17 टन शहद और करोड़ों की दौलत जब्त: लोकायुक्त छापेमारी में मध्य-प्रदेश के रिटायर्ड PWD इंजीनियर जी.पी. मेहरा

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता गोविंद प्रसाद मेहरा उर्फ GP मेहरा के ठिकानों पर लोकायुक्त ने एक साथ कार्रवाई की। रेड के दौरान लाखों रुपये नकद, किलो में सोना-चांदी, लग्जरी कारें, संपत्तियों के दस्तावेज और सबसे चौंकाने वाली चीज—करीब 17 टन शहद बरामद होने की बात सामने आई।
इस इमेज में जी.पी मेहरा को देखा जा सकता है।
लोकायुक्त छापेमारी में मध्य-प्रदेश के रिटायर्ड PWD इंजीनियर जी.पी. मेहरा।X
Published on
Updated on
3 min read
  • अक्टूबर 2025 में लोकायुक्त ने GP मेहरा के भोपाल और नर्मदापुरम के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकद, कीमती धातुएं और दस्तावेज बरामद किए।

  • सैनी गांव स्थित फार्महाउस से कॉटेज, मत्स्यपालन तालाब, ट्रैक्टर, महंगी कारें और 17 टन शहद मिलने की जानकारी सामने आई।

  • लोकायुक्त अब बरामद संपत्ति के स्रोत, निवेश और आय के अनुपात को लेकर जांच कर रही है, और आगे कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी

मध्यप्रदेश में लोकायुक्त पुलिस की एक छापेमारी ने अक्टूबर 2025 में प्रशासनिक और इंजीनियरिंग महकमे में हलचल मचा दी। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (Chief Engineer/Engineer-in-Chief) गोविंद प्रसाद मेहरा उर्फ GP मेहरा के ठिकानों पर लोकायुक्त ने एक साथ कार्रवाई की। रेड के दौरान लाखों रुपये नकद, किलो में सोना-चांदी, लग्जरी कारें, संपत्तियों के दस्तावेज और सबसे चौंकाने वाली चीज—करीब 17 टन शहद बरामद होने की बात सामने आई। रिटायर्ड PWD चीफ इंजीनियर GP मेहरा पर 9–10 अक्टूबर 2025 के आसपास हुई छापेमारी।

सरकारी महकमें में उच्च पद मिलने पर आम धारणा होती है कि अधिकारी अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाएंगे। लेकिन मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेवानिवृत्त चीफ अभियंता जी.पी. मेहरा का मामला इस विश्वास को झकझोर कर रख देता है। लोकायुक्त की टीम ने अक्टूबर 2025 में मेहरा के भोपाल और नार्मदापुरम के चार परिसरों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें करोड़ों की संपत्ति बरामद हुई। मणिपुरम कॉलोनी स्थित उनके आवास से नकद और जेवरात, ओपल रेजेंसी फ्लैट से सोने-चाँदी, तथा सोहागपुर (नर्मदापुरम) के सैनी गांव स्थित फार्महाउस से 17 टन शहद और कई लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं। 

क्या है मामला?

मामला पूर्व PWD मुख्य अभियंता GP मेहरा से जुड़ा है, जिनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत की पुष्टि होने पर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और मेहरा के ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की अनुमति ली। लोकायुक्त निदेशक-जनरल योगेश देशमुख ने बताया कि आवश्यक अनुमतियां लेने के बाद मेहरा के भोपाल व नर्मदापुरम स्थित परिसरों की तलाशी की गई। मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि मेहरा ने सरकारी पद का इस्तेमाल कर कृषि और उद्योग के नाम पर अरबों की संपत्ति जमा की, जो उनकी सरकारी आय से मेल नहीं खाती। 

जांच में क्या सामने आया?

लोकायुक्त की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, GP मेहरा के विभिन्न परिसरों से भारी संपत्ति मिली है। मणिपुरम कॉलोनी के आवास से ₹8.79 लाख नकद, करीब ₹50 लाख के आभूषण और ₹56 लाख की जमा पूंजी मिली। ओपल रेजेंसी फ्लैट की तलाशी में ₹26 लाख नकद, 2.6 किग्रा सोना (लगभग ₹3.05 करोड़ मूल्य का) और 5.5 किग्रा चांदी बरामद हुई।

लेकिन सबसे हैरान कर देने वाला खुलासा नर्मदापुरम जिले के सैनी गांव में हुआ। यहां स्थित फार्महाउस में लोकायुक्त को 17 टन शहद, छह ट्रैक्टर, 32 निर्माणाधीन और सात तैयार भव्य कॉटेज, दो मत्स्यपालन तालाब, एक गऊशाला और एक मंदिर मिला। साथ ही, यहां फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया, किआ सोनेट और मारुति सियाज़ जैसी कई महंगी कारें भी थीं।

गोविंदपुरा के ‘KT इंडस्ट्रीज’ नामक पीवीसी पाइप निर्माण इकाई से भी भारी मशीनरी, कच्चा माल और ₹1.25 लाख नकद बरामद किया गया, जो मेहरा के पारिवारिक स्वामित्व वाली कंपनी बताई जा रही है। शाम तक की आकलन रिपोर्ट में कुल 36.04 लाख रुपये नकद, 2.649 किग्रा सोना, 5.523 किग्रा चांदी, साथ ही कई फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा-पॉलिसियाँ, शेयर दस्तावेज़, अन्य अचल सम्पत्तियाँ और चार लग्जरी वाहन दर्ज थे।

जब ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति पर करोड़ों की करप्शन के आरोप लगते हैं, तो यह सिर्फ कानून की अवहेलना नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का सीधा घोर उल्लंघन होता है। GP मेहरा की संपत्ति का खुलासा एक चेतावनी है कि चाहे सिस्टम कितना भी मजबूत दिखे, पारदर्शिता और जवाबदेही न होने पर भ्रष्टाचार कहीं भी उग सकता है। अब इस जांच की निष्पक्षता यह तय करेगी कि यह मामला भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई में मिसाल बनेगा या फिर अन्य मामलों की तरह धूल-धूसरित हो जाएगा।

(PO)

इस इमेज में जी.पी मेहरा को देखा जा सकता है।
IAS नहीं थे, लेकिन सिस्टम को चकमा दे गए, 1 साल में सामने आए 5 बड़े फर्जी अफ़सर

Related Stories

No stories found.
logo
hindi.newsgram.com