

टी20 विश्व कप में अपने मैचों के आयोजन स्थलों को लेकर जारी गतिरोध के बीच बांग्लादेश के क्रिकेटरों ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) के मैचों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। यह चेतावनी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी की विवादास्पद टिप्पणियों के विरोध में दी गई है।
क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (Cricketers Welfare Association of Bangladesh) ने कहा कि बीसीबी की वित्त समिति के अध्यक्ष एम. नजमुल इस्लाम की टिप्पणियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इससे खिलाड़ियों की गरिमा को ठेस पहुंची है।
इससे पहले नजमुल इस्लाम ने बांग्लादेश (Bangladesh) के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को “भारतीय एजेंट” बताया था। तमीम इकबाल ने टी20 विश्व कप (T20 World Cup) के आयोजन स्थल विवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से बातचीत करने का सुझाव दिया था, जिसके बाद यह टिप्पणी सामने आई।
बुधवार को नजमुल इस्लाम ने मीडिया से कहा कि अगर बांग्लादेश (Bangladesh) टी20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लेता है तो बोर्ड को कोई खास नुकसान नहीं होगा, क्योंकि बांग्लादेश टीम भारत जाने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा, “इसमें बोर्ड का कोई मुनाफा या नुकसान नहीं है। बांग्लादेश खेले या न खेले, कम से कम इस विश्व कप के मामले में बोर्ड को कोई लाभ या हानि नहीं होगी।”
इस पूरे विवाद के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (Bangladesh Cricket Board) ने बुधवार शाम एक आधिकारिक बयान जारी कर नजमुल इस्लाम की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया। बीसीबी ने कहा कि ये बयान बोर्ड के मूल्यों और आधिकारिक रुख के अनुरूप नहीं हैं।
बोर्ड ने अपने बयान में कहा, “बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड हाल ही में बोर्ड के एक सदस्य द्वारा की गई टिप्पणियों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहता है, जिनसे चिंता उत्पन्न हुई है। बोर्ड ऐसे किसी भी बयान पर खेद व्यक्त करता है, जिन्हें अनुचित, आपत्तिजनक या आहत करने वाला माना जा सकता है।”
बयान में आगे कहा गया कि इस तरह की टिप्पणियां न तो बीसीबी के मूल्यों और सिद्धांतों को दर्शाती हैं और न ही बांग्लादेश क्रिकेट की सेवा करने की जिम्मेदारी निभा रहे लोगों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप हैं।
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