

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा बयान जारी किया। मीडिया को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। दोनों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
मर्ज का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत जर्मनी के साथ अपनी दोस्ती और पार्टनरशिप को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गुजरात में हम कहते हैं ‘आवकारो मिठो आपजे रे’—यानी स्नेह और आत्मीयता से आपका स्वागत करते हैं। इसी भावना के साथ, हम चांसलर का भारत में दिल से स्वागत करते हैं।"
प्रधानमंत्री (Prime Minister) और जर्मन चांसलर (German chancellor) फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में भारत और जर्मनी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए।
पीएम मोदी ने कहा, "हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे। भारत और जर्मनी सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अत्यंत महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में सुधार के लिए जी4 (G4) के माध्यम से हमारा संयुक्त प्रयास इसी सोच का प्रमाण है।"
प्रधानमंत्री ने चांसलर की यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, "चांसलर मर्ज की ये यात्रा एक विशेष समय पर हो रही है। पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं। ये माइलस्टोन केवल समय की उपलब्धियां नहीं हैं, ये हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, परस्पर विश्वास और निरंतर सशक्त होते सहयोग के प्रतीक हैं...भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत और जर्मनी के बीच तकनीकी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत हुआ है, और आज इसका प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable energy) के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं।"
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई।
[PY]