिलाफ 2012 में खेला था।

38 वर्षीय ऑलराउंडर ने ट्वीट कर लिखा, “मैं आधिकारिक रूप से क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा करता हूं। मैं अपने परिवार, दोस्तों, प्रशंसकों, टीम और पूरे देश का मेरा समर्थन करने तथा मुझे इतना प्यार देने के लिए धन्यवाद देता हूं। मुझे यकीन है कि आप सभी मुझे भविष्य में भी प्रोत्साहित करते रहेंगे।”
 


null
युसूफ ने भारत के लिए 57 वनडे और 22 टी20 मुकाबले खेले हैं। युसूफ ने वनडे में 810 रन तथा टी20 में 236 रन बनाए। वनडे में उनका सर्वाधिक स्कोर 123 रन का है जो उन्होंने 2010 में बेंगलुरु में बनाए थे। युसूफ स्पिन गेंदबाज हैं और उन्होंने अपने करियर में वनडे में 33 विकेट और टी20 में 13 विकेट लिए।

युसूफ 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप की विजयी टीम का हिस्सा रहे थे। इसके अलावा वह 12 वर्षो तक आईपीएल में भी खेले।

आईपीएल में वह राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स टीम का हिस्सा रहे और उनके टीम में शामिल रहने के दौरान दोनों टीमों ने आईपीएल का खिताब जीता। यूसुफ ने आईपीएल के 174 मैचों में 3204 रन बनाए तथा 42 विकेट लिए।

यूसुफ ने कहा, मैं गौतम गंभीर का शुक्रिया अदा करता हूं, जिनके साथ केकेआर में, हमने दो बार आईपीएल ट्रॉफी जीती। मैं अपने भाई इरफान पठान का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जो मेरे करियर के खराब दौर में हमेशा मेरे साथ खड़े थे। मैं बीसीसीआई और बीसीएए (बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन) को अपने देश और राज्य के लिए खेलने का मौका देने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।”

यूसुफ के छोटे भाई इरफान ने भी भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है। वह भी 2007 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। ( आईएएनएस)

Popular

चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्री आरटीपीसीआर टेस्ट के ज़्यादा दाम से परेशान दिखे। (Pixabay)

भारत सरकार की कंपनी, 'हिंडलैब्स'(Hindlabs) जो एक 'मिनी रत्न'(Mini Ratna) है, प्रति यात्री 3,400 रुपये चार्ज कर रही है और रिपोर्ट देने में लंबा समय ले रही है।

चेन्नई के एक ट्रैवल एजेंट और दुबई के लिए लगातार उड़ान भरने वाले सुरजीत शिवानंदन ने एक समाचार एजेंसी को बताया, "मेरे जैसे लोगों के लिए जो काम के उद्देश्य से दुबई की यात्रा करते हैं, यह इतना मुश्किल नहीं है और खर्च कर सकता है, लेकिन मैंने कई सामान्य मजदूरों को देखा है जो पैसे की व्यवस्था के लिए स्तंभ से पोस्ट तक चलने वाले वेतन के रूप में एक छोटा सा पैसा।"

Keep Reading Show less

यह वे लोग हैं जिन्होंने ने उत्कृष्टता का एक नया उदाहरण पेश कर खड़ा लिया एक विशिष्ट संसथान। (IANS)

जब द्वितीय विश्व युद्ध(World War-2) समाप्त हो रहा था, तब लोगों के एक समूह ने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी सॉफ्ट पावर - आईआईटी(IIT) प्रणाली की स्थायी इमारत की नींव रखी।

इसमें तीन व्यक्ति शामिल थे जिन्होंने वायसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। इनमें जो लोग शामिल थे उनमें नलिनी रंजन सरकार, देशबंधु चित्तरंजन दास की अनुचर और 1933 फिक्की(FICCI) की अध्यक्ष, आईसीएस अधिकारी से टाटा स्टील के कार्यकारी अधिकारी बने अर्देशिर दलाल, जो भारत के विभाजन के अपने कट्टर विरोध के लिए बेहतर जाने जाते हैं, और सर जोगेंद्र सिंह, एक संपादक, लेखक और पटियाला के पूर्व प्रधान मंत्री, जिन्होंने पंजाब में मशीनीकृत खेती की शुरूआत की।

बॉम्बे प्लान के लेखक, भारत के आर्थिक विकास के लिए विजन दस्तावेज उद्योगपति जे.आर.डी. टाटा(JRD Tata), जीडी बिड़ला(GD Birla) और सर पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास(Sir Purushottamdas Thakurdas), सर अर्देशिर(Sir Ardeshir), वायसराय की कार्यकारी परिषद के योजना और विकास के सदस्य के रूप में, अमेरिकी सरकार को भारतीय वैज्ञानिकों को डॉक्टरेट फेलोशिप की पेशकश करने के लिए राजी किया ताकि वे नए स्थापित वैज्ञानिक परिषद और औद्योगिक अनुसंधान (सीएसआईआर) का नेतृत्व करने के लिए पर्याप्त योग्यता प्राप्त कर सकें।

हालांकि, सर अर्देशिर ने जल्द ही महसूस किया कि अमेरिकी सरकार के साथ यह व्यवस्था केवल एक अल्पकालिक समाधान हो सकती है और उभरते हुए नए भारत को ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो योग्य वैज्ञानिक और तकनीकी जनशक्ति के लिए नर्सरी बन सकें।

Keep Reading Show less

टि्वटर ने सस्पेंड किए कई अकाउंट। (Wikimedia Commons)

नए नियमों की घोषणा भारतीय मूल के पराग अग्रवाल(Parag Aggarwal) द्वारा सह-संस्थापक जैक डोर्सी(jack dorsey) से ट्विटर के सीईओ(CEO) के रूप में पदभार संभालने के ठीक एक दिन बाद की गई थी। लेकिन चरमपंथी समूहों ने नई निजी मीडिया नीति का फायदा उठाना शुरू कर दिया था। जिसकी वजह से ट्विटर(Twitter) ने चरमपंथी विरोधी शोधकर्ताओं के कई खातों को निलंबित कर दिया है। इसकी जानकारी मीडिया रिपोर्ट ने दी।


Keep reading... Show less