Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
मनोरंजन

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने पर खुश हूं : बी प्राक

बी प्राक ने 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अपने गीत 'तेरी मिट्टी' के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का खिताब जीता है।

गीत 'तेरी मिट्टी' के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का खिताब जीता है।(wikimedia commons)

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कई प्रतिभाशाली लोगों को पुरस्कारों से नवाजा गया एसे में बी प्राक ने 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अपने गीत 'तेरी मिट्टी' के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का खिताब जीता है। उन्होंने और भी विजेताओं के साथ इस पल को साझा किया है ये उनके लिए खास पल रहा। गायक ने अपनी बड़ी जीत के बारे में कहा, "यह साल बहुत अच्छा रहा है। लेकिन सबसे ज्यादा यह पुरस्कार जीतने का पल खास हैं। मैं बहुत खुश हूं। मुझे लगता है कि मैं बहुत खुशनसीब हूं कि हमने एक टीम के साथ ऐसा गीत बनाया जो हमारे राष्ट्र के लिए गौरव के साथ गूंजता है।"

साथ हि वह कहते हैं कि इस पल को वह कभी नहीं भूलेंगे। "आज का दिन मेरे करियर के लिए अनमोल दिन है उन्होंने कहा। हर कलाकार चाहता है कि उसकी सराहना की जाए और राष्ट्रीय पुरस्कार से बड़ा सम्मान कोई नहीं हो सकता।"

 \u092b\u093f\u0932\u094d\u092e \u0915\u0947\u0938\u0930\u0940 2019 की फिल्म केसरी का मुख्य आकर्षण था(wikimedia commons)




आप को बता दे कि तेरी मिट्टी बी प्राक के गीत को भारत के नागरिक बहुत उल्लास के साथ गाते हैं क्योंकि यह उन्हें देश की खातिर बलिदान हुए सैनिकों की याद दिलाता है। मनोज मुंतशिर द्वारा लिखा गया गाना और अरको द्वारा रचित 2019 की फिल्म केसरी का मुख्य आकर्षण था।

यह भी पढ़ें :परेश रावल : अश्लील कॉमेडी का समर्थन नहीं किया मैंने कभी भी

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा मार्च 2021 में की गई थी। हाल ही में उनका समापन किया गया क्योंकि उन्होंने हमारे सिनेमा में प्रतिभा को सम्मानित किया और उनका जश्न मनाया। आप को बता दे किबी प्राक के अलावा, मनोज बाजपेयी, रजनीकांत, धनुष, कंगना रनौत और विजय सेतुपति जैसे बड़े फिल्म कलाकारों को भारतीय सिनेमा में उनके काम के लिए सम्मानित किया गया है।(आईएएनएस-PS)

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

Popular

By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

Keep Reading Show less
Canva

Transparency: Pardarshita वेब सीरीज सभी युवा लेखकों और अपनी सोच को नई उड़ान देने वालों के लिए एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है।

डॉ. मुनीश रायजादा द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री वेब सीरीज Transparency: Pardarshita, एक नया अध्याय आपके समक्ष प्रस्तुत करती है। इस डॉक्यूमेंट्री वेब सीरीज में गत दशक भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ चले संघर्ष और राजनीतिक पार्टी को जनता द्वारा दिए गए चंदे की असल कहानी को विस्तारपूर्वक बताया गया है। इस वेब सीरीज के माध्यम से जनता और समाज को आइना दिखाने का प्रयास किया गया है।

सूचना

आजादी के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष पर Transparency: Pardarshita वेब सीरीज सभी युवा लेखकों और अपनी सोच को नई उड़ान देने वालों के लिए एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। हम उन सभी भविष्य के विचारकों को आमंत्रित करते हैं जिनमें समाज में वास्तविक सुधार लाने कि प्रतिभा और ललक है।

Keep Reading Show less
“ट्रांसपेरेंसी: पारदर्शिता” वेब सीरीज का नया गीत एलबम| (Transparency)

हम सभी की जिंदगी में गीत – संगीत का अपना महत्व है। यह हमारे जीवन में एक अभिन्न और आवश्यक भूमिका निभाता है। कुछ लोग पढ़ाई के दौरान गाने सुनते हैं। घूमते – फिरते, यात्रा के दौरान, घरों में काम करने के दौरान सभी लोग किसी न किसी तरीके से गाने को सुनते हैं और आनंद लेते हैं। 

गीत या गाने भी कई प्रकार के होते हैं। शास्त्रीय गीत, पॉप गाने, रॉक गाने, रैप गाने, नृत्य गाने, प्रेम गीत आदि। आप सभी ने इन सभी प्रकार के गानों को सुना होगा। लेकिन क्या आपने कभी राजनीति से जुड़ा कोई गाना सुना है? ऐसा गाना जो सत्ताधारियों की असली तस्वीर को शब्दों में पिरो कर बखूबी बयान कर सके? राजनीतिक भ्रष्टाचार को गाने के माध्यम से उजागर करने वाला गीत। क्या कभी सुना है आपने? तो चलिए आज जानते हैं ऐसे ही कुछ गीतों के बारे मेंं। 

Keep reading... Show less