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टेक्नोलॉजी

मेटा से युसर डाटा अनुरोध के मामले में अमेरिका के बाद, दूसरे नंबर पर भारत

मेटा द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून 2021 के बीच फेसबुक को भारत सरकार से कुल 45,275 अनुरोध प्राप्त हुए जोकि जुलाई से दिसंबर 2020 के दौरान 40,300 थे।

मेटा से युसर डाटा अनुरोध के मामले में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर भारत।(Wikimedia Commons)

भारत एक दफा फिर अमेरिका के बाद यूजर डाटा प्रदान करने के 45,275 अनुरोधों के साथ मेटा की पहली छमाही की लिस्ट में दूसरे नंबर पर है। इस सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ने भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और सुचना प्रौद्योगिकी मत्रालय के निर्देश पर 442 वस्तुओं तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है। पहुंच को प्रतिबंधित करने का यह कारण है की यह सुचना प्रद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A का उल्लंघन करता है जोकि जोकि राज्य की सुरक्षा और सार्वजानिक व्यवस्था के खिलाफ सामग्री को कवर करती है।

मेटा ने एक बयान में कहा, "हमने भारत के चुनाव चुनाव आयोग से प्राप्त रिपोर्टों के जवाब में 22 वस्तुओं पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। इसके अलावा हमने अन्य वैध अदालती आदेशों के जवाब में 65 वस्तुएं और मानहानि की निजी रिपोर्ट्स के हिसाब से 6 वस्तुओं पर प्रतिबन्ध लगा दिया है।"


मेटा द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून 2021 के बीच फेसबुक को भारत सरकार से कुल 45,275 अनुरोध प्राप्त हुए जोकि जुलाई से दिसंबर 2020 के दौरान 40,300 थे।

मेटा ने अपने बयान में ये भी कहा की भारत सरकार ने फेसबुक से 68,485 उपयोगकर्ताओं का डाटा प्रदान करने का अनुरोध किया था जिनमे से 51 फीसदी अनुरोधों को पूरा किया जा चूका है।

मेटा ने इस महीने घोषणा की थीं की सोशल नेटवर्क ने सितम्बर में फेसबुक और इंस्टाग्राम से 30 मिलियन से अधिक सामग्रियों को हटा लिया है।

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वैश्विक स्तर पर 2021 के पहले 6 महीने के दौरान, यूज़र्स डाटा के लिए सरकारी अनुरोधों में 10.5 फीसद की बढ़ोतरी हुई है।

Input-IANS; Edited By-Saksham Nagar

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

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