प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "सुबह टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों के साथ बातचीत की। राज्य और प्रांतों के बीच सहयोग भारत-जापान मैत्री का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यही कारण है कि 15वें वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन के दौरान इस पर एक अलग पहल शुरू की गई। ट्रेड, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर भविष्य में लाभकारी हो सकते हैं।"
इस मुलाकात के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal)ने भी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत-जापान के संबंधों को और मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राज्यों और प्रांतों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला और इस संबंध में साझा प्रगति के लिए 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान शुरू की गई राज्य-प्रांत साझेदारी पहल के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया।"
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, "मुलाकात के दौरान टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट, स्किल, स्टार्ट-अप्स और एसएमई सेक्टर में भारतीय राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच बढ़ती साझेदारी को गहरा करने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया।"
प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान भारत और जापान के बीच कुल 13 महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। दोनों देशों ने टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप, एसएमई, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन जैसे सेक्टर में सहयोग को लेकर समझौते किए। पीएम मोदी ने अपने दौरे को 'सार्थक' बताते हुए लिखा, "एक सार्थक यात्रा के दौरान सकारात्मक परिणाम। आने वाले समय में भारत-जापान मित्रता नई ऊंचाइयों को छुए।"
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