Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
शिक्षा

उत्तर प्रदेश में यूपी टीईटी पेपर लीक मामले के दोषियों के खिलाफ लगेगा गैंगस्टर एक्ट

आज होने वाली यूपी टीईटी की परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक हो गया था।

यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।


yogi adityanath, up tet 2021, gangster act राज्य की योगी सरकार ने आश्वासन दिया है की दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। (VOA)


प्रश्न पत्र लीक होने के बाद, राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2021 परीक्षा को रद्द कर दिया है और इसे एक महीने में आयोजित करने की घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षार्थियों को कोई भी फॉर्म भरकर दोबारा आवेदन शुल्क जमा नहीं करना होगा।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि एसटीएफ ने मामले में दर्जनों संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

यह भी पढ़ें-
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को "गठबंधन" से डर लगता है

एडीजी ने बताया कि यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अलग-अलग शहरों से लगभग 23 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है- चार लखनऊ से, तीन मेरठ से, एक-एक वाराणसी, गोरखपुर और कौशांबी और 13 प्रयागराज से हैं।

Input-IANS ; Edited By- Saksham Nagar

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें

Popular

इस फोटो को देख कर लग रहा होगा कि यह सभी लोग बादलों में हैं, पर यह लोग दिल्ली की प्रदूषित यमुना नदी में मजबूरन आस्था की डुबकी लगा रहे हैं (Twitter)

"केजरीवाल जी छठी मईया माफ नहीं करेंगी" इस पंक्ति से आप लोग समझ गए होंगे की इस लेख का सार क्या है? दरअसल, वर्तमान समय में संपूर्ण उत्तर भारत में छठ पूजा धूमधाम से मनाई गई थी। लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में ऐसा संभव नहीं हो पाया। सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक यह विषय इस समय चर्चा में बना हुआ है। इसलिए आज हम इस विषय में विस्तृत रूप से बात करेंगे।

कैसे मन रही है दिल्ली में छठ पूजा?

छठ पूजा उत्तर भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। छठ पूजा के अवसर पर नदियां , तालाब और जलाशयों को साफ़ किया जाता है और इनके किनारे पूजा की जाती है। यह त्यौहार नदियों को प्रदुषण मुक्त बनाने की प्रेरणा देती है। तो वहीं दूसरी ओर दिल्ली की गंगा कही जाने वाली यमुना नदी मैं स्थिति पूरी तरह से विपरीत है। यमुना नदी में इतनी गंदगी है कि वहां पर नदी के पानी की जगह दूषित झाग दिखती है। अब आप लोग ही सोचिए की, महिलाएं यमुना नदी में उतर कर भगवान सूर्य को इतने प्रदूषित जल में कैसे अर्द्ध दे सकती हैं। आपको बता दें कि पहले तो दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्थल में छठ पूजा मनाने की अनुमति नहीं दी, लेकिन बाद में दबाव में आकर उन्हें यह अनुमति देनी पड़ी।

Keep Reading Show less

भारत में आधुनिक लिबरल संस्कृति ने, हिन्दुओं को कई गुटों में बाँट दिया है। कोई इस धर्म को पार्टी से जोड़ कर देखता है या किसी को यह धर्म ढोंग से भरा हुआ महसूस होता है। किन्तु सत्य क्या है, उससे यह सभी लिब्रलधारी कोसों दूर हैं। यह सभी उस भेड़चाल का हिस्सा बन चुके हैं जहाँ आसिफ की पिटाई का सिक्का देशभर में उछाला जाता है, किन्तु बांग्लादेश में हो रहे हिन्दुओं के नरसंहार को, उनके पुराने कर्मों का परिणाम बताकर अनदेखा कर दिया जाता है। यह वह लोग है जो इस्लामिक आतंकवादियों पर यह कहते हुए पल्ला झाड़ लेते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, लेकिन जब आतंकी बुरहान वाणी को सुरक्षा बलों द्वारा ढेर किया जाता है तो यही लोग उसे शहीद और मासूम बताते हैं। ऐसे ही विषयों पर मुखर होकर अपनी बात कहने और लिखने वाली जर्मन लेखिका मारिया वर्थ(Maria Wirth) ने साल 2015 में लिखे अपने ब्लॉग में इस्लाम एवं ईसाई धर्म पर प्रश्न उठाते हुए लिखा था कि "OF COURSE HINDUS WON'T BE THROWN INTO HELL", और इसके पीछे कई रोचक कारण भी बताए थे जिनपर ध्यान केंद्रित करना आज महत्वपूर्ण है।

कुरान, गैर-इस्लामियों के विषय में क्या कहता है,

मारिया वर्थ, लम्बे समय से हिंदुत्व एवं सनातन धर्म से जुड़े तथ्यों को लिखती आई हैं, लेकिन 2015 में लिखे एक आलेख में उन्होंने ईसाई एवं इस्लाम से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों को उजागर किया जिसे जानना हम सबके के लिए आवश्यक है। इसी लेख में मारिया ने हिन्दुओं के साथ बौद्ध एवं अन्य धर्मों के लोगों को संयुक्त राष्ट्र में ईसाई एवं इस्लाम धर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी और इसके पीछे उन्होंने यह कारण बताया कि ईसाई एवं इस्लाम दोनों ही धर्मों के बुद्धिजीवी यह मानते हैं कि गैर-ईसाई या गैर-मुस्लिम नर्क की आग में जलेंगे। इसका प्रमाण देते गए उन्होंने क़ुरान की वह आयत साझा की जिसमें साफ-साफ लिखा गया है कि " जो काफिर होंगे, उनके लिये आग के कपड़े काटे जाएंगे, और उनके सिरों पर उबलता हुआ तेल डाला जाएगा। जिस से जो कुछ उनके पेट में है, और उनकी खाल दोनों एक साथ पिघल जाएंगे; और उन्हें लोहे की छड़ों से जकड़ा जाएगा।" (कुरान 22:19-22)

Keep Reading Show less

ट्विटर में हक्कानी नेटवर्क के आतंकवादी का अकाउंट सक्रिय जबकि इस्कॉन जैसी संस्था का ट्विटर हैंडल बंद कर दिया गया है

सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम जिसके द्वारा जनता अपनी बात दुनिया तक पहुंचाती है। अगर यही सोशल मीडिया अल्पिकेशन किसी विशेष प्रोपेगेंडा के लिए काम करने लगे तो दुनिया में उन लोगों का क्या होगा जिन लोगों पर अत्याचार होता है और वह अपने अत्याचार की कहानी सोशल मीडिया के माध्यम से सुनाते हैं।

आप लोग सोच रहे होंगे हम लोग पहेलियां क्यों बुझा रहे हैं, दरअसल हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में जारी हिंदुओं के ऊपर नरसंहार बंद होने का नाम नहीं ले रहा है तो दूसरी तरफ ट्विटर ने एक नया कारनामा कर दिया है जो अत्यंत निंदनीय है। ट्विटर ने इस्कॉन बांग्लादेश जैसे कई ट्विटर हैंडल हटा दिए हैं। आपको बता दें दुनिया तक बांग्लादेश के हिंदुओं की स्थिति बताने के लिए इस्कॉन बांग्लादेश और हिंदू यूनिटी काउंसिल ऑफ बांग्लादेश यह दोनों ट्विटर हैंडल प्रमुख थे जो अब ट्विटर में नहीं है।

Keep reading... Show less