![History Of 1st September [Sora Ai]](http://media.assettype.com/newsgram-hindi%2F2025-08-31%2F7uy1u6gm%2Fassetstask01k3ztxy5decjaax4dk6zekwvd1756636412img0.webp?w=480&auto=format%2Ccompress&fit=max)
1 सितंबर भारतीय इतिहास में कई महत्वपूर्ण आयोजनों, संस्थाओं और सांस्कृतिक पहलों के लिए यादगार दिन रहा है। इस दिन 1947 में भारतीय मानक समय (IST) की शुरुआत हुई, जिसने पूरे देश का समय एकरूप कर दिया। वहीं 1956 में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की स्थापना हुई, जिसने बीमा क्षेत्र में व्यापक सुधार और जनसुविधा लायी। 1942 में आज ही के दिन रास बिहारी बोस ने भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) का गठन किया, जो आजादी की लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। इन्हीं घटनाओं ने भारत को आधुनिक दिशा दी और स्वतंत्रता संघर्ष को नई ऊर्जा प्रदान की।यह तारीख हमें इतिहास की विविधता और मानवता की सफलताओं व चुनौतियों की याद दिलाती है। आइए जानते हैं 1 सितंबर (History Of 1st September) के दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं, उपलब्धियों और व्यक्तित्वों के बारे में।
1 सितंबर 1878 को एम्मा एम. नट्ट (Emma M. Nutt) अमेरिका ही नहीं, बल्कि दुनिया की पहली महिला टेलीफोन ऑपरेटर बनीं। वे बोस्टन में एडिसन टेलीफोन एक्सचेंज कंपनी (Edison Telephone Exchange Company) में काम करने लगीं। इससे पहले टेलीफोन ऑपरेटर का काम मुख्यतः पुरुष करते थे, लेकिन ग्राहकों से रूखा व्यवहार होने के कारण महिलाओं को मौका दिया गया। एम्मा की मधुर आवाज़, धैर्य और शिष्टाचार ने इस नौकरी की पहचान ही बदल दी। जल्द ही हजारों महिलाएं इस पेशे से जुड़ गईं और यह क्षेत्र लंबे समय तक “महिला-प्रधान” पेशा माना गया। एम्मा का योगदान संचार इतिहास में मील का पत्थर है।
1 सितंबर 1923 को जापान के टोक्यो और योकोहामा (Tokyo and Yokohama) शहरों में आए ग्रेट कांटो भूकंप (Great Kanto Earthquake) ने भारी तबाही मचाई। यह भूकंप 7.9 तीव्रता का था और स्थानीय समयानुसार दोपहर में आया, जब लोग खाना बना रहे थे। भूकंप के बाद लगी भीषण आग ने विनाश को और बढ़ा दिया। इस आपदा में लगभग 1,40,000 लोग मारे गए और लाखों लोग बेघर हो गए। घर, पुल और रेल मार्ग नष्ट हो गए। यह त्रासदी जापान के इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में गिनी जाती है, जिसने देश की पुनर्निर्माण और आपदा प्रबंधन नीति को नई दिशा दी।
1 सितंबर 1942 को रास बिहारी बोस ने जापान के सहयोग से भारतीय राष्ट्रीय सेना (Indian National Army) की स्थापना की। यह संगठन आजादी की लड़ाई में सैनिक शक्ति को संगठित करने का प्रयास था। दक्षिण पूर्व एशिया (Southeast Asia) में बंदी पड़े भारतीय सैनिकों को इस प्रयास से प्रेरणा मिली। INA ने भारतीयों में ब्रिटिश शासन के प्रति प्रतिरोध और राष्ट्रवाद की भावना को आगे बढ़ाया। इस सेना का अस्तित्व और उसके सैनिकों का साहस स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने वाला रहा।
आजादी के कुछ ही समय बाद, 1 सितंबर 1947 को भारतीय मानक समय (Indian Standard Time) को देश में आधिकारिक समय मानक के रूप में अपनाया गया। IST, UTC+5:30 पर आधारित है, और देश में समय की एकरूपता सुनिश्चित करने में एक अहम कदम था। इससे रेल, संचार, और प्रशासन में सुव्यवस्था बनी। यह दिन भारत के आधुनिककरण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में समय-सामय पर सुधारों का प्रतीक बन गया।
1 सितंबर 1956 को भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India) की स्थापना की गई, जब संसद ने Life Insurance of India Act पास किया और बीमा क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण हुआ। LIC की स्थापना से देश में बीमा योजनाओं का विस्तार हुआ, और व्यापक स्तर पर लोगों को जीवन सुरक्षा और वित्तीय सुरक्षा मिली। यह कदम बीमा उद्योग की व्यवस्था, विश्वसनीयता और पहुँच को बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक था, और आज भी LIC देश का सबसे बड़ा और भरोसेमंद बीमा संस्थान बना हुआ है।
1 सितंबर 2018 को इंडोनेशिया के जकार्ता एशियाई खेलों (Jakarta Asian Games) में भारत के युवा मुक्केबाज अमित पंघाल (Amit Panghal) ने इतिहास रचा। उन्होंने 49 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने उज्बेकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन हसनबॉय दुशमतॉव को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। अमित इस तरह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के आठवें मुक्केबाज बने। उनकी जीत ने न सिर्फ भारतीय मुक्केबाजी को नई पहचान दी, बल्कि युवाओं को प्रेरित भी किया। यह उपलब्धि भारतीय खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो चुकी है।
1 सितंबर 2018 को जकार्ता एशियाई खेलों (Jakarta Asian Games) में भारत के लिए एक और ऐतिहासिक क्षण आया, जब प्रणब बर्धन और शिबनाथ सरकार (Pranab Bardhan and Shibnath Sarkar) की जोड़ी ने ब्रिज खेल की पुरुष युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। यह पहली बार था जब एशियाई खेलों में ब्रिज को शामिल किया गया था, और भारत ने अपने पहले ही प्रयास में स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। इस जोड़ी के शानदार प्रदर्शन ने साबित किया कि मानसिक एकाग्रता और रणनीति वाले खेलों में भी भारत की पकड़ मजबूत है। उनकी जीत ने भारत की झोली में गौरव बढ़ाया और नए खिलाड़ियों को प्रेरित किया।