![Dharmendra [Sora Ai]](http://media.assettype.com/newsgram-hindi%2F2025-08-31%2Fleijcl5k%2Fassetstask01k3zn9wg9f71a19v7qxez84sm1756630495img0.webp?w=480&auto=format%2Ccompress&fit=max)
बॉलीवुड के सुनहरे दौर के चमकते सितारे धर्मेन्द्र (Dharmendra) ने न सिर्फ अपने दमदार अभिनय से करोड़ों दिलों को जीता, बल्कि उनका निजी जीवन भी उतना ही चर्चित और जटिल रहा है। "ही-मैन" ("He-Man") के नाम से मशहूर धर्मेन्द्र (Dharmendra) ने 1960 के दशक में फिल्मी दुनिया में कदम रखा और जल्दी ही एक मंझे अभिनेता बन गए। लेकिन जितनी चर्चा उनकी फिल्मों की होती थी, उतनी ही सुर्खियाँ उनके निजी रिश्तों ने भी बटोरीं।
धर्मेन्द्र (Dharmendra) की पहली शादी प्रकाश कौर (Prakash Kaur) से हुई थी, जब वे फिल्मों में नए थे। इस रिश्ते से उन्हें चार संतानें हुईं, जिनमें सनी देओल (Sunny Deol) और बॉबी देओल (Bobby Deol) भी शामिल हैं। लेकिन फिर 1970 के दशक में एक खूबसूरत अभिनेत्री के साथ उनकी नजदीकियाँ बढ़ीं, तो यह रिश्ता बॉलीवुड की सबसे बड़ी कंट्रोवर्सीज़ में से एक बन गया। पहले से शादीशुदा होने के बावजूद धर्मेन्द्र ने हेमा से शादी की, जो आज भी एक विवादास्पद अध्याय माना जाता है। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे इन रिश्तों ने धर्मेन्द्र के जीवन को आकार दिया, और क्या आज भी उनका यह पारिवारिक समीकरण उतना ही पेचीदा है।
ऐसे शुरू हुआ धर्मेंद्र का फिल्मी करियर
धर्मेन्द्र (Dharmendra) का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना ज़िले में हुआ था। एक साधारण पंजाबी किसान परिवार से आने वाले धर्मेन्द्र (Dharmendra) का सपना था फिल्मों में काम करना, लेकिन मायानगरी मुंबई तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। उन्होंने 1958 में फिल्मफेयर की ओर से आयोजित टैलेंट हंट प्रतियोगिता (Talent Hunt Competition) जीती, जो उनके करियर का पहला मोड़ बना।
उनकी पहली फिल्म थी “Dil Bhi Tera Hum Bhi Tere” (1960), जिसने उन्हें फिल्मी दुनिया में एंट्री दिलाई। शुरुआती कुछ सालों में उन्होंने सामाजिक और रोमांटिक किरदार निभाए, लेकिन असली सफलता तब मिली जब उन्होंने एक्शन फिल्मों की ओर रुख किया। 1975 में आई “Sholay” में वीरू के किरदार ने उन्हें अमर कर दिया। उनके डायलॉग्स, अंदाज़ और ऑन-स्क्रीन ऊर्जा ने उन्हें 'He-Man of Bollywood' की उपाधि दिलाई। अपने चार दशकों के करियर में धर्मेन्द्र (Dharmendra) ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और वे 60 के दशक से 80 के दशक तक सुपरस्टार बने रहे। उन्होंने ना सिर्फ रोमांस और एक्शन में कमाल किया, बल्कि कॉमेडी और इमोशनल भूमिकाओं में भी दर्शकों का दिल जीता। उनकी मेहनत और प्रतिभा ने उन्हें एक सच्चे “जनता के हीरो” का दर्जा दिलाया।
एक रिश्ता जिसे करवाया गया था अरेंज
धर्मेन्द्र (Dharmendra) की शादी प्रकाश कौर (Prakash Kaur) से 1954 में हुई थी, जब वे सिर्फ 19 साल के थे और फिल्म इंडस्ट्री में कदम भी नहीं रखा था। यह अरेंज मैरिज थी, जो पारिवारिक सहमति से हुई थी। उस समय धर्मेन्द्र एक आम नौजवान थे, जो फिल्मों का सपना देख रहा था, और प्रकाश एक पारंपरिक पंजाबी परिवार की सादी-सुशील लड़की थीं।
शादी से पहले दोनों की ज्यादा मुलाकातें नहीं हुईं, लेकिन धीरे-धीरे उनके बीच एक मजबूत समझदारी और अपनापन बना। शादी के बाद धर्मेन्द्र ने फिल्मों में करियर बनाना शुरू किया, और प्रकाश कौर ने हमेशा एक समर्पित गृहिणी के रूप में उनका साथ दिया। उन्होंने अपने परिवार को संभाला और अपने पति के फिल्मी जीवन से दूर रहकर भी उन्हें पूरा समर्थन दिया। इस दंपति के चार बच्चे हुए दो बेटे, सनी देओल और बॉबी देओल, जो बाद में सफल अभिनेता बने, और दो बेटियां, विजेता और अजीता। हालांकि बाद के वर्षों में धर्मेन्द्र के जीवन में हेमा मालिनी के आने से यह रिश्ता मुश्किलों में पड़ा, लेकिन प्रकाश कौर ने कभी भी सार्वजनिक रूप से अपने पति या उनकी दूसरी शादी के खिलाफ कुछ नहीं कहा।
एक खूबसूरत अभिनेत्री के प्यार में पागल थे धर्मेंद्र
धर्मेन्द्र (Dharmendra) और हेमा मालिनी (Hema Malini) की मुलाकात 1970 के दशक में हुई, जब दोनों अपने करियर के शिखर पर थे। पहली बार दोनों ने साथ काम किया “तुम हसीन मैं जवान” (1970) में, और यहीं से एक खूबसूरत दोस्ती की शुरुआत हुई, जो जल्द ही गहरे प्रेम में बदल गई। हेमा मालिनी को उस दौर की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में गिना जाता था और धर्मेन्द्र पहले से शादीशुदा होने के बावजूद उनके लिए अपने जज़्बात रोक नहीं पाए।
दोनों ने साथ में कई सुपरहिट फिल्में कीं, जैसे “शोले”, “सीता और गीता”, “चरस” और “राजपूत”। सेट पर साथ बिताया गया समय धीरे-धीरे एक भावनात्मक जुड़ाव में बदल गया। हालांकि हेमा मालिनी को कई अन्य अभिनेताओं से भी रिश्तों के लिए जोड़ा गया, लेकिन उनका दिल धर्मेन्द्र पर ही आया। धर्मेन्द्र की पहले से शादी और बच्चों की मौजूदगी के चलते यह रिश्ता हमेशा विवादों में रहा। लेकिन तमाम सामाजिक और पारिवारिक बाधाओं के बावजूद, दोनों ने 1980 में शादी कर ली। कहा जाता है कि इस शादी के लिए धर्मेन्द्र ने इस्लाम धर्म अपना लिया था, जिससे उन्हें बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने की अनुमति मिल सके।
जब प्यार के लिए धर्मेंद्र ने अपनाया इस्लाम
धर्मेन्द्र का निजी जीवन हमेशा सुर्खियों में रहा, खासकर उनकी दो शादियों के चलते। प्रकाश कौर से उनकी पहली शादी उस समय हुई थी जब वे फिल्मी दुनिया में आए भी नहीं थे। लेकिन जब उनका दिल हेमा मालिनी पर आया, तो यह रिश्ता सीधे-सीधे एक बड़े विवाद का कारण बना। पहले से शादीशुदा धर्मेन्द्र के लिए दूसरी शादी करना आसान नहीं था, क्योंकि प्रकाश कौर तलाक देने के लिए तैयार नहीं थीं।
1970 और 80 के दशक में जब उनकी और हेमा मालिनी (Hema Malini) की नजदीकियाँ बढ़ने लगीं, तो मीडिया और समाज में उनकी खूब आलोचना हुई। कई लोगों ने हेमा को 'घर तोड़ने वाली' कहा, जबकि धर्मेन्द्र को एक गैर-जिम्मेदार पति और पिता के रूप में देखा गया। इस विवाद ने न सिर्फ उनकी छवि पर असर डाला, बल्कि उनके बच्चों पर भी मानसिक दबाव डाला। बाद में यह भी सामने आया कि धर्मेन्द्र और हेमा ने शादी के लिए इस्लाम धर्म अपनाया (Dharmendra and Hema converted to Islam for marriage) , जिससे वे बिना तलाक के दूसरी शादी कर सके। यह निर्णय खुद में बड़ा विवाद बना। आज भी यह रिश्ता बॉलीवुड (Bollywood) के सबसे चर्चित और जटिल रिश्तों में गिना जाता है।
पहली पत्नी को नहीं भुला पाए थे धर्मेंद्र
धर्मेन्द्र ने कभी भी अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर को तलाक नहीं दिया। इसका एक बड़ा कारण यह रहा कि प्रकाश कौर ने हमेशा एक शांत और गरिमामय व्यवहार रखा और अपने परिवार को प्राथमिकता दी। उन्होंने कभी मीडिया में आकर विरोध नहीं जताया, न ही धर्मेन्द्र के दूसरे रिश्ते को लेकर कोई सार्वजनिक टिप्पणी की। शायद यही वजह रही कि धर्मेन्द्र ने उनके साथ अपनी पहली शादी को बनाए रखा और परिवार से रिश्ता नहीं तोड़ा।
2024 में धर्मेन्द्र और प्रकाश कौर ने अपनी शादी की 70वीं सालगिरह मनाई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुईं। यह दर्शाता है कि धर्मेन्द्र अब भी अपनी पहली पत्नी और बच्चों के बेहद करीब हैं। उनके बेटे सनी और बॉबी देओल के साथ उनका मजबूत पारिवारिक रिश्ता बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, हेमा मालिनी के साथ भी उनका रिश्ता आज भी कायम है, लेकिन यह एक तरह का "emotionally distant yet respectful" संबंध बन चुका है। हेमा मालिनी ने भी कई बार स्वीकार किया है कि वे और धर्मेन्द्र अब नियमित रूप से साथ नहीं रहते, लेकिन एक-दूसरे के लिए सम्मान और भावना अब भी बरकरार है।
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा कला और फिल्म के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया। धर्मेंद्र ने अपने लंबे करियर में न केवल एक्शन हीरो की छवि बनाई बल्कि रोमांटिक और भावनात्मक भूमिकाओं से भी दर्शकों का दिल जीता।धर्मेंद्र का करियर पाँच दशकों से अधिक का रहा है। उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और “शोले”, “चुपके-चुपके” जैसी क्लासिक फिल्मों से यादगार प्रदर्शन दिए।पद्म भूषण सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों की पहचान है बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा में उनका स्थान कितना ऊँचा है।
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धर्मेन्द्र का जीवन एक सुपरस्टार के संघर्ष, सफलता और जटिल रिश्तों की अनोखी कहानी है। उन्होंने दो शादियाँ कीं, लेकिन कभी किसी रिश्ते को पूरी तरह छोड़ा नहीं। प्रकाश कौर के साथ उनका पारिवारिक जुड़ाव आज भी बना हुआ है, वहीं हेमा मालिनी के साथ उनका संबंध भावनात्मक रूप से अब भी जीवित है। यह कहानी केवल प्रेम त्रिकोण की नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों, समझौते और समय के साथ बदलते रिश्तों की भी है। धर्मेन्द्र का जीवन दर्शाता है कि इंसान चाहे जितना बड़ा सितारा हो, निजी जीवन की उलझनें उससे कभी अलग नहीं होतीं। [Rh/SP]