मोरबी पुल हादसे के बाद प्रशासन सतर्क, द्वारका में नौकाओं के लाइसेंस निलंबित

निलंबित नौकाओं के मालिक कथित तौर पर अनुमति से अधिक यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के ले जा रहे थे।
मोरबी पुल हादसे के बाद, द्वारका में नौकाओं के लाइसेंस निलंबित
मोरबी पुल हादसे के बाद, द्वारका में नौकाओं के लाइसेंस निलंबितWikimedia

मोरबी पुल (Morbi Bridge) हादसे के बाद देवभूमि द्वारका (Devbhoomi Dwarka) प्रशासन और गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (GMB) के अधिकारियों ने 25 नौकाओं के लाइसेंस (Licence) को निलंबित कर दिया है। निलंबित नौकाओं के मालिक कथित तौर पर अनुमति से अधिक यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के ले जा रहे थे।

द्वारका के डिप्टी कलेक्टर पार्थ तलसानिया ने आईएएनएस को बताया, "नियमित अंतराल पर, स्थानीय प्रशासन और जीएमबी नाव मालिकों के खिलाफ मानदंडों या विनियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करता है, लेकिन दुर्भाग्य से पिछले दो से तीन दिनों में की गई कार्रवाई को मोरबी त्रासदी के कारण उजागर किया जा रहा है।"

मोरबी पुल हादसे के बाद, द्वारका में नौकाओं के लाइसेंस निलंबित
भारत का विकास मॉडल एक आदर्श मॉडल : Om Birla

अधिकारी ने कहा कि पिछले दो दिनों में जीएमबी ने त्योहार के दिनों में अनुमति से अधिक यात्रियों को ले जाने के लिए 25 नाव लाइसेंस सात दिनों के लिए निलंबित कर दिए। अब जीएमबी अधिकारी अधिक सतर्क हैं, वे यात्रियों को लाइफ जैकेट के बिना ले जाने वाली नावों पर कार्रवाई कर रहे हैं।

अधिकारी ने बताया कि ओखा जेट्टी और बेट द्वारका जेट्टी के बीच समुद्र की दूरी दो नॉटिकल मील है। लगभग 170 से 180 नावों के पास यात्रियों को भूमि और द्वीप के बीच फेरी लगाने का लाइसेंस है। सामान्य दिनों में भीड़ कम होती है, लेकिन त्योहार के दिनों में भारी भीड़ होती है और अक्सर लाभ के लिए नाव मालिक नियमों का उल्लंघन करते हैं।

आईएएनएस/PT

Related Stories

No stories found.
hindi.newsgram.com