एआईडीईओए (ऑल इंडिया डिप्लोमा इंजीनियर्स एंड ऑफिशियल एसोसिएशन) ने बेरोजगारी, परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ उचित ठोस कदम उठाने के लिए मुजफ्फरपुर शहर में हस्ताक्षर अभियान चलाया है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेजा जाएगा।
एआईडीईओए की अखिल भारतीय कमेटी के सदस्य अरविंद कुमार ने बताया कि देश में बेरोजगारी की बढ़ती समस्या ने डरावना रूप ले लिया है। केंद्र सरकार के 78 मंत्रालयों एवं विभागों में लगभग पौने 10 लाख से अधिक पद खाली हैं और यही हाल देश के लगभग सभी राज्यों का है। इसके अलावा भ्रष्टाचार, पेपर लीक, कर्मचारियों की छंटनी और सरकारी विभागों में निजीकरण ने हालात को और भी बदतर बना दिया है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में युवाओं को हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था।
देश की बढ़ती जरूरतों के मुताबिक, हर हाथ को उसकी योग्यता और क्षमता के अनुसार काम दिया जाए। इसके लिए हमारे पास पर्याप्त संसाधन भी मौजूद हैं, लेकिन ऐसा न होने से भयानक आर्थिक तंगी की वजह से युवाओं में मानसिक अवसाद, पारिवारिक रिश्तों में कड़वाहट तथा नशे और अपराध की प्रवृत्ति बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है।
हर साल हजारों की संख्या में युवा अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं। जैसे 2023 में पूरे देश में 14,234 युवाओं ने आत्महत्या कर ली। पूरे देश की युवा शक्ति को बर्बाद होने और सामाजिक ताने-बाने को नष्ट होने से बचाने के लिए मुजफ्फरपुर के मोतीझील ओवरब्रिज पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।
इनकी पहली मांग है कि केंद्र और राज्य के अधीन खाली पड़े सभी पदों को तुरंत भरा जाए और नए रोजगार का सृजन किया जाए। दूसरी, प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा संपन्न कराने तक की सारी जिम्मेदारी सरकारी एजेंसी के पास हो, परीक्षा में पूरी तरह पारदर्शिता हो तथा नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर सभी पदों को स्थायी किया जाए।
इसके साथ ही पूरे देश में गिग वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा दी जाए। रोजगार न मिलने पर सम्मानजनक जीवन जीने लायक पर्याप्त बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। सरकारी उपक्रमों के निजीकरण की नीति को रद्द किया जाए।
(PO)