Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

जानें देश में फैल रहे जीका वायरस से सम्बंधित पूरी जानकारी

केरल और महाराष्ट्र के बाद अब उत्तर प्रदेश में जीका वायरस से 11 लोग संक्रमित पाए गए हैं। बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर नमूनों की जाँच करने का आदेश दिया है।

कोरोना के बाद अब देश में ज़ीका वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं ( Pixabay )

कोरोना महामारी और डेंगू से देश अभी लड़ ही रहा था की अब जीका वायरस नामक मुसीबत भी सामने आ गयी है। आज से ठीक 3 महीने पहले यानि 8 जुलाई ,2021 को केरल राज्य की एक 24 वर्षीय गर्भवती महिला में इस वायरस का सबसे पहला मामला सामने आया था। इसके बाद 31 जुलाई, 2021 को महाराष्ट्र के पुणे जिले में भी एक 50 वर्षीय महिला के जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई ।
अब यह संक्रमण उत्तर प्रदेश में भी पहुँच गया है। 24 अक्टूबर को राज्य में इसका पहला मामला सामने आया। सोमवार को स्थानीय अधिकारियों ने बताया की उत्तर प्रदेश में जीका वायरस से अब तक 11 लोग संक्रमित पाए गए हैं। बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर नमूनों की जाँच करने का आदेश दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि अब तक कुल 645 नमूने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) भेजे गए हैं। अधिकारियों ने मुताबिक , इनमें से 253 लोगों के बुखार के लक्षण और 103 अन्य गर्भवती महिलाओं के नमूने लिए गए हैं।

रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन से वायरस के प्रसार के रोक थाम के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए व्यापक डोर-टू-डोर सैनिटाइजेशन और फॉगिंग ड्राइव चलाने का भी आदेश दिया।

बता दें की यह पहली बार नहीं है जब देश में जीका वायरस ने दस्तक दी है। यह वायरस देश में सबसे पहले 2017 में सामने आया था।

zika viirus , infection symptoms जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति में बुखार और सिर दर्द जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं ( pixabay )



आखिर यह जीका वायरस है क्या और इसके लक्षण क्या हैं ?

दरअसल जीका वायरस रोग मुख्य रूप से एडीज मच्छरों द्वारा प्रसारित एक वायरस के कारण होता है, जो दिन के दौरान काटता है।यह वही मच्छर है जो डेंगू, चिकनगुनिया और पीला बुखार फैलाता है। इसके लक्षण डेंगू जैसे ही होते हैं। आम तौर पर इसमें बुखार, दाने, आँखों में जलन , मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, अस्वस्थता या सिरदर्द जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। ये लक्षण सामान्य तौर पर 2-7 दिनों तक रहते हैं। जीका वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों में लक्षण विकसित नहीं होते हैं।

यह फैलता कैसे है ?

जीका वायरस गर्भावस्था के दौरान, यौन संपर्क और रक्त के आदान - प्रदान के दौरान फैलता है। संक्रमण से निदान की पुष्टि खून , पेशाब या वीर्य की जाँच से की जाती है।
यदि इस वायरस से कोई गर्भवती महिला संक्रमित होती है , तो होने वाले शिशु का जन्म माइक्रोसेफली और अन्य जन्मजात विकृतियों के साथ हो सकता है। इसे जन्मजात जीका सिंड्रोम के रूप में जाना जाता है। माइक्रोसेफली की बीमारी के साथ पैदा हुए बच्चों का सिर आम बच्चों के सिर के मुकाबले छोटा होता है।

इसका नाम जीका कैसे पड़ा ?

जीका वायरस की सबसे पहले खोज 1947 में युगांडा के जीका जंगलों में हुई थी इसलिए इसका नाम जीका वायरस रखा गया है। इसे पहली बार 1947 में युगांडा में बंदरों में पहचाना गया था जब वैज्ञानिक बंदरों में येलो फीवर पर रिसर्च कर रहे थे। बाद में 1952 में युगांडा और संयुक्त गणराज्य तंजानिया में मनुष्यों में इसकी पुष्टि हुई।

यह किन इलाकों में ज्यादा फैलता है ?

ये मच्छर नर्म और गर्म जागहों में ज्यादा पनपते हैं। इसलिए भूमध्य रेखा के पास के इलाकों में ये मच्छर ज्यादा पाए जाते हैं। हलांकि , भारत इस रेखा के पास नहीं है पर यहाँ गर्मी और नमी इतनी है की ये मच्छर यहाँ भी पनप सके।

एडीज मच्छर मुख्य रूप से घरों, स्कूलों और कार्यस्थलों के आसपास पानी के छोटे संग्रह में पैदा होते हैं।

यह भी पढ़ें : भारी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचे कश्मीर

इसका इलाज क्या है ?

जीका वायरस के संक्रमण या इससे जुड़ी बीमारियों का कोई इलाज फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इससे संक्रमित मरीजों को भरपूर आराम करना चाहिए, तरल पदार्थ पीना चाहिए और सामान्य दवाओं के साथ दर्द और बुखार का इलाज करना चाहिए। यदि मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ती है, तो उन्हें चिकित्सा देखभाल और सलाह भी लेनी चाहिए।

संक्रमित गर्भवती महिलाओं को प्रयोगशाला परीक्षण और अन्य नैदानिक देखभाल के लिए चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

इसे रोकने के उपाय क्या हैं ?

जीका वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दिन और शाम को मच्छरों के काटने से बचाव सबसे असरदार और महत्त्वपूर्ण उपाय है। ऐसे कपडे पहनें जिससे पूरा शरीर ढंका रहे। ध्यान दें की हलके रंग के कपडे पहनें क्योंकि गाढ़े रंगों पर मच्छर ज्यादा लगते हैं। खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें या उनपर परदे लगा कर रखें जिससे मच्छर घर के अंदर न आ सकें। इसके अतिरिक्त उत्पाद लेबल निर्देशों के अनुसार DEET, IR3535 या icaridin युक्त त्वचा या कपड़ों पर कीट विकर्षक लगाएं। याद रखें की ये मच्छर पानी में पनपते हैं , तो कही भी ज्यादा समय तक पानी इकठ्ठा करके न रखें।

Input: Various Source; Edited By: Manisha Singh

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

Popular

जो लोग हो चुके है कोविड संक्रमित उनके लिए काल है ओमिक्रॉन! [File Photo]

सीएनएन(CNN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में शोधकर्ताओं के एक दल ने शोध किया है। उन्होने कहा है कि उन्हें कुछ सबूत मिले हैं कि जो लोग एक बार कोविड(Covid 19) से संक्रमित हो गए थे, उनकी बीटा(Beta) या डेल्टा वैरिएंट (delta variant)की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट(Omicron Variant) से दोबारा संक्रमित होने की संभावना अधिक है। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि अभी इतनी जल्दी निश्चित रूप से इस बारे में कुछ कहना तो जल्दबाजी होगी, मगर हाल ही में दूसरी बार के संक्रमण में वृद्धि ने उन्हें संकेत दिया है कि ओमिक्रॉन में लोगों को फिर से संक्रमित करने की अधिक संभावना है। दक्षिण अफ्रीका में शोधकर्ताओं के एक दल ने कहा कि

अपको बता दें, ओमिक्रॉन(Omicron Variant) की पहचान हाल ही में नवंबर महीने में की गई थी, लेकिन इसने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य वैश्विक स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंतित कर दिया है, जिन्होंने इसके कई म्यूटेंट बनने के कारण इसे खतरनाक बताया है। इसके बारे में बताया जा रहा है कि यह अन्य वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक तो है ही, साथ ही इसमें प्रतिरक्षा प्रणाली से बचने की क्षमता भी है।

Keep Reading Show less

पराग अग्रवाल, ट्विटर सीईओ (Twitter)

नए ट्विटर सीईओ (Twitter CEO) पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) ने कंपनी का पुनर्गठन शुरू कर दिया है और दो वरिष्ठ अधिकारी पहले ही पुनर्गठन योजना के हिस्से के रूप में पद छोड़ चुके हैं। द वाशिंगटन पोस्ट की एक ईमेल का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर के मुख्य डिजाइन अधिकारी डैंटली डेविस और इंजीनियरिंग के प्रमुख माइकल मोंटानो दोनों ने पद छोड़ दिया है। डेविस 2019 में तो मोंटानो 2011 में कंपनी में शामिल हुए थे।

शुक्रवार देर रात मीडिया रिपोर्ट्स में ट्विटर (Twitter) के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया, "डैंटली का जाना हमारे संगठनात्मक मॉडल को एक ऐसे ढांचे के इर्द-गिर्द शिफ्ट करने पर केंद्रित है, जो कंपनी के एक प्रमुख उद्देश्य का समर्थन करता है।"

प्रवक्ता ने कहा, "इसमें शामिल व्यक्तियों के सम्मान में इन परिवर्तनों पर साझा करने के लिए हमारे पास और विवरण नहीं है।"

एक ईमेल में अग्रवाल (Parag Agrawal) ने लिखा था कि कंपनी ने हाल ही में महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अपनी रणनीति को अपडेट किया है, और मुझे विश्वास है कि रणनीति साहसिक और सही होनी चाहिए।

इसमें कहा गया, "लेकिन हमारी महत्वपूर्ण चुनौती यह है कि हम इसके खिलाफ कैसे काम करते हैं और परिणाम देते हैं। इसी तरह हम ट्विटर को अपने ग्राहकों, शेयरधारकों और आप में से प्रत्येक के लिए सर्वश्रेष्ठ बना सकते हैं।" jn

Keep Reading Show less

यूट्यूब ऐप ने सभी वीडियो के लिए शुरू की 'लिसनिंग कंट्रोल' सुविधा। (Wikimedia Commons)

यूट्यूब (Youtube) ने कथित तौर पर एंड्रॉइड और आईओएस यूजर्स के लिए एक 'सुनने का कंट्रोल' (Listening Control) सुविधा शुरू की है। इस नई सुविधा का फायदा केवल यूट्यूब प्रीमियम ग्राहक उठा सकते हैं।

9टु5गूगल (9to5 google) की रिपोर्ट के अनुसार, लिसनिंग कंट्रोल वीडियो विंडो के नीचे की हर चीज को एक विरल शीट से बदल देता है। प्ले/पाउस, नेक्स्ट/पिछला और 10-सेकंड रिवाइंड/फॉरवर्ड मुख्य बटन हैं।

लिसनिंग कंट्रोल का उपयोग कर के, यूट्यूब ऐप उपयोगकर्ता चाहें तो नए गीतों को प्लेलिस्ट में भी सहेज सकते हैं।

यह सुविधा अब यूट्यूब (Youtube) एंड्रॉइड और आईओएस यूजर्स के लिए व्यापक रूप से उपलब्ध है और यह केवल यूट्यूब प्रीमियम यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

Google Play Store, यूट्यूब ऐप पहले ही गूगल प्ले स्टोर पर 10 बिलियन डाउनलोड को पार कर चुकी है। [Pixabay]

Keep reading... Show less