क्या है एन्ड्रोमेट्रियोसिस? इस बीमारी के कारण महिलाओं में लंबे समय तक होते हैं पीरियड

एंडोमेट्रियम आपके यूटरस की अंदरूनी परत के साथ चिपका होता है। जब पीरियड आता है तब ये परतें आपके गर्भाशय की दीवारों से अलग होकर बाहर निकल जाती है।
Symptoms of Endometriosis : इस बीमारी में गर्भाशय का टिशू एंडोमेट्रियम शरीर के दूसरे अंगों में भी बढ़ने लगता है जिसके कारण महिलाओं को पीरियड और प्रेग्नेंसी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। (Wikimedia Commons)
Symptoms of Endometriosis : इस बीमारी में गर्भाशय का टिशू एंडोमेट्रियम शरीर के दूसरे अंगों में भी बढ़ने लगता है जिसके कारण महिलाओं को पीरियड और प्रेग्नेंसी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। (Wikimedia Commons)

Symptoms of Endometriosis : बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा ने कुछ ही दिन पहले एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें एन्ड्रोमेट्रियोसिस की बीमारी है। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान एन्ड्रोमेट्रियोसिस के कारण उन्हें करीब 48 दिनों तक पीरियड आए। आपको बता दें कि एन्ड्रोमेट्रियोसिस महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है। पीएसआरआई अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार और एंडोस्कोपिक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल मनचंदा ने बताया कि कैसे इस बीमारी में गर्भाशय का टिशू एंडोमेट्रियम शरीर के दूसरे अंगों में भी बढ़ने लगता है जिसके कारण महिलाओं को पीरियड और प्रेग्नेंसी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तो आइए जानते हैं इसके लक्षण और कुछ बचाव के उपाय।

क्या है एन्ड्रोमेट्रियोसिस

गर्भाशय यानी यूटरस के अंदर की परत को मेडिकल भाषा में 'एंडोमेट्रियम' कहते हैं। गर्भाशय में एक बाहरी परत होती है जिसे मायोमेट्रियम कहा जाता है और एक इनर लाइनिंग परत होती है जिसे एंडोमेट्रियम कहते हैं। बता दें एंडोमेट्रियम आपके यूटरस की अंदरूनी परत के साथ चिपका होता है। जब पीरियड आता है तब ये परतें आपके गर्भाशय की दीवारों से अलग होकर बाहर निकल जाती है।

एंडोमेट्रियोसिस की वजह से कई ऑर्गन्स डैमेज हो सकते हैं। (Wikimedia Commons)
एंडोमेट्रियोसिस की वजह से कई ऑर्गन्स डैमेज हो सकते हैं। (Wikimedia Commons)

क्या है लक्षण

इस बीमारी के दौरान पीरियड होने पर बहुत तेज दर्द होता है। इसके साथ ही पीरियड में पेट और पीठ में ऐंठन आता है। ऐसे में महिलाओं को पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होता है तथा कंसीव करने में परेशानी होता है।

एंडोमेट्रियोसिस होने पर ये टिशूज यूटरस की परत के अलावा दूसरे अंगों में भी बढ़ने लगते हैं। खासकर, जब यह यूटरस के बाहर, फैलोपियन ट्यूब, ओवरी, इंटेस्टाइन और पेल्विक कैविटी के भीतर भी विकसित हो सकते हैं और असहनीय दर्द का कारण बन सकते हैं।

दर्द को न करें अनदेखा

यदि आपको पीरियड में बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है तो इसे अनदेखा न करें। दरअसल, ये टिशूज बेहद संवेदनशील होते हैं जिससे पीरियड के दौरान बहुत तेज दर्द होता है, पीरियड कई दिनों तक हो सकता है और यूटरस में सूजन भी आ सकती है। इसके साथ ही एंडोमेट्रियोसिस की वजह से कई ऑर्गन्स डैमेज हो सकते हैं। इन टिशूज की वजह से आपका ओवेरियन सिस्ट, इंटेस्टाइन, यूरिनरी ब्लैडर, डाई फ्रेम और लंग्स बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

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