

Summary
सचिन तेंदुलकर दुनिया के सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं (664 मैच)।
सचिन के नाम सबसे ज्यादा वनडे मैच (463) और 18,426 रन का रिकॉर्ड दर्ज है।
विराट कोहली के लिए ये रिकॉर्ड तोड़ना मुश्किल माना जा रहा है क्योंकि उनके पास अब सीमित इंटरनेशनल क्रिकेट बचा है।
कहते हैं भारत में क्रिकेट एक धर्म है, तो सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) उसके भगवान। सचिन भारत के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें फैंस द्वारा भगवान का दर्जा प्राप्त है। इसके पीछे का कारण उनकी उपलब्धियां या रिकॉर्ड्स नहीं हैं, बल्कि खेल के प्रति लगाव और उसका सम्मान करना ही सचिन को महान बनाता है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई खिलाड़ी आए और गए लेकिन मास्टर ब्लास्ट जैसा कोई नहीं आया।
जब सुनील गावस्कर ने क्रिकेट को छोड़ा, तो सबको लगा था कि अब भारत में क्रिकेट खत्म हो गया है लेकिन 1989 में 16 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले तेंदुलकर ने भारतीय क्रिकेट की एक अलग ही किताब लिख दी। इस खिलाड़ी ने 24 साल तक क्रिकेट की दुनिया पर राज किया और जब खेल को अलविदा कहा, तो फैंस की आँखों में भी आंसू थे।
ऐसे में आज हम आपको सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के उन 2 रिकॉड्स के बारे में बताएंगे जो क्रिकेट की किताब में अमर हैं और शायद ही कोई बल्लेबाज यहाँ तक पहुँच पाए। वर्तमान समय में विराट कोहली भी शायद ही इन रिकॉर्ड्स को छू पाएं।
सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने 15 नवंबर 2025 को पाकिस्तान के खिलाफ पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था। 16 साल की उम्र में जब तेंदुलकर ने डेब्यू किया, तो उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि वो क्रिकेट जगत में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड बना देंगे। हालांकि, इसकी झलक पाकिस्तान दौरे पर ही दिख गई थी।
जब चौथा टेस्ट सियालकोट में खेला जा रहा था, तब वकार यूनुस की एक तेज बाउंसर सचिन के नाक पर लगी थी। उनके नाक से खून भी बहने लगा था। बावजूद इसके 16 साल के सचिन ने कहा, 'मै खेलेगा', यही वो पल था, जब सबको लग गया था कि ये खिलाड़ी आगे जाकर धमाल मचाएगा।
आज के समय में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेले हैं। 1989 से लेकर 2013 तक उन्होंने कुल 664 मैच खेले हैं। दूसरे स्थान पर महेला जयवर्धने हैं जिन्होंने 652 मुकाबले खेले हैं। 594 मैचों के साथ संगकारा तीसरे, तो चौथे स्थान पर सनथ जयसूर्या हैं।
उनके नाम 586 मैच खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। पांचवें पर रिकी पोंटिंग (560) जबकि विराट कोहली छठे स्थान पर हैं जिन्होंने 557 मैच खेले हैं। सचिन के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए कोहली को कुल 107 मैच खेलने होंगे।
सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के नाम सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने का रिकॉर्ड तो है ही, साथ ही साथ उनके नाम सबसे ज्यादा वनडे मैच खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इस मामले में भी विराट कोहली काफी पीछे हैं। मास्टर ब्लास्टर ने भारत के लिए 463 वनडे मैच खेले हैं। इस मामले में वो पहले स्थान पर हैं और उनके नाम 18426 रन भी दर्ज हैं।
उनसे नीचे जयवर्धने (448), जयसूर्या (445), संगकारा (404), शाहिद अफरीदी (398) हैं। मतलब विराट कोहली टॉप 5 में भी नहीं हैं। वो इस समय 309 मैचों के साथ 18 वें स्थान पर हैं। सचिन की बराबरी करने के लिए उन्हें 154 मैच खेलने होंगे।
गौर करने वाली बात यह है कि विराट कोहली (Virat Kohli) के लिए सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का रिकॉर्ड तोड़ना इसलिए नामुमकिन है क्योंकि उनके भीतर अब ज्यादा क्रिकेट बची नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि 2027 वर्ल्ड कप उनका आखिरी टूर्नामेंट होने वाला है और इसके बाद वो इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेलने वाले हैं। साथ ही किंग कोहली टेस्ट-टी20 भी छोड़ चुके हैं।
ऐसे में इसकी उम्मीद कम है कि वो सचिन के इस रिकॉर्ड के आसपास भी आ पाएं। सबसे ज्यादा वनडे के लिए उन्हें 154 मैच जबकि सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच के लिए 107 मैच खेलने हैं लेकिन इस साल भारत को लगभग 17 वनडे मैच खेलने हैं जबकि 2027 में भी ये आंकड़ा 15 से ज्यादा नहीं हो सकता है। ऐसे में समीकरण यही कहते हैं कि कोहली इस रिकॉर्ड तक नहीं पहुँच पाएंगे।