

भारत में नेताओं और अफसरों के घर में नोटों की गड्डियाँ मिलाना कोई नई बात नहीं है। जितनी बार ऐसे मामले आते हैं, उतनी बार नए-नए तरीके और बहाने की भी चर्चा होती है।
खबर है उत्तर प्रदेश के महारजगंज की ,यहाँ पर भाजपा के एक नेता को रूपये के नोटों से भरे कमरें में देखा गया। मामला जब तूल पकड़ने लगा तो नेताजी ने अपनी सफाई में नए तरीके से बयानबाजी की है और अपने आप को निर्दोष साबित करने की कोशिश किया।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के रहने वाले भाजपा (BJP) के जिला मंत्री गौतम तिवारी (Gautam Tiwari) का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में गौतम तिवारी को एक कमरे में नोटों के बहुत सारी गड्डियों के साथ पकड़ा गया है। इतने ढेर सारे नोटों को देखने के पश्चात ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ये नोटों के बंडल अवैध रूप से कमाए गए हैं। यह मामला अब पूरे सूबे में चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि ये वीडियो फ़िलहाल सोशल मीडिया (Social Media) पर काफी वायरल हो चुका है। ऐसे में भाजपा नेता के सफ़ेद कुर्ते की राजनीति पर भ्रष्टाचार का काला धब्बा लग जाये, इससे पहले ही उन्होंने अपनी सफाई देना शुरू कर दिया है।
मामले से जुड़ा वीडियो जब सभी जगह वायरल हो चुका है तो नेताजी ने अपनी सफाई में काफी कुछ जोड़ने का प्रयास किया है। गौतम तिवारी ने कहा है कि, उनके साथ धोखा हुआ है। यह सब बनारस (Varanasi) की तरफ से आने वाले एक कथित जादूगर ने उनको धोखा देकर उनको ब्लैकमेल करने की कोशिश की है। मामले को विस्तार से समझाते हुए उन्होंने कहा है कि एक आदमी ने वाराणसी (Varanasi) से आकर मुझे और मेरे मित्रों को हवा में हाथ लहराकर पचास हजार रुपये की गड्डी दिखाई। फिर बाद में उसने कहा कि आप लोग ज़मीन का कारोबार करते हैं। आप अपना पैसा लेकर मेरे पास आइये हम इसको बढ़ा देंगे। गौतम तिवारी ने आगे कहा कि इसके बाद उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर 1.43 करोड़ रुपये इकठ्ठा किए और जादूगर को दे दिया। काफी समय बीतने के बाद जब ये एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है तो उन्होंने अपने पैसे माँगने शुरू किये। इसी क्रम में बनारस पहुंचे थे। वहां पहुंचकर जब उन्होंने पैसा माँगा तो उनको पैसे दिखाने के बहाने नोटों से भरे कमरे में ले गए। गौतम तिवारी आगे कहते हैं कि जब उन्होंने पैसे के गड्डियों को छूने का प्रयास किया तो उनको ये कहकर डराया गया कि ये सब तंत्र-मंत्र किया हुआ पैसा है। इसको छूने से अनर्थ हो सकता है। ये वीडियो वहां चोरी से बनाई गई है ताकि वो सब मुझे ब्लैकमेल कर सकें। गौतम तिवारी ने कहा है कि इसके ख़िलाफ़ थाने में शिकायत दर्ज़ कराई है।
इस मामले के बारे में सवाल किये जाने पर कोतवाली पुलिस (Police) का कहना है कि अगर इस तरीके की कोई घटना हुई है तो इसके खिलाफ प्रार्थना पत्र मिलते ही गहन जांच किया जाएगा और किसी भी अपराधी को बख़्शा नहीं जाएगा। हालांकि, अभी तक कोई शिकायत प्रार्थना पत्र मिला नहीं है।
गौतम तिवारी के आरोप सही हैं या गलत, ये जांच के बाद ही साबित हो पाएगा। फिलहाल ये मामला जब से आया है, सूबे में इस तरीके के धोखाधड़ी के प्रति लोग सचेत हो गए हैं।
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