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टेक्नोलॉजी

ओप्पो फाइन्ड एन 5जी नाम से नया स्मार्टफोन लॉन्च कर सकता है : रिपोर्ट

ओप्पो कथित तौर पर जल्द ही अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करने की योजना बना रहा है जिसे फाइन्ड एन 5जी कहा जा सकता है।

ओप्पो कथित तौर पर जल्द ही अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करने की योजना बना रहा है। [Wikimedia Commons]

ओप्पो (Oppo) कथित तौर पर जल्द ही अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करने की योजना बना रहा है। अब एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हैंडसेट को फाइन्ड एन 5जी कहा जा सकता है। टिपस्टर डिजिटल चैट स्टेशन के अनुसार, आगामी फोल्डेबल स्मार्टफोन का नाम फाइन्ड एन 5जी होगा। इसमें एक रोटेटिंग कैमरा मॉड्यूल भी हो सकता है जो उपयोगकर्ताओं को मुख्य सेंसर का उपयोग करके उच्च-गुणवत्ता वाली सेल्फी क्लिक करने की अनुमति देगा।

ऐसा कहा जा रहा है कि यह फोन 7.8 से 8.0 इंच की ओएलईडी स्क्रीन 2के रिजॉल्यूशन और 120हट्र्ज की रेफ्रेश रेट के साथ है। डिवाइस में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट रीडर होने की संभावना है। हुड के तहत, यह स्नैपड्रैगन 888 मोबाइल प्लेटफॉर्म द्वारा संचालित होगा।


foldable phone, OPPO, smartphone, 5G ऐसा कहा जा रहा है कि ओप्पो का यह फोल्डेबल फोन 7.8 से 8.0 इंच की ओएलईडी स्क्रीन 2के रिजॉल्यूशन और 120हट्र्ज की रेफ्रेश रेट के साथ है। [Wikimedia Commons]

रिपोर्ट के अनुसार, डिवाइस के कलरओएस 12 के साथ प्रीइंस्टॉल्ड आने की उम्मीद है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें लेटेस्ट एंड्रॉइड 12 होगा या पिछले साल का एंड्रॉइड 11।

कैमरा डिपार्टमेंट में, डिवाइस में पीछे की तरफ सोनी आईएमएक्स766 50-मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा हो सकता है।

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इसके अलावा, डिवाइस 4,500 एमएएच की बैटरी द्वारा संचालित होगा और इसमें 65 वॉट फास्ट चार्जिग तकनीक का सपोर्ट होगा।

फोल्डेबल स्मार्टफोन के अलावा चीनी कंपनी नेक्स्ट-जेनरेशन ओप्पो (Oppo) रेनो7 सीरीज के स्मार्टफोन भी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। (आईएएनएस)

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

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कन्नड़ फिल्म स्टार पुनीत राजकुमार(Wikimedia Commons)

लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार(Puneeth Rajkumar) का 46 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। इस खबर से कन्नड़ फिल्म इंड्रस्टीज शोक में डूब गई है, वहीं पूरे कर्नाटक में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस.एम. कृष्णा ने पुनीत के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार पुनीत(Puneeth Rajkumar) को जिम में वर्कआउट के दौरान दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें तुरंत विक्रम अस्पताल में भर्ती कराया गया। रंगनाथ नायक ने कहा कि जब उन्हें अस्पताल लाया गया तो उनकी हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की, लेकिन वे पुनीत को नहीं बचा पाए।

जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम को ही पुनीत(Puneeth Rajkumar) की तबीयत बिगड़ गई थी, लेकिन वह डॉक्टर के पास नहीं गए थे। वह सुबह जिम गए, जहां उन्हें सीने में दर्द तेज दर्द हुआ। उन्हें एक निजी क्लिनिक में ले जाया गया जहां उनका ईसीजी किया गया। जांच के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें विक्रम अस्पताल ले जाया गया, जहां दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।

Puneeth Rajkumar अभिनेता पुनीत राजकुमार का 46 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया(wikimedia commons)

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ह्रदय रोग और उच्च रक्तचाप के कारण से होने वाली बीमारियों से अनजान। (pixabay)

एक हैरान कर देने वाले सर्वे के अनुसार, भारत में हृदय रोग के 50 प्रतिशत से अधिक रोगी केवल आपातकालीन स्थिति में ही चिकित्सकीय सलाह लेते हैं, जिससे पता चलता है कि लोगों के बीच हृदय रोग की जागरूकता ना के बराबर है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के पिछले चार वर्षों के तुलना मे पता चला है कि 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में दिल के दौरे के कारण होने वाली मौतों में बढ़ौती हुई है,जो 2016 में 1,940 से बढ़कर पिछले वर्ष के दौरान 2,381 हो गई है। 45-60 आयु वर्ग में, मृत्यु दर 2016 में 8,862 से बढ़कर पिछले वर्ष के दौरान 11,042 हो गई। 60 से अधिक आयु वर्ग में, 2016 में 4,275 की तुलना में पिछले साल 6,612 लोगों की मृत्यु हुई।

"भारत में गैर-संचारी रोग" शीर्षक वाली सर्वेक्षण रिपोर्ट में देश में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बढ़ते मामलों का विश्लेषण करने के लिए 21 राज्यों में 2,33,672 लोगों और 673 सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यालयों को शामिल किया गया। यह शीर्ष व्यापार निकाय एसोचैम द्वारा दिल्ली स्थित थिंक टैंक थॉट आर्ब्रिटेज रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 36-45 वर्ष की आयु से हृदय रोगी वाले लोगों का जोखिम काफी बढ़ गया है। फिर भी 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने माना है कि उन्हें एक वर्ष की पीड़ा के बाद निदान किया गया था। हृदय रोग (सीवीडी) और उच्च रक्तचाप से पीड़ित 40 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने माना है कि उन्हें तीन साल से अधिक समय से अपनी हृदय संबंधित बीमारियों के बारे में पता नहीं था, जबकि लगभग 10 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह किसी भी प्रकार के उपचार की मांग नहीं कर रहे।

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कोरोना वायरस तीव्र मायोकार्डियल चोट और मनुष्य के हृदय प्रणाली को क्षति भी पहुंचा सकता है। (pixabay)

पूरी दुनिया में कोरोना का कहर अभी भी जरी है और कोविड ने गैर-संचारी रोगों के रोगियों के लिए जटिलताओं और स्वास्थ्य जोखिमों को कई गुना बढ़ा दिया है। वैसे तो लगभग 75-80 प्रतिशत कोविड रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है। वे घर पर ही इलाज से ठीक हो सकते हैं, लेकिन यह कोरोना संक्रमण किसी भी रोगी के ऊपर लंबे समय तक दुष्प्रभाव छोड़ सकता है। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां कोविड-19 के लक्षण कई महीनों से बने हुए हैं। यह वायरस इतना खतरनाक है कि यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने के अलावा, वायरस तीव्र मायोकार्डियल चोट और मनुष्य के हृदय प्रणाली को पुरानी क्षति भी पहुंचा सकता है।

कार्डिएक अरेस्ट से पीड़ित कोविड-19 रोगियों की मृत्यु की संभावना उन लोगों की तुलना में अधिक होती है, जो इससे संक्रमित नहीं होते हैं, यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार यह बात सामने आई है । और विशेष रूप से महिलाओं में इसी कारण से मृत्यु का खतरा अधिक होता है। कोविड के परिणाम स्वरूप हृदय की मांसपेशियों में सूजन हो सकता है जिसे मायोकार्डिटिस के रूप में जाना जाता है । यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह हृदय की विफलता का कारण बन सकता है।

आप को बता दे कि पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। ठीक होने की अवधि के दौरान बड़ी संख्या में रोगियों को कार्डियक अरेस्ट हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर मृत्यु हो जाती है। भले ही कोविड वायरस कम हो जाए, लेकिन प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया अति-सक्रिय बनी रहती है यह विशेषज्ञ सुझाव देते हैं । यह अक्सर अन्य अंगों पर हमला करती है। यह देखा गया है कि इनमें से लगभग 80 प्रतिशत रोगियों को कोरोना पॉजिटिव परीक्षण के 2-3 सप्ताह बाद दिल का दौरान पड़ा है।

\u0915\u094b\u0935\u093f\u0921-19 कोविड ने गैर-संचारी रोगों के रोगियों के लिए जटिलताओं और स्वास्थ्य जोखिमों को कई गुना बढ़ा दिया है। (PIXABAY)

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