तिब्बत में होगी लोक गीत प्रतियोगिता, मिलेगा तिब्बती कला और संस्कृति को बढ़ावा

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में 'नए युग में गुणगान, नई शैली का प्रदर्शन' थीम वाली लोक गीत प्रतियोगिता 25 से 28 जुलाई तक राजधानी ल्हासा में आयोजित की जाएगी।
तिब्बत में होगी लोक गीत प्रतियोगिता, मिलेगा तिब्बती कला और संस्कृति को बढ़ावा
तिब्बत में होगी लोक गीत प्रतियोगिता, मिलेगा तिब्बती कला और संस्कृति को बढ़ावा Tibetan art and culture (IANS)

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में 'नए युग में गुणगान, नई शैली का प्रदर्शन' थीम वाली लोक गीत प्रतियोगिता 25 से 28 जुलाई तक राजधानी ल्हासा में आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में गायन-नृत्य, गायन-वादन आदि तरीकों से तिब्बती लोगों के सुंदर जीवन, सामंजस्यपूर्ण समाज और जातीय एकता का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, प्रतियोगिता में श्रम और प्रेम की स्तुति के लिए लोक गीत और पहाड़ी गीत भी शामिल किये जाएंगे। बताया गया है कि मौजूदा लोक गीत प्रतियोगिता का उद्देश्य उत्कृष्ट पारंपरिक संस्कृति की रक्षा करना और उसे बढ़ावा देना, जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देना, विभिन्न जातियों की संस्कृतियों के गहन एकीकरण को बढ़ावा देना, पारंपरिक संस्कृति के प्रभाव का विस्तार करना और लोगों के आध्यात्मिक व सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध करना है। यह प्रतियोगिता 25 जुलाई को शुभारंभ होगी और इसका अंतिम मुकाबला 27 जुलाई को होगा। इतना ही नहीं, 28 जुलाई को लोगों के लिए प्रदर्शित भी किया जाएगा।

तिब्बती लोक गीत तिब्बत के विभिन्न स्थलों में लोकप्रिय हैं, जिनकी धुन ऊंची और सामग्रियां व्यापक हैं। तिब्बत की पारंपरिक संस्कृति में एक हिस्से के रूप में तिब्बती लोक गीत तिब्बती लोगों के मन की आवाज को अभिव्यक्त करते हैं, और साथ ही साथ, तिब्बत में जातीय सामाजिक इतिहास, युगात्मक जीवन, स्थानीय रीति-रिवाज और सांस्कृतिक व कलात्मक परिवर्तन को दर्शाते हैं।

तिब्बत में होगी लोक गीत प्रतियोगिता, मिलेगा तिब्बती कला और संस्कृति को बढ़ावा
पवित्र पहाड़ों और झीलों से जाना जाता है 'तिब्बत'

बता दें कि मौजूदा लोक गीत प्रतियोगिता प्रथम तिब्बती संस्कृति और कला महोत्सव का एक भाग है। यह महोत्सव 12 जुलाई को आरंभ हुई और अगस्त के मध्य तक चलेगा। इस दौरान गायन, वाद्य संगीत, नाटक, तिब्बती ओपेरा, और प्रतिनिधित्व वाले गैर-भौतिक सांस्कृतिक विरासत के नृत्य-गान का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, इस महोत्सव में युवा गायन प्रतियोगिता, तिब्बती ओपेरा गायन प्रतियोगिता, और रचनात्मक डिजाइन प्रतियोगिता सहित 15 कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इनके अलावा, सांस्कृतिक मेले आदि ऑफलाइन गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी। कहा जा सकता है कि मौजूदा तिब्बती संस्कृति और कला महोत्सव बर्फिले पठार पर एक भव्य सांस्कृतिक समारोह है। गीतों और नृत्यों के सागर में तिब्बती लोग रंग-बिरंगे कार्यक्रमों का खूब आनंद ले सकते हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

(आईएएनएस/AV)

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