

भरतीय गणराज्य में जन प्रतिनिधियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार या घोटाले आज के दौर में आम बात हो गए हैं। जनता अपने वोट के माध्यम से एक ऐसी व्यवस्था के निर्माण की उम्मीद करती है जिसमें, उनके एवं समाज के अधिकतम हितों की सुरक्षा हो सके। भारत देश में शासन की पारदर्शिता को लेकर आम जनता में काफी समय से तमाम सवालात बने हुए हैं। बीच-बीच में जन प्रतिनिधियों के कारनामें जनता को हतप्रभ कर देते हैं।
राजस्थान (Rajasthan) राज्य के विधायकों के विधायक निधि से जुड़े मामले जनता के बीच आए हैं और विधायकों ने सुर्खियां बटोर ली। विधायकों द्वारा किये जा रहे घोटाले ने राजस्थान के सियासी पारा को और ऊपर चढ़ा दिया है। सूबे में सनसनी फ़ैल गयी है।
राजस्थान के तीन विधायक रेवंतराम डांगा ,अनिता जाटव , ऋतु बनावत ने पुरे राजस्थान का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है।
बता दें कि इनमें से एक रेवंतराम डांगा, भारतीय जनता पार्टी से विधायक हैं। वहीं दूसरी तरफ अनीता जाटव कांग्रेस पार्टी से विधायक हैं। तीसरे ,ऋतु बनावत निर्दलीय विधायक हैं। स्टिंग ऑपरेशन में विधायकों के द्वारा विधायक निधि से खर्च कए जाने वाले पैसे में कमीशन की मांग को लेकर बेनकाब हुए तीनों ही विधायक, राजस्थान की राजनीति में चर्चा के केंद्र बन गए हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान विधानसभा में तीनों ही विधायकों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। बता दें कि राजस्थान विधान सभा (Assembly) के स्पीकर वासुदेव देवनानी ने तीनों विधायकों को नोटिस जारी होने के बाद मामले को सदाचार कमेटी को सौंप दिया है।
सदाचार कमेटी में कुल 12 विधायक सदस्य हैं, जिनमें से 5 कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं और बाकि 7 भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। सदाचार कमेटी के सभापति कैलाश वर्मा ने कहा है कि विधायकों के आचरण से जुड़े मामले की जांच में किसी भी तरीके का समझौता नहीं होगा। मामले की जांच के लिए 24 दिसंबर तक लगातार बैठके होंगी और सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि विधायकों के साथ क्या करना है।
बता दें की रेवंतराम डांगा सत्तारूढ़ दल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) से विधायक हैं। भारतीय जनता पार्टी में आने से पहले रेवंतराम डांगा आरएलपी ( RLP) से जुड़े थे। बाद में बीजेपी की सदस्यता ली और खींवसर से हनुमान बेनीवाल जी की पत्नी, कनिका बेनीवाल के ख़िलाफ़ चुनाव लड़े और विधायक बने।
अनीता जाटव करौली जिले की रहने वाली हैं। इसी जिले में हिंडौन सीट से विधायक चुनी गयी हैं। बिना राजनीतिक पृष्ठभूमि के अनीता ने कोंग्रेस पार्टी (Congress Party) से चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बनी हैं। इस तरीके की घटना ने उनके पूरे राजनीतिक भविष्य पर एक धब्बा लगा दिया है।
ऋतु बनावत भरतपुर (Bharatpur) जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने साल 2018 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था , पर सफलता हासिल नहीं हुई। साल 2023 के चुनाव में पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज़ ऋतु बनावत ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया और पहली बार विधायक के रूप में चुनी गई।
नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल जी ने प्रेस वार्ता में कहा है कि भाजपा सरकार बने हुए अभी ठीक से दो वर्ष हुए हैं। इस तरीके के वीडियो सामने आने से यह साबित होता है कि भाजपा के राज में भ्रष्टाचार किस स्तर तक बढ़ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सख़्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मामले में भाजपा ,कांग्रेस और निर्दलीय विधायक शामिल हैं ,इससे यह साबित होता है कि ये सभी दल भ्रष्टाचार के मामले में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
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