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दुनिया

एनआईए ने ‘लव जिहाद’ मामले में ज़ाकिर नाइक को बनाया आरोपी

भारतीय प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित जाकिर नाइक और अमेरिका स्थित पाकिस्तानी मूल के कट्टर प्रचारकों को इस मामले में आरोपी के रूप में नामित किया गया है।

ज़ाकिर नाइक, इस्लामिक धर्म प्रचारक (Wikimedia Commons)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक हाई-प्रोफाइल ‘लव जिहाद’ मामले से संबंधित प्राथमिकी में इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक और पाकिस्तान मूल के दो कट्टर प्रचारकों को आरोपी बनाया है। हाई-प्रोफाइल मामले में चेन्नई के एक व्यापारी की बेटी और बांग्लादेश के एक शीर्ष राजनेता का बेटा शामिल है, जिसका संबंध पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) से है।

एनआईए, भारतीय कारोबारी की बेटी और बांग्लादेश के राजनेता के बेटे की लंदन में हुई शादी के मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, भारतीय प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित जाकिर नाइक और अमेरिका स्थित पाकिस्तानी मूल के कट्टर प्रचारकों को इस मामले में आरोपी के रूप में नामित किया गया है। लड़की के पिता ने शुरुआत में, मई में चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच के पास शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि उनकी बेटी, जो लंदन में पढ़ रही थी, वह कट्टरपंथी के संपर्क में आ गई और उसे इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को लंदन से अगवा करके कुछ बांग्लादेशियों द्वारा बांग्लादेश ले जाया गया था।


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चेन्नई के पुलिस आयुक्त महेश कुमार अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, “यह मामला विदेशों में जांच से संबंधित शामिल था, इसलिए इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया।” उन्होंने कहा कि मामले में अधिक जानकारी साझा करना फिलहाल संभव नहीं है।

एनआईए की एफआईआर में जिन लोगों के नाम हैं, वे जाकिर नाइक के साथ-साथ यासिर कादी और नौमान अली खान हैं, जो दोनों अमेरिका के इस्लामिक प्रचारक हैं।

कादी ने नाइक का एक वीडियो डाला था, जिसमें सनसनीखेज दावा किया गया था। वहीं, इस मामले में मुख्य आरोपी नफीस, बीएनपी नेता और पूर्व सांसद शखावत हुसैन बकुल का बेटा है। बकुल 1991 और 2001 में बीएनपी उम्मीदवार के रूप में नरसिंगडी-4 से संसद के लिए चुने गए थे। बकुल को दिसंबर 2013 में खालिदा जिया के आवास से गिरफ्तार किया गया था और जून 2017 में उस पर व्यवसायी द्वारा जबरन वसूली का मुकदमा चलाया गया था।

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एनआईए द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु सरकार से 28 मई, 2020 को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के संबंध में जानकारी प्राप्त की थी। यह नफीस के खिलाफ दर्ज शिकायत से संबंधित मामला था, जो एक बांग्लादेशी नागरिक है और कथित तौर पर एक भारतीय नागरिक के अपहरण और तस्करी में लिप्त रहा है।(आईएएनएस)

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्लीपर सेल्स के ज़रिये दिल्ली में लगवाई आईईडी- रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

एक सूत्र ने कहा कि आरडीएक्स-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), जो 14 जनवरी को पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर फूल बाजार में पाया गया था और उसमें "एबीसीडी स्विच" और एक प्रोग्राम करने योग्य टाइमर डिवाइस होने का संदेह था।

कश्मीर और अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादी आतंकवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन स्विच का पाकिस्तान(Pakistan) सबसे बड़ा निर्माता है। सूत्र ने कहा कि इन फोर-वे स्विच और टाइमर का उपयोग करके विस्फोट का समय कुछ मिनटों से लेकर छह महीने तक के लिए सेट किया जा सकता है।

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8 जनवरी को चुनाव आयोग(Election Commission of India) द्वारा जारी के गए 5 राज्यों के विधान सभा चुनावों(Vidhan Sabha Election 2022) के तारिखों के ऐलान से चुनावी गहमा-गहमी चरम पर है। आपको बता दें कि वर्ष 2022 में 5 अहम राज्यों में विधान सभा चुनाव आयोजित होने जा रहे हैं। यह राज्य हैं उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, गोवा एवं मणिपुर। साथ ही उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में होने जा रहे चुनाव को 7 चरणों में बांटा गया है, मणिपुर 2 चरणों में और गोवा, उत्तराखण्ड, पंजाब(Punjab) में चुनाव 1 चरण में आयोजित किया जाएगा। चुनाव तारीखों के घोषित होने बाद सभी राजनीतिक दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं और हर वह हथकंडा अपना रहे हैं जिससे मतदाता आकर्षित हों। साथ ही अब यह भी संभावना अधिक है कि इस बीच चुनावी जमाखोरी बढ़ जाएगी।

पिछले चुनाव में पार्टियों ने कितना खर्च किया था?

आपको जानकारी के लिए बता दें कि 2017 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करीब 5,500 करोड़ रूपये बड़ी पार्टियों द्वारा चुनाव अभियान में खर्च किए गए थे। साथ ही एक मीडिया रेपोर्ट के अनुसार 1000 करोड़ से अधिक पैसा मतदाताओं को पैसे से या शराब से लुभाने में खर्च किए गए थे। आपको यह भी बता दें कि 2017 में ही हुए 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव में 1.89 अरब रूपये खर्च किए गए थे, जिसमें बाहरी खर्च कितना था इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है।

इसके साथ विधानसभा में चुनाव आयोग ने निर्धारित की खर्च सीमा प्रति उम्मीदवार 30 लाख तय किया है, किन्तु यह सभी जानते हैं कि इसका पालन नहीं होता है। बल्कि बाहरी खर्च और वोट के लिए नोट का इस्तेमाल कर बेहिसाब पैसा बहाया जाता है। सभी पार्टियां, पार्टी चंदे को भी चुनाव में होने वाले खर्च के लिए इस्तेमाल करती हैं। साथ ही टिकट बिक्री को भी चुनावी जमाखोरी में गिना जा सकता है। हालही में आम आदमी पार्टी के खुदके विधायक ने अरविन्द केजरीवाल पर करोड़ों रुपयों के बदले टिकट बेचने का आरोप लगाया है।
जैसा की आपको पता है कि इस साल होने वाले 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव सभी पार्टियों की नाक की बात बन गई है, जिस वजह से हर कोई अपने-अपने तरीके से लोगों को जुटाने में और चीजों को भुनाने में जुटा हुआ है। चाहे वह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा हो या 'मैं लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ', किन्तु आज भी हम यह कह सकते हैं कि किसी भी प्रदेश ने महिलाओं की सुरक्षा का ठोस आश्वासन नहीं दिया है। इसी तरह भ्रष्टाचार और पैसों की जमाखोरी पर किसी भी सरकार को निर्दोष करार दे देना समझदारी का काम नहीं होगा। आपको बता दें कि एक समय ऐसा भी था जब समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने यह स्वीकारा था कि समाजवादी पार्टी के सरकार में भ्रष्टाचार होता था।

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राष्ट्रपति भवन (Wikimedia Commons)

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम(South Delhi Municipal Corporation) में भाजपा के मुनिरका वार्ड से पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द(Ramnath Kovind) को एक पत्र लिखकर राष्ट्रपति भवन(Rashtrapati Bhavan) में स्थित मुगल गार्डन का नाम बदल कर पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डाक्टर अब्दुल कलाम वाटिका(Abdul Kalam Vatika) के नाम पर रखने की मांग की है। निगम पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में लिखा है, मुगल काल में मुगलों द्वारा पूरे भारत में जिस प्रकार से आक्रमण किए गए और देश को लूटा था। वहीं देशभर में मुगल आक्रांताओं के नाम से लोगों में रोष हैं। जिन्होंने भारत की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया उनको प्रचारित न किया जाए।

rastrapati bhavan, mughal garden राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन (Wikimedia Commons)

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